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Indian Railways: वेटिंग टिकट पर यात्रा करने और मिडिल बर्थ के इस नए नियम को जानते हैं आप? परेशानी से बचने के लिए पढ़ें

Indian Railways: भारत दुनिया के सबसे लंबे रेल नेटवर्क में से एक है। 177 साल पुरानी भारतीय रेलवे 68,000 किलोमीटर से अधिक किलोमीटर तक के डिस्टेंस को कवर करती है, जिसमें लाखों लोग हर रोज सफर करते हैं। ConfirmTkt के सह-संस्थापक और सीओओ श्रीपाद वैद्य ने आईएएनएस को बताया, ‘दैनिक आधार पर, यह बताया गया […]

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Indian Railways: भारत दुनिया के सबसे लंबे रेल नेटवर्क में से एक है। 177 साल पुरानी भारतीय रेलवे 68,000 किलोमीटर से अधिक किलोमीटर तक के डिस्टेंस को कवर करती है, जिसमें लाखों लोग हर रोज सफर करते हैं। ConfirmTkt के सह-संस्थापक और सीओओ श्रीपाद वैद्य ने आईएएनएस को बताया, ‘दैनिक आधार पर, यह बताया गया है कि भारत में लगभग 23 मिलियन यात्री ट्रेन से यात्रा करते हैं, ऐसे में रेलवे यात्रा का एक प्रमुख स्रोत है।’

क्या जानते हैं आप ये नियम

यदि आपको अपने अंतिम गंतव्य के लिए टिकट नहीं मिलता है, तो आप उसी ट्रेन में किसी पहले के गंतव्य के लिए टिकट बुक कर सकते हैं, यदि उपलब्ध हो। ट्रेन में चढ़ने पर आप TTE से ही बात करके आगे के स्टेशनों के लिए टिकट ले सकते हैं। हालांकि, टिकट किसी अलग सीट के लिए हो सकता है।

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मिडिल बर्थ का प्रयोग करें, लेकिन…

मिडिल बर्थ को लेकर रेलवे का सख्त नियम है। यात्री दिन के दौरान बर्थ को खोल नहीं सकते क्योंकि यात्री निचली और ऊपरी बर्थ को बैठने के लिए उपयोग में लेते हैं। यात्री रात 10 बजे से केवल सुबह 6 बजे तक ही मिडिल बर्थ पर सो सकते हैं।

यात्रियों के पास है ये फायदा

यात्री अक्सर मूल बोर्डिंग स्टेशन पर अपनी ट्रेनों में चढ़ने से चूक जाते हैं। तो यात्रियों को मौका देते हुए टू-स्टॉप नियम लागू होता है, जिससे टिकट कलेक्टर सीट किसी अन्य यात्री को नहीं दे सकता। यानी अगर कोई ट्रेन छोड़ देता है तो वह अगले दो स्टेशनों से भी अपनी सीट ले सकता है।

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First published on: Aug 10, 2023 03:56 PM

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