Blood In Cough Causes: खांसी आने पर मुंह से बलगम भी निकलता है. यह बलगम अक्सर ही सफेद या हरे रंग का नजर आता है. लेकिन, अगर कभी बलगम में लाल धारियां या खून के धब्बे नजर आएं तो इसे हेमोप्टाइसिस कहते हैं. हेमोप्टाइसिस कई कारणों से हो सकता है. अक्सर ही लोग बलगम में खून देखते ही किसी बड़ी बीमारी के बारे में सोचने लगते हैं जबकि यह छोटी दिक्कत भी हो सकती है. इसीलिए एकदम से घबराने या टेंशन लेने के बजाय यहां जानिए खांसते हुए बलगम में खून आना (Balgam Me Khoon Aana) किन छोटी-बड़ी दिक्कतों का लक्षण हो सकता है.
यह भी पढ़ें - मलाशय कैंसर की आखिरी स्टेज में क्या होता है? जानिए कैसे दिखते हैं Colorectal Cancer Stage 4 के लक्षण
बलगम में खून आने के कारण
श्वसन नली में इरिटेशन
श्वसन नली में रिटेशन हो सकती है. इस इरिटेशन के कारण श्वसन नली की दीवारों पर हल्की खरोंच लग सकती है जिसके कारण खांसते हुए खून दिखता है.
सूजन होना
शरीर की इंफ्लेमेशन या फिर फेफड़ों की इंफ्लेमेशन के कारण बलगम में खून दिख सकता है. सूजन होने पर फेफड़ों के टिशूज डैमेज होने लगते हैं जिसके कारण खून नजर आता है.
फेफड़ों का इंफेक्शन
फेफड़ों में किसी तरह का इंफेक्शन (Lung Infection) हो जाए तो इससे बलगम में खून नजर आता है. फेफड़ों में कई रक्त धमनियां होती हैं जो शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों को लेकर जाती हैं. ऐसे में इंफेक्शन होने पर कई बार धमनियां फट जाती हैं जिससे खांसते हुए खून नजर आ सकता है.
टीबी, न्यूमोनिया या ब्रोंकाइिटस
ये कुछ ऐसे इंफेक्शंस या कहें बीमारियां हैं जिनमें खांसते हुए मुंह से खून निकलता है. अगर 3 हफ्तों से ज्यादा समय से खांसी हो रही है और खांसते हुए मुंह से खून आ रहा है तो यह टीबी का लक्षण (TB Symptom) माना जाता है.
हार्ट फेलियर
दिल की बीमारी सिर्फ दिल के काम करने को ही प्रभावित नहीं करती है बल्कि इससे फेफड़ों के काम पर भी असर पड़ता है. हार्ट फेलियर में फेफड़ों पर दबाव पड़ने लगता है. इस दबाव के कारण फेफड़ों की कमजोर नसें फट सकती हैं और खांसते हुए बलगम में खून आ सकता है.
फेफडों का कैंसर
फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer) होने पर या किसी और कैंसर के फेफड़ों तक पहुंचने पर बलगम का रंग बदला हुआ नजर आ सकता है या बलगम में खून आने लगता है. अगर आप धूम्रपान करते हैं या करते थे और आपको बलगम में खून नजर आता है तो यह कैंसर का लक्षण हो सकता है.
धमनियों या फेफड़ों पर चोट
अगर शरीर की रक्त धमनियों पर किसी तरह की चोट लग गई है या फिर फेफड़ों पर इंजरी हुई है तो इसके कारण भी खांसते हुए खून आ सकता है.
डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए
अगर आपको लंबे समय तक या लगातार खांसते हुए या बलगम में खून नजर आ रहा है तो डॉक्टर से संपर्क करने में देरी नहीं करनी चाहिए.
यह भी पढ़ें – बर्फ खाने की इच्छा क्यों होती है? जानिए किस कंडीशन में होती है Ice Craving
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Blood In Cough Causes: खांसी आने पर मुंह से बलगम भी निकलता है. यह बलगम अक्सर ही सफेद या हरे रंग का नजर आता है. लेकिन, अगर कभी बलगम में लाल धारियां या खून के धब्बे नजर आएं तो इसे हेमोप्टाइसिस कहते हैं. हेमोप्टाइसिस कई कारणों से हो सकता है. अक्सर ही लोग बलगम में खून देखते ही किसी बड़ी बीमारी के बारे में सोचने लगते हैं जबकि यह छोटी दिक्कत भी हो सकती है. इसीलिए एकदम से घबराने या टेंशन लेने के बजाय यहां जानिए खांसते हुए बलगम में खून आना (Balgam Me Khoon Aana) किन छोटी-बड़ी दिक्कतों का लक्षण हो सकता है.
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बलगम में खून आने के कारण
श्वसन नली में इरिटेशन
श्वसन नली में रिटेशन हो सकती है. इस इरिटेशन के कारण श्वसन नली की दीवारों पर हल्की खरोंच लग सकती है जिसके कारण खांसते हुए खून दिखता है.
सूजन होना
शरीर की इंफ्लेमेशन या फिर फेफड़ों की इंफ्लेमेशन के कारण बलगम में खून दिख सकता है. सूजन होने पर फेफड़ों के टिशूज डैमेज होने लगते हैं जिसके कारण खून नजर आता है.
फेफड़ों का इंफेक्शन
फेफड़ों में किसी तरह का इंफेक्शन (Lung Infection) हो जाए तो इससे बलगम में खून नजर आता है. फेफड़ों में कई रक्त धमनियां होती हैं जो शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों को लेकर जाती हैं. ऐसे में इंफेक्शन होने पर कई बार धमनियां फट जाती हैं जिससे खांसते हुए खून नजर आ सकता है.
टीबी, न्यूमोनिया या ब्रोंकाइिटस
ये कुछ ऐसे इंफेक्शंस या कहें बीमारियां हैं जिनमें खांसते हुए मुंह से खून निकलता है. अगर 3 हफ्तों से ज्यादा समय से खांसी हो रही है और खांसते हुए मुंह से खून आ रहा है तो यह टीबी का लक्षण (TB Symptom) माना जाता है.
हार्ट फेलियर
दिल की बीमारी सिर्फ दिल के काम करने को ही प्रभावित नहीं करती है बल्कि इससे फेफड़ों के काम पर भी असर पड़ता है. हार्ट फेलियर में फेफड़ों पर दबाव पड़ने लगता है. इस दबाव के कारण फेफड़ों की कमजोर नसें फट सकती हैं और खांसते हुए बलगम में खून आ सकता है.
फेफडों का कैंसर
फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer) होने पर या किसी और कैंसर के फेफड़ों तक पहुंचने पर बलगम का रंग बदला हुआ नजर आ सकता है या बलगम में खून आने लगता है. अगर आप धूम्रपान करते हैं या करते थे और आपको बलगम में खून नजर आता है तो यह कैंसर का लक्षण हो सकता है.
धमनियों या फेफड़ों पर चोट
अगर शरीर की रक्त धमनियों पर किसी तरह की चोट लग गई है या फिर फेफड़ों पर इंजरी हुई है तो इसके कारण भी खांसते हुए खून आ सकता है.
डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए
अगर आपको लंबे समय तक या लगातार खांसते हुए या बलगम में खून नजर आ रहा है तो डॉक्टर से संपर्क करने में देरी नहीं करनी चाहिए.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.