Palmistry Grille Marks: हस्तरेखा शास्त्र यानी Palmistry एक भारतीय विज्ञान है, जिसकी रचना आज से कई साल पहले की गई थी. इसमें व्यक्ति के हाथ की हथेली की बनावट, रेखाओं और पर्वतों का अध्ययन करके उसके व्यक्तित्व, स्वभाव और फ्यूचर का अनुमान लगाया जाता है. हस्तरेखा शास्त्र में हथेली पर जाली का निशान बनना भी एक महत्वपूर्ण संकेत माना गया है, जिसके जरिए किसी भी व्यक्ति की गुप्त बातों के बारे में जाना जा सकता है. हालांकि, हथेली के अलग-अलग पर्वतों पर जाली का डिजाइन बनना एक जैसा संकेत नहीं देता है.
आइए अब जानें हथेली पर जाली का डिजाइन बनना कब शुभ होता है और कब इसे एक अशुभ संकेत माना जाता है.
गुरु पर्वत
तर्जनी उंगली के नीचे वाले हिस्से को गुरु पर्वत कहा जाता है, जहां पर छोटी-छोटी बहुत सारी जाली का बनना शुभ नहीं होता है. ऐसे व्यक्ति के अंदर अहंकार बहुत ज्यादा होता है, जिसके कारण घर में आएदिन क्लेश होता है. साथ ही वैवाहिक जीवन खुशहाल नहीं रहता है. वहीं, जिन लोगों की हथेली पर इस जगह एक छोटी जाली स्पष्ट बनती है, वो काफी लकी होते हैं. ऐसे लोग जीवन में जो चाहते हैं, उसे हासिल करके ही दम लेते हैं.
शनि पर्वत
मध्यमा उंगली के नीचे वाले हिस्से को शनि पर्वत कहा जाता है, जहां पर जाली का डिजाइन बनना अशुभ होता है. ऐसे लोग कामचोर और आलसी होते हैं, जिनके जीवन में सफल होने की संभावना बहुत कम होती है.
मंगल पर्वत
हथेली के बीच का भाग मंगल पर्वत कहलाता है, जहां पर जाली का डिजाइन बनना शुभ नहीं होता है. ऐसे लोगों को बहुत ज्यादा गुस्सा आता है, जिसके कारण इन्हें ही सबसे ज्यादा परेशानी होती है. इसके अलावा इनके शत्रु भी बहुत होते हैं, जो इन्हें शांति से जीवन व्यतीत नहीं करने देते हैं.
बुध पर्वत
कनिष्ठिका उंगली के नीचे वाले हिस्से को बुध पर्वत कहा जाता है, जहां पर अत्यधिक जाली का बनना अशुभ होता है. ऐसे लोगों का स्वभाव सरल होता है, जो आसानी से लोगों की बातों में आ जाते हैं. ये दूसरों का अच्छा करने के चक्कर में अपना ही नुकसान करवा बैठते हैं. इसके अलावा इन्हें खुद के व्यापार में सफलता मिलने की संभावना कम रहती है.
सूर्य पर्वत
अनामिका उंगली के नीचे वाला हिस्सा सूर्य पर्वत कहलाता है, जहां पर जाली का डिजाइन बनना एक अशुभ संकेत है. ऐसे लोगों को समाज में कभी भी मान-सम्मान नहीं मिलता है और न ही ये अपने जीवन से संतुष्ट होते हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी हस्तरेखा शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.