Swati Pandey
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Vastu Tips For Home: हर इंसान को पैसे की चाह होती है। पैसे के लिए इंसान दिन-रात मेहनत करता है। फिर भी कुछ लोगों के पास पैसा नहीं रुकता है। ऐसे में आपको मेहनत के साथ-साथ कुछ बातों का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। प्रेमानंद जी महाराज द्वारा बताए गए कुछ उपायों को अपनाकर आप भी सुखी जीवन जी सकते हैं। वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी ने बताया कि अगर को धन प्राप्ति की कामना रखता है तो उसे अपनी बिस्तर को बिखड़ा हुआ नहीं छोड़ना चाहिए। इसके अलावा भी प्रेमानंद जी महाराज ने धन की स्थिरता को लेकर कई उपाय बताए हैं। आइए अब बारी-बारी से धन लाभ और उसकी स्थिरता के उपाय जानते हैं।
प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं, कि सुबह उठने के बाद बिस्तर को बिखरा हुआ न छोड़ें। सबसे पहले अपने विस्तर को व्यवस्थित रखें फिर कोई अन्य कार्य करें। महाराज जी कहते हैं कि बिखरे हुए बिस्तर से घर में नकारात्मकता प्रवेश करती है। साथ ही साथ लक्ष्मी जी भी रूठ जाती हैं।
गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने अन्न को बह्म कहा है। अन्न का अपमान यानी साक्षात ब्रह्मा का अपमान है। इसी बात को प्रेमानंद जी ने अपने शब्दों में कहा कि जिस थाली में आप खाना खाते हैं, उस थाली में खाना के बाद कभी हाथ नहीं धोना चाहिए। यह एक प्रकार से अन्न का अपमान है। मनुष्य के इस कर्म से अन्नपूर्णा माता और भगवान ब्रह्मा नाराज हो जाते हैं। परिणामस्वरूप ऐसा करने वाले व्यक्ति के घर में दरिद्रता का वास होने लगता है। इसलिए इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए।
प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, व्यक्ति को कभी भी गंदे कपड़े नहीं पहनने चाहिए और न ही कपड़े उतारकर इधर- उधर फेकना चाहिए। गंदा घर असफलता का घर होता है। ऐसे घर में कभी सुख- संपन्नता नहीं आती है। अगर आप चाहते है कि आप धन-धान्य से परिपूर्ण रहें तो घर को हमेशा स्वच्छ यानी साफ-सुथरा रखें।
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प्रेमानंद जी महाराज कहते है कि मंदिर में कभी खाली हाथ नहीं जाना चाहिए। जब भी दर्शन करने जाएं तो मंदिर में कुछ न कुछ अवश्य लेकर जाएं और भगवान से अपनी समस्या और मनोकामना सच्चे मन से बताएं। भगवान आपकी मनोकामना जरूर पूरी करेंगे।
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हिंदू धर्म में कुछ विशेष तिथि और दिन को बाल, नाखून काटने की मनाही है। प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि अमावस्या, एकादशी, मंगलवार, गुरुवार, और शनिवार को बाल और नाखून नहीं काटने चाहिए। इन दिनों में बाल और नाखून काटने से ग्रह प्रभावित होते हैं। परिणामस्वरूप व्यक्ति को ग्रह जनित कष्टों को झेलना पड़ता है।
हिंदू धर्म में दिशा का विशेष महत्व है। शयन से लेकर पूजन तक के लिए खास दिशा है। दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके कभी पूजा नहीं करनी चाहिए। देवी-देवताओं की पूजा करने के लिए यह दिशा उचित नहीं हैं। इसके अलावा पूजन समाप्त होने के बाद आसन को उठाकर साफ स्थान पर रखना चाहिए। ऐसा करने से देवी-देवता और पितरों की कृपा बनी रहती है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
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