देश के करीब 70 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के मन में इस वक्त एक ही सबसे बड़ा सवाल घूम रहा है- 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) कब लागू होगा? आयोग का गठन हुए 9 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है. 3 नवंबर 2025 को इसका गठन किया गया था, लेकिन अब तक इसने अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है.
हाल ही में केंद्र सरकार ने संसद में इस पर स्थिति साफ कर दी है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि अभी तक न तो नए वेतन, भत्ते और पेंशन की रूपरेखा तय हुई है और न ही इसे लागू करने की तारीख तय की गई है.
Ration Subsidy New Rule: अब बैंक खाते में आएंगे राशन के पैसे! 30 दिन में अनाज नहीं खरीदा तो डूब जाएगी सब्सिडी
संसद में वित्त राज्य मंत्री का बयान
लोकसभा में एक लिखित सवाल का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने अभी तक अपनी सिफारिशें (Report) प्रस्तुत नहीं की हैं. इसका सीधा मतलब यह है कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अभी नया सैलरी स्ट्रक्चर, बढ़ा हुआ डीए (DA), भत्ते और रिटायरमेंट बेनिफिट्स जानने के लिए और इंतजार करना होगा.
आयोग को गठन की तारीख से रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है, जिसकी अंतिम समय-सीमा मई 2027 तक है. हालांकि, संशोधित वेतन कब से लागू होगा, इस पर सरकार ने कोई संकेत नहीं दिया है.
70 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स पर असर
इस अनिश्चितता से उन 35.77 लाख कर्मचारियों और 33.76 लाख पेंशनर्स में उत्सुकता और चिंता दोनों बनी हुई है, जो इस वेतन आयोग के दायरे में आते हैं. हालांकि इसमें रक्षा पेंशनभोगी शामिल नहीं हैं, फिर भी प्रभावित लोगों की कुल संख्या लगभग 70 लाख है.
Gig Workers NPS Pension Scheme: जोमैटो, स्विगी और ब्लिंकिट डिलीवरी बॉयज के लिए खुशखबरी! सिर्फ 99 रुपये में शुरू कर सकेंगे पेंशन स्कीम, जानें डिटेल
पेंशनभोगी संगठनों की क्या हैं मांगें?
लगभग 10 लाख पेंशनभोगियों का प्रतिनिधित्व करने वाले भारत पेंशनभोगी समाज (BPS) ने 7 अगस्त को आयोग के अधिकारियों से मुलाकात कर कुछ बड़ी मांगें रखी हैं. अभी महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) साल में केवल 2 बार (जनवरी और जुलाई) संशोधित होता है. संगठन की मांग है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए इसे हर 3 महीने (तिमाही) में बदला जाए. जैसे ही महंगाई राहत (DR) 25% के पार पहुंचे, उसे बेसिक पेंशन में मिला दिया जाए ताकि पेंशनर्स की खरीदारी क्षमता बनी रहे.
बीपीएस ने न्यूनतम पेंशन 45000 रुपये और न्यूनतम बेसिक सैलरी 69000 रुपये तय करने का प्रस्ताव भी रखा है. उन्होंने सैलरी और पेंशन बढ़ाने के लिए 3.83 के फिटमेंट फैक्टर की मांग की है, जो NC-JCM स्टाफ साइड की सिफारिशों के मुताबिक है. लंबे 10 साल के अंतराल से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए सैलरी और पेंशन की समीक्षा हर 5 साल में करने की बात भी कही गई है.
बहरहाल, 8वें वेतन आयोग को अपनी अंतिम सिफारिशें सौंपने के लिए मई 2027 तक का समय मिला हुआ है. ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को नए पे-स्केल और भत्तों की सटीक जानकारी के लिए आयोग की आधिकारिक रिपोर्ट आने का ही इंतजार करना होगा.