Indian Railways Profit: न 1st AC, न पैसेंजर ट्रेन! जानिए रेलवे को किस जगह से होती है सबसे मोटी कमाई?

Vande Bharat Express Expansion Logic: जानें भारतीय रेलवे के घाटे और मुनाफे का गणित. AC 3-Tier और AC Chair Car से कमाई और वंदे भारत स्लीपर के क्रेज पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

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Vande Bharat Business Model: आखिर रेलवे क्यों बढ़ा रहा है वंदे भारत? जानें कमाई और मुनाफे का गणित

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भारतीय रेलवे (Indian Railways) लगातार अपने वंदे भारत नेटवर्क (Vande Bharat Express) का विस्तार कर रहा है. हाल ही में चेयर कार के साथ-साथ वंदे भारत स्लीपर सर्विस भी शुरू की गई है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि रेलवे आखिर वंदे भारत ट्रेनों को इतनी तेजी से क्यों बढ़ा रहा है?

इसका जवाब सिर्फ तेज रफ्तार या अच्छी सुविधाएं देना नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बहुत बड़ा बिजनेस मॉडल है. आइए समझते हैं कि वंदे भारत ट्रेनें कैसे रेलवे के मुनाफे का बड़ा जरिया बन रही हैं.

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रेलवे का कौन-सा क्लास देता है मुनाफा?

आपको जानकर हैरानी होगी कि भारतीय रेलवे की ज्यादातर पैसेंजर ट्रेनें और सामान्य डिब्बे घाटे (Loss) में चलते हैं. FY25 में ऑर्डिनरी क्लास (Ordinary) में रेलवे को लगभग 20,705.94 करोड़ रुपये का घाटा हुआ, जबकि फर्स्ट क्लास में 48.77 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया. तो मुनाफा कहां से होता है? मन में ये सवाल आना लाजमी है. दरअसल, पूरे पैसेंजर सेगमेंट में केवल दो ही कैटेगरी ऐसी हैं जो रेलवे को कमाई कराकर देती हैं- AC 3-Tier और AC Chair Car.

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प्रॉफिट के आंकड़े:

AC 3-Tier: वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में इसने रेलवे को ₹3,645.44 करोड़ का मुनाफा कमा कर दिया.

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AC Chair Car: FY25 में इस कैटेगरी से ₹376.77 करोड़ का मुनाफा हुआ.

वंदे भारत इस मॉडल में कैसे फिट बैठती है?
वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों में मुख्य रूप से AC Chair Car और AC Executive Chair Car की सुविधाएं होती हैं. पैसेंजर्स अब समय बचाने और बेहतर सुविधाओं के लिए थोड़ा ज्यादा किराया देने में संकोच नहीं कर रहे हैं. वंदे भारत का किराया शताब्दी से थोड़ा अधिक है, जिससे रेलवे को उस कैटेगरी से अच्छा रेवेन्यू मिल रहा है जो पहले से ही मुनाफे में चल रही है.

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पैसेंजर्स की पहली पसंद बनी वंदे भारत
वंदे भारत ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. FY25 में जहां वंदे भारत से 2.97 करोड़ लोगों ने सफर किया था, वहीं FY26 में यह आंकड़ा बढ़कर 3.98 करोड़ हो गया. यानी सीधे-साीधे 34% का उछाल. साल 2019 में लॉन्च होने के बाद से मार्च 2026 तक वंदे भारत ट्रेनें 1 लाख ट्रिप्स पूरी कर चुकी हैं और 9.1 करोड़ से ज्यादा पैसेंजर्स को मंजिल तक पहुंचा चुकी हैं. सबसे व्यस्त रहने वाले रूट जैसे क‍ि नई दिल्ली – वाराणसी रूट पर अब तक 73 लाख से ज्यादा पैसेंजर्स सफर कर चुके हैं.

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लंबे सफर में नया धमाका
जनवरी 2026 में रेलवे ने वंदे भारत स्लीपर (Vande Bharat Sleeper) की शुरुआत की. पहले 3 महीनों में ही इसने 119 ट्रिप्स में 1.21 लाख यात्रियों को सफर कराया. इसकी ऑक्यूपेंसी रेट (Occupancy Rate) 100% से ज्यादा रही, यानी ट्रेनें पूरी तरह से फुल चल रही हैं. स्लीपर सेगमेंट में AC 3-Tier का होना रेलवे के लिए सोने पर सुहागा है, क्योंकि यह कैटेगरी सालों से सबसे ज्यादा मुनाफा देती आई है.

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बहरहाल, भारतीय रेलवे को हर वर्ग के लोगों के लिए ट्रेनें चलानी होती हैं, जिनमें से कई रियायती दरों पर चलती हैं. लेकिन प्रीमियम ट्रेनों के जरिए रेलवे अपनी कमाई बढ़ा रहा है ताकि आम पैसेंजर्स की सेवाओं को भी संतुलित रखा जा सके. देश भर में चल रहीं 162 वंदे भारत ट्रेनें यह साबित कर रही हैं कि भारत का रेल नेटवर्क अब एक नए और आत्मनिर्भर दौर में प्रवेश कर चुका है.

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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