मिडिल ईस्ट संकट के बीच एलपीजी किल्लत से जूझ रहे देश के इंडस्ट्रियल और कमर्शियल यूजर्स के लिए गुरुवार को सरकार की तरफ से बहुत बड़ी राहत भरी खबर आई है. अमेरिका-ईरान शांति समझौते और होर्मुज स्ट्रेट के दोबारा खुलने के बाद एलपीजी की ग्लोबल सप्लाई में बड़ा सुधार हुआ है. इसे देखते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नॉन-डोमेस्टिक पैक्ड एलपीजी की सप्लाई पर लगी सभी सेक्टोरल पाबंदियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है.
अब देश में कमर्शियल पैक्ड एलपीजी की सप्लाई को पश्चिम एशिया संकट से पहले वाले स्तर पर पूरी तरह बहाल कर दिया गया है.
बल्क एलपीजी में 50% की ढील
इसके अलावा, संकट की शुरुआत में जिस बल्क एलपीजी की सप्लाई को पूरी तरह से सस्पेंड कर दिया गया था, उसके नियमों में भी अब 50 फीसदी तक की ढील दे दी गई है. यानी कमर्शियल और इंडस्ट्रियल यूजर्स अब संकट से पहले वाली अपनी कुल खपत का 50% बल्क एलपीजी ले सकेंगे. मंत्रालय के मुताबिक, यह फैसला घरेलू स्तर पर बढ़े एलपीजी प्रोडेक्शन और इंपोर्ट्ड एलपीजी कार्गो की आसान उपलब्धता को देखते हुए लिया गया है.
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पेट्रोकेमिकल सेक्टर को फिर मिलेंगे C3-C4 स्ट्रीम्स
वैश्विक संकट के दौरान देश में घरेलू एलपीजी की कमी न हो, इसके लिए सरकार ने 'आवश्यक वस्तु अधिनियम' का इस्तेमाल किया था. इसके तहत C3-C4 स्ट्रीम्स को पेट्रोकेमिकल और अन्य डाउनस्ट्रीम उपयोगों से रोककर पूरी तरह एलपीजी उत्पादन में लगा दिया गया था. अब स्थिति सुधरने पर सरकार ने एलपीजी पूल में C3-C4 स्ट्रीम्स के इस डायवर्जन को कम करने का फैसला किया है.
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घरेलू रसोई गैस पर नहीं पड़ेगा कोई असर
सरकार ने साफ किया है कि उद्योगों को दी गई इस राहत से आम जनता को मिलने वाली घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता पर कोई आंच नहीं आएगी. गैर-एलपीजी उपयोग के लिए C3-C4 स्ट्रीम्स का आवंटन इसी शर्त पर बढ़ाया जाएगा कि देश का कुल घरेलू एलपीजी उत्पादन 40,000 मीट्रिक टन प्रति दिन से कम न हो.
डाटा मॉनिटरिंग और PNG पर रहेगा पूरा फोकस
भविष्य की प्लानिंग और सप्लाई मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को सभी कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों का एक व्यापक और यूनिफाइड डेटाबेस बनाए रखने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही, सरकार देश में पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
मिडिल ईस्ट संकट के बीच एलपीजी किल्लत से जूझ रहे देश के इंडस्ट्रियल और कमर्शियल यूजर्स के लिए गुरुवार को सरकार की तरफ से बहुत बड़ी राहत भरी खबर आई है. अमेरिका-ईरान शांति समझौते और होर्मुज स्ट्रेट के दोबारा खुलने के बाद एलपीजी की ग्लोबल सप्लाई में बड़ा सुधार हुआ है. इसे देखते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नॉन-डोमेस्टिक पैक्ड एलपीजी की सप्लाई पर लगी सभी सेक्टोरल पाबंदियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है.
अब देश में कमर्शियल पैक्ड एलपीजी की सप्लाई को पश्चिम एशिया संकट से पहले वाले स्तर पर पूरी तरह बहाल कर दिया गया है.
बल्क एलपीजी में 50% की ढील
इसके अलावा, संकट की शुरुआत में जिस बल्क एलपीजी की सप्लाई को पूरी तरह से सस्पेंड कर दिया गया था, उसके नियमों में भी अब 50 फीसदी तक की ढील दे दी गई है. यानी कमर्शियल और इंडस्ट्रियल यूजर्स अब संकट से पहले वाली अपनी कुल खपत का 50% बल्क एलपीजी ले सकेंगे. मंत्रालय के मुताबिक, यह फैसला घरेलू स्तर पर बढ़े एलपीजी प्रोडेक्शन और इंपोर्ट्ड एलपीजी कार्गो की आसान उपलब्धता को देखते हुए लिया गया है.
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पेट्रोकेमिकल सेक्टर को फिर मिलेंगे C3-C4 स्ट्रीम्स
वैश्विक संकट के दौरान देश में घरेलू एलपीजी की कमी न हो, इसके लिए सरकार ने ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ का इस्तेमाल किया था. इसके तहत C3-C4 स्ट्रीम्स को पेट्रोकेमिकल और अन्य डाउनस्ट्रीम उपयोगों से रोककर पूरी तरह एलपीजी उत्पादन में लगा दिया गया था. अब स्थिति सुधरने पर सरकार ने एलपीजी पूल में C3-C4 स्ट्रीम्स के इस डायवर्जन को कम करने का फैसला किया है.
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घरेलू रसोई गैस पर नहीं पड़ेगा कोई असर
सरकार ने साफ किया है कि उद्योगों को दी गई इस राहत से आम जनता को मिलने वाली घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता पर कोई आंच नहीं आएगी. गैर-एलपीजी उपयोग के लिए C3-C4 स्ट्रीम्स का आवंटन इसी शर्त पर बढ़ाया जाएगा कि देश का कुल घरेलू एलपीजी उत्पादन 40,000 मीट्रिक टन प्रति दिन से कम न हो.
डाटा मॉनिटरिंग और PNG पर रहेगा पूरा फोकस
भविष्य की प्लानिंग और सप्लाई मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को सभी कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों का एक व्यापक और यूनिफाइड डेटाबेस बनाए रखने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही, सरकार देश में पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.