Jamhai Aana Kya Bimari Ka Sanket Hai: सुबह उठने के बाद, काम के बीच या फिर आराम करते समय अगर बार-बार जम्हाई आने लगे तो लोग इसे आमतौर पर नींद की कमी या थकान समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है. लेकिन कई बार यह छोटी सी लगने वाली आदत शरीर के अंदर चल रही किसी बड़ी गड़बड़ी का संकेत भी हो सकती है, जिसकी जानकारी होना हर किसी के लिए जरूरी है. हाल के अध्ययन बताते हैं कि लगातार और बिना किसी स्पष्ट कारण के जम्हाई आना सिर्फ सामान्य बात नहीं बल्कि यह शरीर के सिस्टम में बदलाव या दिमाग से जुड़ी कुछ समस्याओं की तरफ इशारा कर सकती है. इसलिए इसे हल्के में लेना सही नहीं माना जाता और इसके पीछे छिपे कारणों को समझना जरूरी हो जाता है. इस स्टोरी में हम इस समस्या के पीछे के कुछ कारणों के बारे में जानेंगे, ताकि आप वक्त रहते अपनी सेहत को बचा सके और स्वस्थ जीवन जी सकें.
दिमाग से जुड़ी समस्याओं का संकेत है ये जम्हाई आना
लगातार और अनियंत्रित जम्हाई कई बार न्यूरोलॉजिकल यानी दिमाग से जुड़ी समस्याओं से भी जुड़ी हो सकती है. रिसर्च में पाया गया है कि इसका संबंध मिर्गी (Epilepsy), स्ट्रोक या ब्रेन में किसी प्रकार की चोट से हो सकता है. कुछ मामलों में यह फ्रंटल लोब सीजर का हिस्सा भी हो सकती है, जिसमें दिमाग का एक खास हिस्सा असामान्य रूप से सक्रिय हो जाता है. ऐसे हालात में शरीर बार-बार जम्हाई लेने लगता है क्योंकि दिमाग के सामान्य कार्य प्रभावित होने लगते हैं. इसलिए अगर जम्हाई के साथ अन्य लक्षण भी दिखें, तो इसे चेतावनी संकेत माना जाता है.
जम्हाई का संबंध सिर्फ दिमाग ही नहीं, बल्कि शरीर के ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम से भी होता है, जो दिल की धड़कन, ब्लड प्रेशर और पाचन जैसे अनैच्छिक कार्यों को नियंत्रित करता है. इस सिस्टम में असंतुलन होने पर भी ज्यादा जम्हाई आ सकती है. रिसर्च में यह भी सामने आया है कि जम्हाई के दौरान शरीर की नसों के सिग्नल कुछ समय के लिए बदल जाते हैं और पैरासिम्पेथेटिक सिस्टम ज्यादा सक्रिय हो सकता है. इसके अलावा, जम्हाई का संबंध दिमाग के तापमान को नियंत्रित करने से भी जोड़ा जाता है. माना जाता है कि जब दिमाग गर्म होने लगता है, तो जम्हाई के जरिए ठंडी हवा अंदर जाकर उसे संतुलित करने में मदद करती है.
हालांकि हर बार जम्हाई आना किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता, क्योंकि अक्सर यह नींद की कमी, ज्यादा काम या थकान के कारण भी हो सकता है. लेकिन अगर जम्हाई बार-बार, बिना वजह और लगातार हो रही हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. खासकर जब इसके साथ चक्कर आना, कमजोरी, ध्यान लगाने में परेशानी या सोचने-समझने में बदलाव जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है. सही समय पर जांच और इलाज से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है, इसलिए जरूरी है कि आप अपनी सेहत का ख्याल रखें और किसी भी असामान्य संकेतों को नजरअंदाज न करें, बल्कि डॉक्टर से उसकी सलाह लें.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.