मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी हैं. ‘खुर्रमशहर’ और ‘सेज्जिल’ जैसी आधुनिक मिसाइलों के साथ तेहरान न केवल पूरे इजरायल, बल्कि खाड़ी देशों में मौजूद लगभग हर अहम अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने की ताकत रखता है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसकी धमकी भी दी है कि अगर अमेरिका हमला करता है तो ईरान खाड़ी में US के ठिकानों को निशाना बनाएगा.
उन्होंने कहा कि अमेरिकी जमीन पर हमला करना मुमकिन नहीं होगा, लेकिन हम इस इलाके में उनके ठिकानों को निशाना बनाएंगे. हम पड़ोसी देशों पर हमला नहीं करेंगे, बल्कि हम उनमें मौजूद US के ठिकानों को निशाना बनाएंगे.
यह भी पढ़ें : ट्रंप के हमले की धमकी का डर? ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने 37 साल में पहली बार तोड़ी अपनी परंपरा
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के पास लगभग 2,000 मिडरेंज बैलिस्टिक मिसाइलें हैं जो पूरे इलाके में हमला कर सकती हैं. आइए जानते हैं, ईरान के बेड़े में वे कौन सी मिसाइलें हैं, जिनकी रेंज में कतर से लेकर तुर्की तक फैले अमेरिकी बेस आ रहे हैं.
खुर्रमशहर मिसाइल : इसे ईरान की सबसे शक्तिशाली और एडवांस लिक्विड-फ्यूल वाली मिसाइल माना जाता है. इसमें एक ‘अल्ट्रा-हैवी’ वारहेड है जो 2,000 किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकता है. यह रेंज पूरे इजरायल, मध्य पूर्व में स्थित कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों और दक्षिण-पूर्वी यूरोप के कुछ हिस्सों को अपने समेट सकती है. इस मिसाइल के जरिए कतर में अल उदेद एयर बेस, बहरीन में US नेवल सपोर्ट एक्टिविटी और कुवैत, इराक, सीरिया, यूएई और सऊदी अरब के अन्य बेस को निशाना बनाया जा सकता है.
यह भी पढ़ें : ईरान ने इजरायल को युद्ध के लिए ललकारा, कहा- शुरुआत करो खत्म हम करेंगे; कतर एयरबेस पर उतरे अमेरिकी परमाणु बॉम्बर
सेज्जिल मिसाइल : मीडियम रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल भी 2,000 किलोमीटर तक मार कर सकती है. यह इजरायल सहित पूरे मध्य पूर्व और दक्षिण-पूर्वी यूरोप के कुछ हिस्सों में टारगेट को भेद सकती है. इसके जरिए कतर में अल उदेद एयर बेस, बहरीन में NSA, कुवैत में कैंप आरिफजान और अली अल सलम एयर बेस, इराक में अल-असद एयर बेस, और यूएई, सऊदी अरब, जॉर्डन और तुर्की में अन्य अहम अमेरिकी ठिकानों को नुकसान पहुंचा सकते हैं.
इमाद और गदर-1 मिसाइल : ये एडवांस मीडियम रेंज की बैलिस्टिक मिसाइलें हैं और 1,700 किलोमीटर की दूरी तक पहुंच सकती हैं. इस मिसाइल के निशाने पर कतर में अल उदेद, बहरीन में NSA, कुवैत में कैंप आरिफजान और अली अल सलम, इराक में अल-असद, यूएई में अल धफरा, तुर्की में इनसर्लिक एयर बेस और जॉर्डन व सीरिया के बेस आ सकते हैं.
यह भी पढ़ें : खतरनाक है ईरान की ‘डांसिंग मिसाइल’, जानिए दुश्मनों को कैसे नचाती है अपने इशारों पर?
फतह-1, हज कासिम, और खैबर शेकन मिसाइल : इन बैलिस्टिक मिसाइलों को मुख्य रूप से IRGC ने बनाया है. इनकी मारक क्षमता 1,400 किलोमीटर है.
डेजफुल मिसाइल : यह ईरान की एक मीडियम रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल है, इसकी मारक क्षमता करीब 1,000 किलोमीटर है.
संबंधित खबरें
FlyDubai विमान में पायलट के हाथ में कहां से आया चाकू? जानें 'इन फ्लाइट' हथियारों की पूरी सच्चाई
11 hrs agoITMS क्या है? मोदी सरकार का ये तोहफा दिल्लीवालों के लिए कैसे वरदान साबित होगा
1 day ago'अल नीनो' क्या है, जो बदल सकता है वर्ल्ड क्लाइमेट, भारत पर कैसा होगा असर?
1 day agoक्या है ERONET और ECINET सिस्टम, SIR प्रक्रिया में सॉफ्टवेयर खुद वोटर लिस्ट से हटा सकता है आपका नाम?
1 day agoFIR और NCR में क्या फर्क है? जानिए कैसे होती है कार्रवाई, प्रवेश वर्मा के खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट
2 days agoक्या दोनों चुनाव आयुक्तों को पद से हटा सकते हैं CEC ज्ञानेश कुमार? जानें क्या हैं नियम, प्रक्रिया और अधिकार
2 days agoFBI Most Wanted List Rules: कैसे तय होती है FBI की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट? जानें चयन प्रक्रिया और कड़े नियम
2 days agoक्या है भारत में सोशल मीडिया यूज करने की मिनिमम एज लिमिट? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दिया बड़ा निर्देश
3 days agoसजा और जुर्माना, मंत्री-विधायक या सांसद अगर मारता है थप्पड़ तो क्या होगा एक्शन? दिल्ली में गरमाया प्रवेश वर्मा का मामला
3 days agoCEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें तो कौन देखेगा चुनाव आयोग का काम, मुख्य चुनाव आयुक्त कैसे देते हैं त्यागपत्र?
3 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines