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ईरान-इजरायल युद्ध से दुनिया पर छाया क्रूड ऑयल का संकट, जानिए भारत के पास कितने दिन का स्टॉक?

ईरान ने जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है, जो विश्व की 20 प्रतिशत से अधिक तेल आपूर्ति का मार्ग है. ईरानी सेना के एक वरिष्ठ कमांडर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाया जाएगा.

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Written By: Akarsh Shukla Updated: Mar 6, 2026 16:47

मिडिल ईस्ट में छिड़ा तनाव अब खुले युद्ध की शक्ल ले चुका है, जहां अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई ने ईरान को गहरी चोट पहुंचाई है. ईरानी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों में अब तक 1,145 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें सर्वोच्च नेता अली खामेनेई सहित कई शीर्ष मंत्री, सैन्य कमांडर और सरकारी अधिकारी शामिल हैं. इधर, ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा संकट मंडराने लगा है. आशंका जताई जा रही है कि भारत समेत दुनिया के कई देशों को युद्ध के चलते क्रूड ऑयल की कमी का सामना करना पड़ सकता है.

वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट


ईरान ने जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है, जो विश्व की 20 प्रतिशत से अधिक तेल आपूर्ति का मार्ग है. ईरानी सेना के एक वरिष्ठ कमांडर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाया जाएगा. इस कदम से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में उथल-पुथल मच गई है और कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं. भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि देश की लगभग 40 प्रतिशत कच्ची तेल आपूर्ति इसी मार्ग से आती है.

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विपक्ष के दावे पर सरकार का जवाब

भारत में तेल संकट को लेकर किए जा रहे विपक्ष के दावों के बीच शुक्रवार को पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों ने बड़ी जानकारी दी. सूत्रों के अनुसार, देश में कच्चे तेल का स्टॉक 25 दिनों की आवश्यकता के लिए पर्याप्त है, और मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) समेत अन्य रिफाइनरियों में भी भंडार सुरक्षित हैं. हालांकि हालिया डिसरप्शन के कारण कुछ यूनिट्स बंद हुईं, लेकिन ओवरऑल स्थिति कंट्रोल में है.

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‘घबराने की कोई आवश्यकता नहीं’


मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि भारत अब होर्मुज पर निर्भरता कम कर चुका है, और अन्य वैश्विक स्रोतों से आयात बढ़ाया गया है. तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) के मोर्चे पर भी चीजें सहज हैं, क्योंकि कुल एलएनजी का मात्र 30 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज से आता है. विविधीकरण की दिशा में अमेरिका से एलएनजी आयात को कुल का 10 प्रतिशत तक पहुंचाया गया है. इसके अलावा, घरेलू उपयोग के लिए LPG के आज के ऑर्डर से आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, जबकि देश की विशाल रिफाइनिंग क्षमता घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है. सूत्रों ने कहा, ‘घबराने की कोई आवश्यकता नहीं, देश कंफर्टेबल पोजिशन में है.’

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First published on: Mar 06, 2026 04:45 PM

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