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Lebanon Walkie Talkie Blast: पेजर अटैक के बाद वॉकी टॉकी ब्लास्ट! मोबाइल और लैपटॉप में क्या हैकिंग से ऐसा करना संभव?

Lebanon Walkie Talkie Blast : लेबनान में पेजर अटैक के बाद वॉकी टॉकी ब्लास्ट की घटना सामने आई है। ऐसे में अब सवाल ये है कि क्या मोबाइल और लैपटॉप में हैकिंग से ऐसा करना संभव है। चलिए जानें

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Lebanon Walkie Talkie Blast: लेबनान में हिंसा का दौर जारी है। मंगलवार को पेजर डिवाइस में हुए ब्लास्ट के बाद, बुधवार को हिजबुल्लाह के सदस्यों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले रेडियो वॉकी-टॉकी में भी ब्लास्ट हुए हैं। इन हमलों ने क्षेत्र में तनाव को बढ़ा दिया है और हिजबुल्लाह के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। इन ब्लास्ट में कई लोग मारे गए हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं।

सबसे बड़ी समस्या यह है कि पेजर की तरह वॉकी टॉकी में भी कोई एन्क्रिप्शन नहीं होता। हालांकि लेटेस्ट मॉडल्स में आपको ये सुविधा मिल सकती है लेकिन जिस मॉडल में ये नहीं उसे आसानी से हैक भी किया जा सकता है, लेकिन सवाल ये है कि क्या वॉकी टॉकी की तरह मोबाइल और लैपटॉप में हैकिंग से ऐसा करना संभव है। चलिए इसके बारे में जानें…

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पहले समझिए क्यों होता है ब्लास्ट?

वॉकी-टॉकी, मोबाइल और लैपटॉप में ब्लास्ट होना आम तौर पर बैटरी में शॉर्ट सर्किट, ओवरहीटिंग या किसी एक्सटर्नल डैमेज के कारण होता है। ये उपकरण इलेक्ट्रॉनिक्स से बने होते हैं और अगर इनमें कोई खराबी आ जाती है तो ब्लास्ट हो सकता है।

हैकिंग से ऐसा करना संभव?

पेजर अटैक के बाद वॉकी टॉकी ब्लास्ट! मोबाइल और लैपटॉप में क्या हैकिंग से ऐसा करना संभव?

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हैकिंग के जरिए इन डिवाइस में ब्लास्ट करना बहुत मुश्किल होता है। हालांकि, अगर कोई हैकर डिवाइस के सॉफ्टवेयर में किसी कमजोरी का फायदा उठा ले और बैटरी को कंट्रोल करने वाले सिस्टम को हैक कर ले तो वह ब्लास्ट कर सकता है, लेकिन ऐसा करना बेहद मुश्किल है और इसके लिए बहुत एडवांस्ड  टेक्निकल नॉलेज होना जरूरी है।

आसान शब्दों में कहें तो हैकिंग के जरिए मोबाइल और लैपटॉप में ब्लास्ट करना बहुत मुश्किल है लेकिन असंभव नहीं है। इसलिए इन डिवाइस का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतनी चाहिए और उन्हें रेगुलर चेक करवाते रहना चाहिए।

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स्मार्टफोन में बेहतर सॉफ्टवेयर

पेजर और वॉकी-टॉकी जैसे डिवाइस से आप बेहतर सॉफ्टवेयर की उम्मीद नहीं कर सकते लेकिन आजकल स्मार्टफोन में सॉफ्टवेयर इतना एडवांस है कि वह फोन के हीट होने पर खुद ही वार्निंग शो करने लगता है कि आपका डिवाइस ओवर हीट हो रहा है। ऐसे में आप वक्त रहते फोन से उचित दूरी बना सकते हैं और ऐसे किसी हमले से बच सकते हैं।

स्मार्टफोन में बेहतर सॉफ्टवेयर

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ये भी पढ़ें : Pager Blast in Lebanon: क्या है ये पेजर? जिसके फटने से गई कई लोगों की जान; हैक करना भी आसान?

हैकिंग से कैसे बचें?

मोबाइल और लैपटॉप में हैकिंग से बचने के लिए आप कुछ टिप्स को फॉलो कर सकते हैं। इन डिवाइस के लिए एक लंबा और मजबूत पासवर्ड सेट करें जिसमें वर्ड, नंबर और स्पेशल करैक्टर हो और अपने पासवर्ड को रेगुलर बदलते रहें। इतना ही नहीं आप फोन को सिक्योर करने के लिए डिवाइस में टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन भी ऑन कर सकते हैं।

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2FA डिवाइस में सिक्योरिटी की एक और लेयर ऐड करता है। इसके साथ, आपको अपने अकाउंट में लॉगिन करने के लिए एक पासवर्ड के अलावा एक कोड भी एंटर करना पड़ता है। यह कोड आपके मोबाइल फोन या अन्य डिवाइस पर भेजा जाता है।

First published on: Sep 19, 2024 07:47 AM

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