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मार्केट में AI की धूम, क्या इसके Stocks में पैसा लगाने का ये है सही समय?

AI Stocks Trends: चैटGPT की लॉन्च के बाद से AI को लेकर क्रेज बढ़ता जा रहा है। ऐसे में यह सवाल भी जरूरी हो जाता है कि क्या AI स्टॉक्स पर दांव लगाना सही है?

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AI Stocks: चैटजीपीटी की लॉन्च से शुरू हुई जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की धूम ने एनवीडिया को 2022 में AI का पोस्टर स्टॉक बना दिया और यहीं से AI को अपनाने की होड़ शुरू हुई। कंपनियों ने AI डेटा सेंटर, नेटवर्क कम्युनिकेशन और लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) में अरबों का निवेश करना शुरू कर दिया। वर्ष 2023 में कई स्मॉल और लार्ज-कैप टेक स्टॉक में उछाल देखा गया क्योंकि वे AI कोड पर काम कर रहे थे।

क्या अभी जल्दबाजी होगी?

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, HCL, टेक महिंद्रा, TCS और टाटा एलेक्सी जैसी टेक कंपनियों ने 2023 में 20-30% का उछाल देखा और 2024 में एक और सीजनल उछाल देखने को मिला। लेकिन इस उछाल में AI का कितना योगदान है? इसमें कोई संदेह नहीं है कि एआई हमारे जीने और डेटा का उपभोग करने के तरीके को काफी हद तक बदल रहा है, लेकिन क्या अभी भी AI स्टॉक में निवेश करना जल्दबाजी होगी?

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आखिर ROI कहां है?

साल 2000 डॉट कॉम बूम के लिया पहचाना जाता है। इस दौर में निवेशक इंटरनेट से जुड़े हर बिजनेस में आंखें मूंदकर पैसा लगा रहे थे, इसका उन्हें नुकसान भी उठाना पड़ा। शायद उसी नुकसान का सबक था कि निवेशकों ने 2024 में अपने AI निवेश को धीमा कर दिया और यह सवाल पूछना शुरू कर दिया कि ROI (रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट) कहां है? आम भारतीय निवेशक ही नहीं, NASDAQ से जुड़े दिग्गजों का भी यही सवाल है।

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खर्चों में कटौती पर फोकस

द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपन AI को भारी-भरकम घाटे का अनुमान है। वहीं, रॉयटर्स की रिपोर्ट बताती है कि ओपनएआई का सबसे बड़ा शेयरधारक माइक्रोसॉफ्ट अपने माइक्रोसॉफ्ट 365 कोपायलट के लिए आंतरिक और बाहरी दोनों AI मॉडल का उपयोग कर रहा है, ताकि खर्चों में कटौती की जा सके और OpenAI की मौजूदा आधारभूत तकनीक से विविधता लाई जा सके।

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अब AGI पर हो रही चर्चा

ओपनएआई में 14 अरब डॉलर का निवेश करने के बाद माइक्रोसॉफ्ट अब ROI की मांग कर रहा है। चर्चा का विषय जनरेटिव AI से अब आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) में बदल गया है। माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस एक ऐसी प्रणाली है जो 100 अरब डॉलर का मुनाफा कमा सकती है।

कितना तैयार है भारत?

सिस्को के AI रेडीनेस इंडेक्स 2024 के अनुसार, रेडीनेस के छह स्तंभों में से, भारतीय व्यवसाय रणनीति और टैलेंट रेडीनेस के मामले में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। हालांकि, इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा, संस्कृति और गवर्नेंस रेडीनेस में गैप बना हुआ है। अब तक जिन स्टॉक्स को AI बूम से फायदा हुआ है, वो सिर्फ सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर कंपनियों से ही हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि AI इंफ्रास्ट्रक्चर में पैसे का प्रवाह हुआ है।

