Akshay Modi Success Story: जब विरासत में मिला बिजनेस पहले से ही चल रहा हो, तो ज्यादातर लोग स्थापित ढर्रे पर चलना ही पसंद करते हैं. लेकिन लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) से पढ़े अक्षय मोदी ने अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि से आगे जाकर एक नया रास्ता चुना.
साल 2009-10 के आसपास, जब भारत में खाने के तेल का बाजार पारंपरिक रिफाइंड ऑयल्स से भरा पड़ा था, तब अक्षय मोदी ने भारतीय उपभोक्ताओं की बदलती सोच को पहचाना और मोदी नेचुरल लिमिटेड (MNL) की नींव को पूरी तरह री-डिजाइन कर दिया. आइए जानते हैं कि कैसे एक नए विजन और सही समय पर सही फैसलों (pivots) की बदौलत MNL आज भारत के तेजी से बढ़ते FMCG और कंज्यूमर ब्रांड्स में शामिल हो चुकी है.
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एक बड़े विजन की शुरुआत: Oleev ब्रांड का जन्म
अक्षय मोदी के नेतृत्व में कंपनी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट रहा उनका फ्लैगशिप ब्रांड Oleev (ओलीव). उस समय भारत में ऑलिव ऑयल (जैतून का तेल) बेहद महंगा और सिर्फ उच्च वर्ग तक सीमित था, जबकि पारंपरिक रिफाइंड ऑयल को लोग अस्वस्थ मानने लगे थे. उन्होंने Oleev Active के रूप में ऑलिव ऑयल और राइस ब्रान ऑयल का एक ऐसा न्यूट्रिशियस ब्लेंड तैयार किया, जो भारतीय कुकिंग (डीप फ्राइंग) के लिए भी परफेक्ट था और जेब पर भी भारी नहीं पड़ता था.
इसका नतीजस ये हुआ कि आज Oleev भारत में मल्टी-सोर्स ऑलिव ऑयल्स की कैटेगरी में लीडिंग ब्रांड्स में गिना जाता है.
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एग्रो-बिजनेस से कंज्यूमर फूड्स और ग्रीन एनर्जी तक
अक्षय मोदी ने कंपनी को सिर्फ ऑयल कंपनी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्होंने बिजनेस को तीन बड़े पिलर्स पर खड़ा किया:
FMCG और पैकेज्ड फूड्स: Oleev के अलावा कंपनी ने हेल्दी स्नैकिंग सेगमेंट में कदम रखा और मखाना, ओट्स, पोहा और पास्ता जैसे रेडी-टू-कुक प्रोडक्ट्स लॉन्च किए.
बी2बी एग्रो-प्रोसेसिंग: राइस ब्रान और सनफ्लावर ऑयल्स की बड़े पैमाने पर प्रोसेसिंग करके देश की दिग्गज एफएमसीजी कंपनियों को सप्लाई करना.
एथेनॉल और ग्रीन एनर्जी (Ethanol Transition): सरकार की एथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी को देखते हुए मोदी नेचुरल्स ने छत्तीसगढ़ में अपनी एथेनॉल डिस्टिलरी प्लांट (Ethanol Distillery) स्थापित की. यह कदम कंपनी के रेवेन्यू को एक नई ऊंचाई पर ले गया.
शेयर बाजार, रेवेन्यू और नेटवर्थ ग्रोथ
एक बिजनेस लीडर के रूप में अक्षय मोदी की सबसे बड़ी उपलब्धि कंपनी के वैल्युएशन और शेयरहोल्डर्स को दिए गए रिटर्न में दिखती है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और NSE पर लिस्टेड Modi Naturals के शेयरों ने पिछले कुछ सालों में निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न दिया है. एथेनॉल बिजनेस और एफएमसीजी पोर्टफोलियो के विस्तार से कंपनी का टॉप-लाइन रेवेन्यू तेजी से बढ़ा है, जो आज 400 करोड़ रुपये से ज्यादा के सालाना आंकड़े को पार कर चुका है.
कंपनी की मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Cap) और प्रोमोटर स्टेक की वैल्यू में हुई बढ़ोतरी ने अक्षय मोदी को भारत के युवा और सफल एग्रो-FMCG एंटरप्रेन्योर्स की कतार में ला खड़ा किया है.