ईरान-इजरायल युद्ध से दुनिया पर छाया क्रूड ऑयल का संकट, जानिए भारत के पास कितने दिन का स्टॉक?

ईरान ने जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है, जो विश्व की 20 प्रतिशत से अधिक तेल आपूर्ति का मार्ग है. ईरानी सेना के एक वरिष्ठ कमांडर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाया जाएगा.

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मिडिल ईस्ट में छिड़ा तनाव अब खुले युद्ध की शक्ल ले चुका है, जहां अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई ने ईरान को गहरी चोट पहुंचाई है. ईरानी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों में अब तक 1,145 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें सर्वोच्च नेता अली खामेनेई सहित कई शीर्ष मंत्री, सैन्य कमांडर और सरकारी अधिकारी शामिल हैं. इधर, ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा संकट मंडराने लगा है. आशंका जताई जा रही है कि भारत समेत दुनिया के कई देशों को युद्ध के चलते क्रूड ऑयल की कमी का सामना करना पड़ सकता है.

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वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट


ईरान ने जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है, जो विश्व की 20 प्रतिशत से अधिक तेल आपूर्ति का मार्ग है. ईरानी सेना के एक वरिष्ठ कमांडर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाया जाएगा. इस कदम से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में उथल-पुथल मच गई है और कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं. भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि देश की लगभग 40 प्रतिशत कच्ची तेल आपूर्ति इसी मार्ग से आती है.

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विपक्ष के दावे पर सरकार का जवाब

भारत में तेल संकट को लेकर किए जा रहे विपक्ष के दावों के बीच शुक्रवार को पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों ने बड़ी जानकारी दी. सूत्रों के अनुसार, देश में कच्चे तेल का स्टॉक 25 दिनों की आवश्यकता के लिए पर्याप्त है, और मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) समेत अन्य रिफाइनरियों में भी भंडार सुरक्षित हैं. हालांकि हालिया डिसरप्शन के कारण कुछ यूनिट्स बंद हुईं, लेकिन ओवरऑल स्थिति कंट्रोल में है.

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‘घबराने की कोई आवश्यकता नहीं’


मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि भारत अब होर्मुज पर निर्भरता कम कर चुका है, और अन्य वैश्विक स्रोतों से आयात बढ़ाया गया है. तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) के मोर्चे पर भी चीजें सहज हैं, क्योंकि कुल एलएनजी का मात्र 30 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज से आता है. विविधीकरण की दिशा में अमेरिका से एलएनजी आयात को कुल का 10 प्रतिशत तक पहुंचाया गया है. इसके अलावा, घरेलू उपयोग के लिए LPG के आज के ऑर्डर से आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, जबकि देश की विशाल रिफाइनिंग क्षमता घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है. सूत्रों ने कहा, ‘घबराने की कोई आवश्यकता नहीं, देश कंफर्टेबल पोजिशन में है.’

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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