हममें से ज्यादातर लोग अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा सेविंग्स अकाउंट (बचत खाते) में ही छोड़ देते हैं. हमें लगता है कि पैसा बैंक में है तो पूरी तरह सुरक्षित है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बैंक खाते में बहुत ज्यादा पैसा रखना भी आपकी जेब के लिए नुकसानदेह हो सकता है? अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि आखिर सेविंग्स अकाउंट में कितना पैसा रखना चाहिए और इस पैसे को कब खर्च करना चाहिए. पर्सनल फाइनेंस (Personal Finance) के नियम इस बारे में क्या कहते हैं, जानें.
सेविंग्स अकाउंट क्यों जरूरी है?
सबसे पहले इस बात को समझें कि सेविंग्स अकाउंट हमारी वित्तीय सुरक्षा की नींव है. इसके कई फायदे हैं. जैसे कि लिक्विडिटी (Liquidity). यानी जब चाहें, तुरंत पैसा निकाल सकते हैं. दूसरा फायदा है सुरक्षा और ब्याज. आपातकालीन स्थिति के लिए सुरक्षित जगह और थोड़ा-बहुत ब्याज भी मिल जाता है. सैलरी रिसीव करने, बिल भरने और रोजाना के छोटे-बड़े खर्चों के लिए यह सबसे आसान जरिया है.
सेविंग्स अकाउंट में कितना पैसा रखना चाहिए?
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के अनुसार, आपको अपने सेविंग्स अकाउंट में केवल 1 से 2 महीने के खर्च के बराबर पैसा और एक छोटा सा बफर (Buffer Amount) ही रखना चाहिए. इसके लिए 50/30/20 का रूल अपनाएं.
50/30/20 का बजटिंग रूल क्या है?
अपने पैसों को सही तरीके से मैनेज करने के लिए 50/30/20 नियम अपनाएं:
50% हिस्सा (जरूरतें): घर का किराया, ईएमआई (EMI), राशन, बिजली का बिल, इंश्योरेंस और पढ़ाई जैसे अनिवार्य खर्च.
30% हिस्सा (इच्छाएं): घूमना-फिरना, बाहर खाना, शॉपिंग और मनोरंजन.
20% हिस्सा (बचत और निवेश): इमरजेंसी फंड, म्यूचुअल फंड, एफडी या भविष्य के लिए इन्वेस्टमेंट.
बैंक में बहुत ज्यादा पैसा क्यों नहीं रखना चाहिए?
अगर आप अपने सेविंग्स अकाउंट में जरूरत से ज्यादा पैसा रखते हैं, तो आपको यह नुकसान होता है:
सेविंग्स अकाउंट के पैसे का इस्तेमाल कब करें?
सेविंग्स अकाउंट का फंड सिर्फ आपातकालीन स्थिति (Unplanned Emergencies) या बहुत छोटे समय के खर्चों के लिए होता है.
- अचानक नौकरी छूट जाने पर
- मेडिकल इमरजेंसी आने पर
- घर या गाड़ी की बहुत जरूरी मरम्मत के लिए
कब इस्तेमाल न करें:
गैर-जरूरी लाइफस्टाइल खर्चों के लिए जैसे कि नया फोन खरीदना, पार्टी करना या वेकेशन पर जाना. लंबे समय के वित्तीय लक्ष्यों के लिए, क्योंकि यह महंगाई से मुकाबला नहीं कर सकता.
सेविंग्स अकाउंट में 1 से 2 महीने का खर्च रखकर बाकी के पैसों को सही जगह इन्वेस्ट करना ही समझदारी है. अपने पैसों को सिर्फ बैंक में जमा रखने के बजाय उन्हें ऐसी जगहों पर लगाएं जहां से आपको महंगाई को पछाड़ने वाला रिटर्न मिल सके.