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मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए खुशखबरी! अब फिलीपींस में भी कर सकेंगे मेडिसिन प्रेक्टिस

Good News for Medical Student: भारतीय मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर है। अब वे फिलीपींस मे रजिस्टर करके मेडिसिन प्रैक्टिस कर सकते हैं। आइए इसके बारे में जानते हैं।

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Good News for Medical Student: भारतीय मेडिकल के स्टूडेंट्स के लिए एक अच्छी खबर है। फिलीपींस सरकार ने चिकित्सा अधिनियम में संशोधन किया है, जिसके तहत भारतीय छात्रों को इस देश में रजिस्ट्रेशन और मेडिसिन प्रैक्टिस करने की अनुमति मिल गई है। यह बदलाव से मेडिकल ग्रेजुएट को फिलीपींस में मेडिकल में करियर बनाने के लिए एक सुनहरा मौका देगा। आइए इसके बारे में जानते हैं।

भारतीय मेडिकल छात्रों के लिए फायदेमंद

फिलीपीन कांग्रेस ने फिलीपीन मेडिकल एक्ट 1959 में कुछ जरूरी संशोधनों को मंजूरी दे दी है, जिससे विदेशी नागरिकों के लिए देश में मेडिसिन प्रैक्टिस करने का रास्ता साफ हो गया है। नए कानून के तहत अन्य देशों के छात्र जो कमीशन ऑन हायर एजुकेशन (CHED) से मान्यता प्राप्त फिलीपीन संस्थान से डॉक्टर ऑफ मेडिसिन की डिग्री पूरी करते हैं और 12 महीने की इंटर्नशिप करते हैं, वे फिलीपींस में रजिस्ट्रेशन और मेडिसिन प्रेक्टिस करने के पात्र होंगे। यह सुधार भारतीय छात्रों के लिए फिलीपींस में चिकित्सा शिक्षा हासिल करने और हेल्थकेयर सेक्टर में अपना करियर शुरू करने के लिए बेहतरीन मौका लाता है।

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इस संशोधन को प्रतिनिधि सभा में भारी बहुमत से पारित किया गया और यह लंबे समय से चले आ रहे 1959 के चिकित्सा अधिनियम की जगह लेगा। इसका उद्देश्य अकैडमिक स्टैंडर्ड को ऊपर उठाना, एथिकल प्रैक्टिस को बढ़ावा देना और इस बात का ध्यान कि फिलीपींस ग्लोबल मेडिकल एजुकेशन में लीडर बना रहे।

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क्या है बदलाव?

आपको बता दें कि  कई देशों जो भार तीयों को शिक्षा का अवसर देते हैं, लेकिन फॉरेन ग्रेजुएट्स के लिए मेडिसिन प्रेक्टिस के अधिकार सीमित करते हैं। ऐसे में  फिलीपींस का नया कानून एक गेम-चेंजर है। CHED-मान्यता प्राप्त कॉलेजों से ग्रेजुएशन करने वाले और अपनी इंटर्नशिप पूरी करने वाले भारतीय छात्र अब फिलीपींस में रजिस्टर करा सकते हैं और मेडिसिन प्रेक्टिस कर सकते हैं। उनकी योग्यताएं भारतीय चिकित्सा आयोग के स्टैंडर्ड के अनुरूप होंगी, जिससे भारत या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडिसिन प्रैक्टिस  करने का एक सही रास्ता मिलेगा।

इससे फिलीपींस भारत के साथ अपने शैक्षिक संबंधों को मजबूत कर सकेगा। ट्रांसवर्ल्ड एजुकेयर के डायरेक्टर और किंग्स इंटरनेशनल मेडिकल अकादमी के निदेशक, कडविन पिल्लई ने कहा कि इससे फिलीपींस को मेडिकल एजुकेशन के लिए एशिया के  केंद्र के रूप में पेश करता है। बता दें कि लगभग 2,000 भारतीय छात्र हर साल अपनी मेडिकल पढ़ाई के लिए फिलीपींस को चुनते हैं। देश की किफायती शिक्षा,  रहने का कम खर्च और बेहतर माहौल इसे इनके लिए लोकप्रिय बनाता है।

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यह भी पढ़ें- विकसित भारत बनने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास जरूरी, अडानी यूनिवर्सिटी में विशेषज्ञों ने साझा किए विचार

First published on: Dec 18, 2024 03:57 PM

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