साल का बोनस (Annual Bonus) मिलते ही दिल में खुशियों की लहर दौड़ जाती है. महीनों की कड़ी मेहनत के बाद खाते में आई यह मोटी रकम अक्सर हमें छुट्टियों पर जाने, नया स्मार्टफोन खरीदने या अपनी पसंदीदा चीजें जुटाने के लिए उकसाती है.
बोनस का कुछ हिस्सा अपनी खुशियों पर खर्च करने में कोई बुराई नहीं है. लेकिन पूरे बोनस को सिर्फ शौक-मौज में उड़ा देना आपकी जेब के लिए भारी पड़ सकता है. बोनस के पैसों का सही इस्तेमाल कैसे करें ताकि आपका भविष्य फाइनेंशियली सुरक्षित हो सके, आइये जानते हैं.
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सबसे पहले निपटाएं महंगा कर्ज
बोनस मिलते ही सबसे पहला सवाल यह होना चाहिए कि क्या आपके ऊपर कोई महंगा कर्ज है? अगर आप क्रेडिट कार्ड का बिल या ज्यादा ब्याज वाला पर्सनल लोन चुका रहे हैं, तो बोनस का एक हिस्सा इसे खत्म करने में लगाएं. कर्ज चुकता करने से जो ब्याज बचेगा, वह एक तरह से आपकी गारंटीड बचत ही है. यह किसी भी अनिश्चित निवेश (Investment) से बेहतर रिटर्न देता है.
इमरजेंसी फंड (Emergency Fund) को करें मजबूत
अगर आपका कर्ज कंट्रोल में है, तो दूसरी प्राथमिकता इमरजेंसी फंड होनी चाहिए. क्योंकि अचानक नौकरी छूट जाना, मेडिकल इमरजेंसी या कोई पारिवारिक खर्च बिना बताए आते हैं. इसलिए जरूरी है कि कुछ पैसा इनके लिए रखा जाए.
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बाजार नियामक SEBI भी निवेश शुरू करने से पहले एक मजबूत इमरजेंसी फंड और पर्याप्त इंश्योरेंस (Insurance) रखने की सलाह देता है. बोनस के पैसे से कम से कम 3 से 6 महीने के खर्च का बैकअप जरूर बनाएं.
भविष्य के लक्ष्यों के लिए करें निवेश
कर्ज चुकाने और इमरजेंसी फंड बनाने के बाद बचे हुए पैसों को लंबी अवधि के लक्ष्यों (Long-term Goals) के लिए इन्वेस्ट करें. सारा पैसा एक ही जगह न लगाएं. निवेश का फैसला अपने रिस्क (Risk Appetite), समय (Time Horizon) और जरूरतों के हिसाब से ही करें. अपने पोर्टफोलियो में विविधता रखें ताकि आपका पैसा सुरक्षित रहे और बेहतर रिटर्न मिल सके.
डिवाइड एंड रूल फाॅर्मूला अपनाएं
बोनस के पैसों का सही इस्तेमाल करने का सबसे प्रैक्टिकल तरीका यही है कि आप इसे अलग-अलग हिस्सों में बांट दें. जैसे कि एक हिस्सा महंगा कर्ज चुकाने के लिए खर्च करें. दूसरा हिस्सा इमरजेंसी फंड के लिए और तीसरा बचा हुआ हिस्सा लॉन्ग टर्म के निवेश के लिए इस्तेमाल करें.
आप चाहें तो इसका छोटा हिस्सा खुद की और परिवार की खुशियों पर खर्च करने के लिए रख सकते हैं. थोड़ा सा पैसा अपनी पसंद की चीजों पर बिना किसी गिल्ट (Guilt) के खर्च करें, क्योंकि बहुत सख्त बजट प्लान को लंबे समय तक फॉलो करना मुश्किल होता है.
इन गलतियों से बचें
- तुरंत फैसले न लें: बोनस आते ही तुरंत खरीदारी का मन न बनाएं. कुछ दिन रुकें, जब शुरुआती उत्साह थोड़ा कम हो जाए, तब ठंडे दिमाग से अपने वित्तीय गणित को समझकर फैसला लें.
- नया मंथली खर्च न बढ़ाएं: बोनस के पैसे से ऐसी महंगी कार या चीजें न खरीदें जिनकी मंथली ईएमआई (EMI) आपकी रेगुलर सैलरी पर बोझ बन जाए. बोनस एक बार मिलने वाली कमाई है, जबकि ईएमआई हर महीने देनी होगी.
बोनस का सही इस्तेमाल हर व्यक्ति की स्थिति के हिसाब से अलग हो सकता है. अगर कर्ज का बोझ है तो उसे कम करें, अगर आर्थिक बैकअप कमजोर है तो उसे मजबूत करें और अगर आपकी नींव मजबूत है तो लंबी अवधि के लिए निवेश करें. मकसद सिर्फ एक होना चाहिए, यह बोनस आपकी ओवरऑल फाइनेंशियल स्थिति को मजबूत बनाए.