ईरान-इजरायल युद्ध के बीच भारत के लिए आई बड़ी खुशखबरी, देश का 'खजाना' ऑल टाइम हाई

RBI के अनुसार, इस वृद्धि का मुख्य कारण विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (एफसीए) में आई बढ़ोतरी है, जो भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा हैं. ये एसेट्स (परिसंपत्तियां) 561 मिलियन डॉलर बढ़कर 573.125 अरब डॉलर हो गईं.

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मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद ईरान के साथ तनाव चरम पर पहुंच गया है. ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जो वैश्विक तेल व्यापार का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है. इस संकरे समुद्री रास्ते से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस का निर्यात होता है, और ईरान की चेतावनी के बाद जहाजों की आवाजाही लगभग ठप पड़ गई है. इस बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है.

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ऑल टाइम हाई पर पहुंचा विदेशी मुद्रा भंडार


भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को जारी आंकड़ों में बताया कि 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 4.885 अरब डॉलर बढ़कर 728.494 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो कि ऑल टाइम हाई है. यह आंकड़ा पिछले सप्ताह के मुकाबले काफी मजबूत है, जब भंडार 2.119 अरब डॉलर घटकर 723.608 अरब डॉलर रह गया था. इससे पहले 13 फरवरी को समाप्त सप्ताह में भंडार 725.727 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर था, लेकिन अब नया रिकॉर्ड दर्ज किया गया है.

गोल्ड रिजर्व में भी हुई बढ़ोतरी


RBI के अनुसार, इस वृद्धि का मुख्य कारण विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (एफसीए) में आई बढ़ोतरी है, जो भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा हैं. ये एसेट्स (परिसंपत्तियां) 561 मिलियन डॉलर बढ़कर 573.125 अरब डॉलर हो गईं. इनमें यूरो, ब्रिटिश पाउंड और जापानी येन जैसी मुद्राओं के मूल्य में उतार-चढ़ाव का असर भी शामिल होता है. इसके अलावा गोल्ड रिजर्व में भी शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई. भारत का गोल्ड रिजर्व 4.141 अरब डॉलर बढ़कर यह 131.63 अरब डॉलर पहुंच गया. विशेष आहरण अधिकार (SDR) 2.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.87 अरब डॉलर हो गया, जबकि आईएमएफ में भारत का आरक्षित पद 15.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.87 अरब डॉलर रहा.

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यह मजबूत भंडार भारत के लिए एक बड़ा सहारा साबित हो रहा है, खासकर जब होर्मुज संकट के कारण तेल आयात पर दबाव बढ़ रहा है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह रिकॉर्ड स्तर वैश्विक अस्थिरता के बीच रुपये की रक्षा करने और आयात बिल का प्रबंधन करने में मददगार साबित होगा.

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Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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