फोन को फुल चार्ज करना सही या गलत? ये जानकर बदल जाएगी आपकी चार्जिंग की आदत

हर बार फोन को 100 प्रतिशत तक चार्ज करना जरूरी नहीं है. यहां जानिए फोन को कितने प्रतिशत तक चार्ज करना बेहतर है और कब 100% चार्ज करना सही रहता है.

phone charge

फोन को 100% चार्ज करना चाहिए या नहीं? (Image Credit-Unsplash)

स्मार्टफोन की बैटरी खत्म होते ही हमारा पूरा काम रुकने लगता है. यही वजह है कि फोन को चार्ज करते समय ज्यादातर लोग कोशिश करते हैं कि बैटरी 100 प्रतिशत तक पहुंच जाए. लेकिन आगर आप हर बार फोन को फुल चार्ज करते हैं तो यह आदत लंबे समय समें बैटरी की हेल्थ पर असर डाल सकती है. यही कारण है कि Samsung, Apple और Google जैसे ब्रांड अपने फोन में चार्जिंग लिमिट या बैटरी प्रोटेक्शन जैसे फीचर्स देते हैं. ऐसे में सवाल है कि फोन को 100 प्रतिशत तक चार्ज करना सही है या बैटरी की लाइफ बढ़ाने के लिए इससे कम रखा बेहतर है?

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ज्यादा चार्जिंग से बैटरी लाइफ पर पड़ सकता है असर

Samsung की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, Galaxy फोन में बैटरी प्रोटेक्शन फीचर दिया जाता है. इसके जरिए यूजर चार्जिंग लिमिट को 80, 85, 90 या 95 प्रतिशत पर सेट कर सकता है. कंपनी के अनुसार, चार्जिंग लिमिट जितनी कम रखी जाती है, बैटरी की लाइफ को लंबे समय तक बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद मिल सकती है.

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Apple भी देता है चार्जिंग लिमिट का ऑप्श

Apple भी iPhone की बैटरी हेल्थ बनाए रखने के लिए Optimised Battery Charging जैसे फीचर देता है. कंपनी के मुताबिक, चार्ज लिमिट लगाने से बैटरी की लाइफ को बनाए रखने में मदद मिल सकती है. iPhone के इस्तेमाल के तरीके को देखते हुए कुछ मामलों में 95 प्रतिशत की चार्ज लिमिट रखने की सिफारिश की जा सकती है.

Google Pixel में 80% चार्ज लिमिट

Google भी अपने Pixel फोन में बैटरी को लंबे समय तक अच्छी स्थिति में रखने के लिए चार्जिंग लिमिट का विकल्प देता है. कंपनी की के अनुसार, Pixel फोन में चार्जिंग लिमिट को 80 प्रतिशत पर सेट किया जा सकता है। यह सेटिंग लंबे समय तक बैटरी की हेल्थ बनाए रखने में मदद कर सकती है.

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क्या फोन को 100% चार्ज करना गलत है?

ऐसा नहीं है कि फोन को कभी भी 100 प्रतिशत चार्ज नहीं करना चाहिए अगर आपको पूरे दिन फोन इस्तेमाल करना है और ज्यादा बैटरी बैकअप की जरूरत है तो फोन को 100 प्रतिश तक चार्ज करना बिल्कुल ठीक है. परेशानी तब हो सकती है जब बैटरी को लंबे समय तक लगातार 100 प्रतिशत के आसपास रखा जाए.

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बैटरी की क्षमता होती है कम

स्मार्टफोन की बैटरी समय और चार्ज साइकल के साथ धीरे-धीरे अपनी क्षमता खोती है. इसलिए समय बीतने के साथ फोन पहले के मुकाबले जल्दी डिस्चार्ज हो सकता है. बैटरी कितनी जल्दी कमजोर होगी, यह फोन के इस्तेमाल और चार्जिंग की आदतों पर भी निर्भर करता है.

बैटरी बचानी है तो क्या करें?

अगर आपको फोन की बैटरी को लंबे समय तक अच्छी कंडीशन में रखा है, तो रोजाना हर बार 100 प्रतिशत तक चार्ज करन जरूरी नहीं है. आपके फोन में अगर Battery Protection या Charging Limit का ऑप्शन मौजूद है तो जरूरत के हिसाब से इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं, जब लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करना हो और ज्यादा बैकअप चाहिए, तब 100 प्रतिशत चार्ज करना भी ठीक है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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