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Shadi ke Upay: विवाह में देरी, तय रिश्ते टूटने जैसी शादी की अड़चनें दूर करने के 4 उपाय

Shadi ke Upay: हिन्दू धर्म के 16 संस्कारों में से विवाह एक बहुत महत्वपूर्ण संस्कार है। सनातन संस्कृति में विवाह को एक पवित्र बंधन माना गया है। लेकिन शादी के इस पवित्र बंधन की डोर तब बंधेगी, जब यह रिश्ता वह सही समय पर सही पार्टनर से हो। शादी में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए यहां 4 उपाय बताए गए हैं, जिसे अपनाकर इस समस्या से परेशान व्यक्ति लाभ उठा सकते हैं।

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Shadi ke Upay: यदि विवाह करने में परेशानियां आ रही हैं। विवाह होने में बहुत देरी हो रही है। तय किया हुआ रिश्ता टूट जा रहा है। किसी को चाहते हैं या मनचाहे साथी से शादी नहीं हो पा रही है। शादी की राह में आ रही ऐसी अड़चनों को शादी के कुछ प्रभावशाली उपायों से दूर किया जा सकता है। यहां शादी के चार आसान, लेकिन प्रभावी उपाय बताए गए हैं, जिसे करने से आपकी मनोकामना पूरी हो सकती है। आइए जानते हैं, क्या हैं ये उपाय?

गुप्त दान करें

यदि विवाह में बहुत विलंब हो रहा है, तो इस अड़चन को दूर करने के लिए गुप्त दान करें। यह गुप्त दान किसी मंदिर या धर्मशाला में नहीं करना है, बल्कि यह दान उन्हें देना है, जिनकी शादी होने वाली है। किसी की शादी करवाने में आपके दान का प्रतिदान शुभ फल बन कर आपकी शादी के लिए शुभ योग बनाएगा।

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हल्दी जल से स्नान करें

शादी तय होने के बाद भी बात बिगड़ जा रही है, तो इस बाधा को दूर करने के लिए हल्दी जल से स्नान करना फायदेमंद सिद्ध हो सकता है। इसके लिए स्नान के पानी में कम से कम 7 चुटकी हल्दी मिलाएं और फिर उस पानी से स्नान करें। इसे कम से कम 43 दिनों तक करें। जल्द ही शुभ समाचार आएगा।

गौरी शंकर रुद्राक्ष धारण करें

जिन्हें मनचाहा साथी नहीं मिल पा रहा है और विवाह की उम्र निकलती जा रही है, उन्हें गौरी शंकर रुद्राक्ष धारण से विशेष लाभ हो सकता है। इस प्रभावशाली रुद्राक्ष के उपाय से बात बन सकती है। यह रुद्राक्ष किसी भी अच्छे ज्योतिष, पंडित या विश्वसनीय आभूषण विक्रेता के यहां से ले सकते हैं।

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हथेली पर शुक्र पर्वत के उपाय

हथेली में अंगूठे से सटे हुए उभरे भाग को शुक्र पर्वत कहते हैं। इस पर्वत पर कम से कम 43 दिनों तक पीले चंदन का लेप करें। ध्यान रखें कि चंदन को धोना नहीं है, वह खुद-ब-खुद सूख कर निकल जाएगा। मनचाहे साथी से विवाह के लिए यह उपाय काफी प्रभाशाली बताया जाता है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

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First published on: May 13, 2024 04:55 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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