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Ladki Bahin Yojana Updates: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा एक्शन! लाडकी बहिन योजना से कटे 92 लाख महिलाओं के नाम, जानें क्या है वजह

Maharashtra Mukhyamantri Majhi Ladki Bahin Yojana 2026: महाराष्ट्र सरकार ने वेरिफिकेशन के बाद लाडकी बहिन योजना से 92 लाख से अधिक अपात्र लाभार्थियों के नाम हटा दिए हैं। सरकार ने यह कार्रवाई क्‍यों की है? पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।

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अगर आप महाराष्‍ट्र के रहने वाले हैं और मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के लाभार्थी हैं, तो ये खबर आपके ल‍िए है। दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने अपनी सबसे महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना (Mukhyamantri Majhi Ladki Bahin Yojana) को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला कदम उठाया है। पूर राज्‍य में वेरिफिकेशन अभियान चलाने के बाद, सरकार ने इस योजना से 92 लाख से अधिक लाभार्थियों के नाम हटा दिए हैं। सरकार ने जो आंकड़ा पहले बताया था, वह 80 लाख था, लेक‍िन नया आंकड़ा इससे कहीं ज्‍यादा है।

आसान शब्दों में कहें तो योजना में शामिल हर 10 में से लगभग 4 महिलाओं का नाम इस लिस्ट से कट चुका है। आइए जानते हैं कि सरकार ने इतनी बड़ी संख्या में नाम क्यों हटाए और इसके पीछे क्या वजह रही।

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क्यों कटे 92 लाख लाभार्थियों के नाम?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वेरिफिकेशन के दौरान कई स्तरों पर गड़बड़ियां और अपात्र लोग पाए गए:

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  1. eKYC न होना (सबसे बड़ी वजह): लगभग 62 लाख (67%) लाभार्थी ऐसे थे, जिन्होंने अनिवार्य इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर (eKYC) प्रक्रिया को पूरा नहीं किया था।
  2. आय सीमा से अधिक होना: करीब 16 लाख (17%) परिवार ऐसे मिले जिनकी सालाना आमदनी योजना की तय सीमा (2.5 लाख रुपये ) से ज्यादा थी।
  3. सरकारी नौकरी: लगभग 4.42 लाख परिवारों में कोई न कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी निकला।
  4. अन्य योजनाओं का लाभ: करीब 3.6 लाख लोग पहले से ही संजय गांधी निराधार योजना का फायदा ले रहे थे।
  5. एक ही परिवार में कई लाभार्थी: लगभग 2.5 लाख मामलों में एक ही परिवार के दो से अधिक सदस्य इसका लाभ उठा रहे थे।
  6. उम्र सीमा और अन्य: करीब 1.8 लाख लोग 65 वर्ष की ऊपरी आयु सीमा को पार कर चुके थे। चौंकाने वाली बात यह है कि इस लिस्ट में करीब 29,000 पुरुष भी लाभार्थी बनकर पैसे उठा रहे थे।

अब तक दिए जा चुके थे 14000 करोड़ रुपये
अधिकारियों के मुताबिक, जिन लाभार्थियों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें भुगतान रोकने से पहले औसतन 10 महीने तक सहायता राशि मिल चुकी थी। इस तरह अपात्र लोगों के खाते में लगभग 14000 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की जा चुकी थी।

क्या है लाडकी बहिन योजना?
2024 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले शुरू हुई इस योजना का बजट 60000 करोड़ रुपये से अधिक का है। इसके तहत 21 से 65 वर्ष की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, बशर्ते उनके परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से कम हो। इस छंटनी के बाद अब लाभार्थियों की संख्या घटकर करीब 1.5 करोड़ रुपये रह गई है, जो पहले 2.43 करोड़ तक पहुंच गई थी।

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महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने बताया कि विधानसभा चुनावों और आचार संहिता के कारण eKYC की प्रक्रिया तुरंत शुरू नहीं की जा सकी थी, जिसके कारण अगस्त 2025 में यह फैसला लिया गया और अब बिना eKYC वाले खातों में पैसे भेजना बंद कर दिया गया है।

First published on: Jul 13, 2026 10:32 AM

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