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बना हुआ काम बिगड़ जाता है… मेन गेट पर रखें ‘दृष्टि गणेश’; करेंगे हर समस्या का समाधान

Drishti Ganesha: भगवान श्री गणेश को विघ्नहर्ता और विघ्ननाशक कहा गया है। घर के मेन गेट पर 'दृष्टि गणेश' स्थापित करने से बिगड़े हुए काम भी बन जाते हैं और मन में सोचा हुआ काम भी पूरा हो जाता है। आइए जानते हैं, दृष्टि गणेश का महत्व, उनकी स्थापना के नियम और क्या करें, क्या न करें।

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Drishti Ganesha: हिन्दू धर्म में गणेशजी को विघ्नहर्ता इसलिए कहा जाता है, क्योंकि वे हर बाधा, समस्या और मुश्किलों को दूर करने में सक्षम देवता हैं। जीवन की परेशानियों को दूर करने के लिए वास्तु शास्त्र में गणेशजी की मूर्ति और फोटो लगाने के कई खास नियम और उपाय बताए गए हैं। इन्हीं में से एक है, घर के मेन गेट पर ‘दृष्टि गणेश’ की मूर्ति की स्थापना करना। बता दें, घर या दुकान के अंदर-बाहर आते-जाते समय मुख्य द्वार (Main Gate) पर स्थापित गणेशजी को ‘दृष्टि गणेश’ कहते हैं। आइए जानते हैं, दृष्टि गणेश का महत्व क्या है, घर या दुकान में दृष्टि गणेश लगाने के नियम क्या हैं और क्या नहीं करना चाहिए?

दृष्टि गणेश का महत्व

वास्तु शास्त्र की मान्यता के अनुसार, घर या दुकान के मेन गेट पर दृष्टि गणेश (Drishti Ganesha) स्थापित करने से बिगड़ा हुआ काम भी बन जाता है। जिन लोगों के मन का सोचा हुआ काम नहीं होता है, दृष्टि गणेश के प्रभाव से उनके मन में सोचा हुआ काम मूर्त रूप ले लेता है। मेन गेट पर पर इनको स्थापित करने से घर, दुकान या प्रतिष्ठान में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पाती है। घर या घर के सदस्यों पर किसी की बुरी नजर नहीं लगती है।

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दृष्टि गणेश स्थापना के नियम

वास्तु शास्त्र के अनुसार, दृष्टि गणेश (Drishti Ganesha) की मूर्ति का मुख सदैव उस दिशा में होना चाहिए, जिस दिशा में वह घर की ओर देख रहे हों।

  • घर में दृष्टि गणेश की मूर्ति लाते समय इस बात का ध्यान रखें कि वह बैठी हुई या लेटी हुई मुद्रा में हो, क्योंकि इस प्रकार की प्रतिमा आराम और समृद्धि का प्रतिनिधित्व करती है। दुकान में दृष्टि गणेश की खड़ी मूर्ति स्थापित कर सकते हैं।

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  • सफलता और सकारात्मकता के लिए दृष्टि गणेश (Drishti Ganesha) की सूंड बाईं ओर झुकी होनी चाहिए।
  • दृष्टि गणेश की प्रतिमा के साथ उनका प्रिय भोजन मोदक और उनका वहां चूहा जरूर होना चाहिए।
  • प्रत्येक सुबह दृष्टि गणेश की पूजा करना अनिवार्य है।
  • जहां दृष्टि गणेश स्थापित होते हैं, वहां एक साथ तीन मूर्तियां नहीं होनी चाहिए।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

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First published on: May 12, 2024 06:28 PM

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श्यामनंदन पिछले 20 से अधिक वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहां उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई की है और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से ज्योतिष का सांगोपांग अध्ययन किया है। वे इस क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं और स्वयं एक प्रगतिशील ज्योतिषविद हैं, जो साल 2015 से धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं। धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

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