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इन कंपनियों को फायदा

माइक्रोसॉफ्ट से लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज और TCS तक, सभी बड़ी कंपनियां Nvidia के ग्राफ़िक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) खरीद रही हैं ताकि ऐसे डेटा सेंटर बनाए जा सकें जो AI कंप्यूटिंग को हैंडल कर सकें। मनी ट्रेल ने AI-रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में निवेश को बढ़ावा दिया है, जिससे चिप स्टॉक में तेजी आई है। भारत में, Moschip Technologies और Netweb Technologies को इसका फायदा मिला है।

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Netweb की ऑर्डर बुक मजबूत

Netweb उच्च प्रदर्शन वाले कंप्यूटिंग सॉल्यूशन के डिजाइन और निर्माण में शामिल है। इसकी ऑर्डर बुक 30 जून 2023 तक 994 करोड़ रुपये से बढ़कर सितंबर 2024 (Q2FY24) तक 3.7 अरब रुपये हो गई है। AI सिस्टम से इसकी आय साल-दर-साल 229% बढ़ी और Q2FY24 राजस्व में 14.8% का योगदान दिया। कंपनी ने AI में बढ़ती दिलचस्पी का इस्तेमाल जुलाई 2023 में अपना IPO लॉन्च करने और 631 करोड़ रुपये जुटाने के लिए किया। ऑर्डर पूरे करने के कारण FY24 में इसका राजस्व और शुद्ध लाभ 60% से अधिक बढ़ गया।

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शेयरों में उछाल फिर गिरावट

IPO लॉन्च के बाद से एक साल में Netweb के शेयर की कीमत में भी 189% की वृद्धि हुई और फिर वृद्धि रुक ​​गई, 26 जुलाई 2024 और 10 जनवरी 2025 के बीच शेयर में केवल 8.9% की वृद्धि हुई। एक संभावित कारण यह हो सकता है कि शेयर 151x के प्राइस-टू-अर्निंग (PE) रेश्यो पर कारोबार कर रहा है, जो उद्योग के औसत 59.9x से बहुत अधिक है। एक अन्य कारण पहली छमाही में मौसमी कमजोरी हो सकती है। दिलचस्प बात यह है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने सितंबर 2024 की तिमाही में कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 2023 के 9.69% से बढ़ाकर 12.13% कर दी।

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Moschip भी उसी राह पर

Moschip Technologies के शेयर की चाल भी ऐसी रही। जुलाई 2023 और जुलाई 2024 के बीच इसमें 255% की तेजी आई, जिसके बाद 29% की गिरावट देखने को मिली। रिलायंस और टेक महिंद्रा जैसी दिग्गज आईटी कंपनियों ने अपनी एआई रणनीति तैयार कर ली है। लेकिन सवाल यह है कि क्या वे एआई से पैसा कमा रही हैं?

अभी लगेंगे कुछ साल

एआई अभी भी एक नया उद्योग है जिसे वांछित रिटर्न प्राप्त करने के लिए कम से कम पांच से आठ साल चाहिए। यह 2011 में Zomato में निवेश करने जैसा है। हालांकि, AI एक ऐसा क्षेत्र है जिस पर नजर रखने की जरूरत है क्योंकि कंपनियां इसे अपने लिए कारगर बनाने के हर संभव प्रयास कर रही हैं। भविष्य की इस टेक्नोलॉजी में निवेश करने के लिए कुछ बातों पर ध्यान देने की जरूरत है। जैसे कि संबंधित प्रोडक्ट/टेक्नोलॉजी की वर्तमान में मांग और भविष्य में उसमें तेजी की कितनी संभावना है? क्या कंपनी के पास मजबूत प्रोडक्ट रोडमैप है?

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रोडमैप का अध्ययन जरूरी

भारत में टेक स्टॉक्स डिमांड में तेजी का आनंद ले रहे हैं। Moschip और Netweb जैसी AI इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों की ऑर्डर बुक पहले से मजबूत है और इसका सीधा असर उनके राजस्व पर पड़ रहा है। AI विकास का अगला चरण इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनियां अपनी AI रणनीति को कितना अच्छा मोनेटाइज करती हैं। लिहाजा, निवेशकों को AI स्टॉक्स पर दांव लगाने से पहले कंपनी के रोडमैप का अध्ययन करना चाहिए।

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First published on: Jan 15, 2025 12:42 PM

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