गुजरात में बेरोजगारी के मुद्दे पर बीजेपी के पूर्व मंत्री जवाहर चावड़ा ने अपनी ही पार्टी की सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. चावड़ा ने दावा किया है कि उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले मुख्यमंत्री से युवाओं की बेरोजगारी के मुद्दे पर मुलाकात का समय मांगा था, लेकिन अब तक उन्हें कोई जवाब नहीं मिला.
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क्या बोले जवाहर चावड़ा?
जवाहर चावड़ा ने राज्य की व्यवस्था को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि अब इस व्यवस्था को बदलने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल से वे गुजरात के अलग-अलग गांवों में जाकर युवाओं से मिले और उनकी समस्याएं सुनीं. उनके मुताबिक, युवाओं में रोजगार को लेकर निराशा और नाराजगी है.
शुरू करेंगे रोजगार सहायता अभियान
इसी के साथ जवाहर चावड़ा ने ‘रोजगार सहायता अभियान’ शुरू करने का ऐलान किया है. उनका कहना है कि यह अभियान बिना किसी भेदभाव के युवाओं की रोजगार संबंधी समस्याओं को सामने लाने के लिए चलाया जाएगा और इसके लिए हेल्पलाइन भी शुरू की गई है. चावड़ा के इन बयानों के बाद गुजरात बीजेपी के भीतर और सरकार की रोजगार नीति को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है. हालांकि, मुख्यमंत्री या राज्य सरकार की ओर से चावड़ा के इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है.