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स्टेडियम में धोनी के कान में क्या लगा था? कैमरे में कैद हुआ खास डिवाइस, जानिए क्या है इसका काम

भारत-इंग्लैंड का मैच देखने पहुंचे एमएस धोनी के कान में लगा छोटा डिवाइस चर्चा का विषय बना हुआ है. इसे लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं, तो जानते हैं, यह डिवाइस क्या करता है, कैसे काम करता है और इसे खरीदने में कितने रुपये खर्च करने पड़ते हैं.

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MS Dhoni Ear Device: MSD जहां भी नजर आते हैं फैंस की निगाहें उन्हीं पर टिक जाती हैं. भारत और इंग्लैंड के बीच एजबेस्टन में खेले गए मुकाबले के दौरान भी कुछ ऐसा देखने को मिला. यहां छोनी स्टैंड्स में बैठकर मैच का मजा ले रहे थे, लेकिन इस बार चर्चा उनके आने से ज्यादा उनके काम में लगे एक छोटे से डिवाइस की है. सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा है और सवाल भी कि आखिर धोनी ने कान में क्या लगाया हुआ था. आइए जानते हैं.

एजबेस्टन में मैच देखने पहुंचे थे एमएस धोनी

भारत और इंग्लैंड के बीच एजबेस्टन, बर्मिंघम में खेले गए मुकाबले के दौरान एमएस धोनी स्टेडियम में मौजूद थे. इसी दौरान उनके कान में लगा एक छोटा डिवाइस भी कैमरे में कैद हो गया, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.

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आखिर धोनी के कान में लगा डिवाइस क्या है?

धोनी ने जो डिवाइस पहना था, वो कोई हियरिंग एड नहीं है. दरअसल ये एक मिनिएचर स्टेडियम रेडियो रिसीवर है. ये छोटा सा डिवाइस स्टेडियम में बैठे दर्शकों को मैच की लाइव बॉल-बाय-बॉल कमेंट्री सुनने की सुविधा देता है. इससे दर्शक मैच देखते हुए हर गेंद, एक्सपर्ट की राय और मैच से जुड़ी जरूरी जानकारी रियल टाइम सुन सकते हैं.

इंग्लैंड के स्टेडियमों में पुरानी परंपरा

इंग्लैंड के क्रिक्रेट मैदानों में इस तरह के रेडियो रिसीवर का इस्तेमाल कई सालों से होता आ रहा है. वहां स्टेडियम में बैठकर रेडियो कमेंट्री सुनने की एक पुरानी परंपरा है. ब्रॉडकास्टर्स इसके लिए अलग से लाइव ऑडियो प्रसारित करते हैं, जिसे दर्शक इस रिसीवर के जरिए सुन सकते हैं.

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इस डिवाइस का क्या फायदा होता है?

ये डिवाइस हर छोटी जानकारी के लिए काम आता है. कई बार स्टेडियम में बैठने पर दर्शकों को हर जानकारी नहीं मिल पाती, ऐसे में ये डिवाइस काम करता है. इसकी मदद से हर पल की अपडेट तत्काल मिल जाती है. इससे दर्शकों को बड़े स्क्रीन या पब्लिक अनाउंसमेंट पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है.

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स्टेडियम से खरीदा या किराए पर लिया जा सकता है

मैच देखने वाले दर्शक इस रेडियो रिसीवर को स्टेडियम से खरीद भी सकते हैं और चाहें तो किराए पर भी ले सकते हैं. ये डिवाइस सिर्फ स्टेडियम के लोकल ट्रांसमिशन सिस्टम पर काम करता है. जैसे ही दर्शन स्टेडियम सीम के बाहर जाते हैं सिग्नल मिलना बंद हो जाता है.

कितनी होती है इसकी कीमत?

अगर कोई इस डिवाइस को खरीदना चाहता है तो इसकी कीमत करीब 1200 रुपये से शुरू होती है. अलग-अलग मॉडल और फीचर्स के हिसाब से इसकी कीमत 5000 रुपये या उससे ज्यादा तक जा सकती है.

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First published on: Jul 15, 2026 10:17 AM

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About the Author

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत

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