स्ट्रीट फूड्स की लिस्ट में अगर सबसे ऊपर कुछ रखा जाए तो वो मोमोज हैं. वेज हो या फिर नॉन वेज मोमोज… दोनों की खाने का अपना अलग मजा है और अगर इसके साथ तीखी चटनी मिल जाए तो मजा दोगुना बढ़ जाता है. कई लोग तो ऐसे हैं जो मोमोज से ज्यादा चटनी को खाना पसंद करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सड़क किनारे मिलने वाली यह चटनी आपकी सेहत के लिए कितनी फायदेमंद है? वैसे तो घर की बनी चटनी हेल्थ को नुकसान पहुंचाने का काम नहीं करती, लेकिन एशियन फूड साइंस की रिसर्च में स्ट्रीट फूड की चटनी की माइक्रोबायोलॉजिकल क्वालिटी को लेकर चिंता जताई है. इसमें बताया गया है कि यह हेल्थ के लिए कितनी नुकसानदायक साबित हो सकती है.
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रिसर्च में चटनी को लेकर क्या सामने आया?
इस रिसर्च में दिल्ली के स्ट्रीट फूड का टेस्ट किया था. इसमें अलग-अलग स्ट्रीट फूड के साथ-साथ मोमोज और चटनी के सैंपल भी टेस्ट किए गए है. रिसर्च के मुताबिक, 20 मोमोज सैंपल में सिर्फ 9 सैंपल ही खाने के लायक पाए गए, जबकि सभी 20 चटनी सैंपल को खाने लायक नहीं बताया गया. इसका मतलब यह नहीं है कि हर जगह मिलने वाली लाल चटनी खराब होती है. रिसर्च खास तौर पर जिन सैंपल की टेस्ट की गई थी, उनके माइक्रोबियल कंटैमिनेशन की बात करती है.
चटनी में ई कोलाई और स्टेफिलोकोकस जैसे बैक्टीरिया होते हैं मौजूद
हाल ही में उत्तर प्रदेश के कानपुर में फूड सेफ्टी विभाग की कार्रवाई के दौरान मोमोज के साथ परोसी जाने वाली करीब 115 किलो लाल चटनी को नष्ट किया गया है. चटनी भी हेल्थ के लिए खतरा बन सकती है, क्योंकि इसमें ई कोलाई और स्टेफिलोकोकस जैसे बैक्टीरिया पाए जाते हैं. यह आंतों के लिए अच्छे नहीं माने जाते. साथ ही, इसमें कई तरह की मिलावट भी की जाती है.
चटनी में किन चीजों को मिलाया जाता है?
- मोमोज की चटनी को खूबसूरत दिखाने के लिए लाल रंग मिलाया जाता है. इन आर्टिफिशियल कलर्स से लोगों में एलर्जी, स्किन पर रिएक्शन और बच्चों में हेल्थ से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं.
- स्वाद बढ़ाने के लिए कुछ लोग मोनोसोडियम ग्लूटामेट भी मिलाते हैं. अगर इसे लगातार खाया जाए तो सिरदर्द, मतली, बेचैनी या पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है.
- ज्यादा लाल मिर्च का इस्तेमाल- हेल्थ के लिए लाल मिर्च वैसे ही अच्छी नहीं मानी जाती. वहीं, अगर मोमोज में लाल मिर्च का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा तो यह दिखने में अच्छी नहीं लगेगी. मगर यह हेल्थ के लिए काफी नुकसानदायक मानी जाती है.
- चटनी को फ्रेश और गाढ़ा रखने के लिए जैंथिन गम, केराजीनन जैसे स्टेबलाइजर मिलाए जाते हैं. इससे पेट फूलना, पेट में दर्द होने जैसी समस्या हो जाती है. अगर आप लगातार इसे खाते हैं तो परेशानी बढ़ जाती है.
क्या हर लाल चटनी से दूरी बना लेनी चाहिए?
घर पर साफ-सफाई के साथ फ्रेश सामग्री से बनाई गई चटनी और लंबे समय तक खुले में रखी गई चटनी की फूड सेफ्टी एक जैसी नहीं होती. अगर आप बाहर मोमोज खा रहे हैं तो चटनी को बनाने के तरीके पर ध्यान दें. बहुत देर से खुली रखी चटनी को खाने से बचें.
मोमोज के साथ चटनी खाते समय इन बातों का रखें ध्यान
- कोशिश करें कि चटनी फ्रेश हो और सही तरीके से बनाई गई हो. इसके लिए आपको स्ट्रीट फूड के बजाय अच्छी जगह का चुनाव करना होगा.
- जिस जगह पर बर्तन और फूड काउंटर साफ न दिखें, वहां खाने से बचना बेहतर है. आप साफ-सफाई या परोसने के तरीके को भी देख सकते हैं.
- चटनी में बदबू, स्वाद या नॉर्मल बदलाव दिखे तो उसे न खाएं, क्योंकि यह पुरानी हो सकती है.
- अगर आप घर पर मोमोज बना रहे हैं तो चटनी भी फ्रेश चीजों का इस्तेमाल करें. फूड कलर का इस्तेमाल करने से बचें.
- पेट खराब होने, उल्टी, दस्त या बुखार जैसे लक्षण खाने के बाद दिखाई दें तो जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से बात करें.
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