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Bhagyashali Ratna: ये 4 रत्न दूर करते हैं लव मैरिज की रुकावट, परिवार की रजामंदी भी होती है हासिल

Bhagyashali Ratna: अक्सर प्रेम विवाह में परिवार की नाराजगी बड़ी बाधा बन जाती है. ज्योतिष में कुछ रत्नों को रिश्तों में सामंजस्य बढ़ाने वाला माना गया है. जानिए, कौन-से 4 रत्न लव मैरिज की राह आसान कर सकते हैं?

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Bhagyashali Ratna: अक्सर लवर्स को परिवार की रजामंदी नहीं मिलती है. लिहाजा उनका अफेयर दम तोड़ देता है. अभी भी परिवार वाले प्रेम विवाह को मानने को तैयार नहीं होते हैं. ज्योतिष शास्त्र में इसका कारण ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति को माना गया है. ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य बताते हैं, इसके लिए घबराने की जरूरत नहीं है. कुछ खास रत्नों को धारण करने से न केवल रुकावटें दूर होंगी, बल्कि परिवार की रजामंदी भी हासिल होती है.

ओपल (Opal)

ज्योतिष शास्त्र में प्रेम और आकर्षण का स्वामी ग्रह शुक्र को माना गया है. ओपल पहनने से अफेयर जल्द ही शादी में बदलता है और पार्टनर के प्रति समर्पण भी बढ़ता है. यह रत्न वैसे अफेयर के लिए बहुत लाभकारी है, जहां लवर्स के बीच में दूरियां बढ़ रही हों.

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पुखराज (Topaz)

ज्योतिष में पुखराज को शादी और सौभाग्य का कारक माना गया है. इसे पहनने से कुंडली में गुरु मजबूत होते हैं. इस रत्न के असर से परिवार वालों, विशेष कर बुजुर्गों, की रजामंदी मिलती है. पीला पुखराज लड़कियों के विवाह की अड़चन को दूर करने का सबसे अच्छा रत्न माना गया है.

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माणिक (Ruby)

जिन लोगों के पिता उनके लव अफेयर के विरोध में हैं, उन्हें रूबी रत्न जरूर पहनना चाहिए. इसे धारण करने से पिता का सख्त विरोध भी नर्म हो जाता है. आपके संबंध पिता के साथ मधुर होने लगते हैं. यह प्रेम विवाह में उनके आशीर्वाद के रूप में सामने आ सकता है.

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रोज क्वार्ट्ज (Rose Qwartz)

रोज क्वार्ट्ज को हृदय का पत्थर या लव स्टोन भी कहा जाता है. जीवन में प्रेम पाने के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है. इसकी ब्रेसलेट या लॉकेट पहनने से नेगेटिव एनर्जी दूर होती है और रिश्तों में आपसी समझ बढ़ती है.

जरूरी सुझाव

ज्योतिषाचार्य शांडिल्य के अनुसार, इन सभी रत्नों को ज्योतिषीय रूप से शुद्ध और अभिमंत्रित करने के बाद ही धारण करना चाहिए. क्योंकि, ये तभी असर करते हैं, जब वे उपचारित होते हैं. साथ ही यदि इनके मंत्रों का जाप किया जाए, तो इनका प्रभाव दोगुना हो जाता है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Jun 05, 2026 01:37 PM

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About the Author

Shyamnandan

श्यामनंदन पिछले 20 से अधिक वर्षों से पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जहां उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सटीक, सरल और उपयोगी जानकारी मिल सके। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई की है और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से ज्योतिष का सांगोपांग अध्ययन किया है। वे इस क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं और स्वयं एक प्रगतिशील ज्योतिषविद हैं, जो साल 2015 से धर्म और ज्योतिष विषय पर लगातार लिख रहे हैं। धार्मिक परंपराओं, वैदिक ज्योतिष, ग्रह-गोचर, राशिफल, अंक ज्योतिष, वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र, व्रत-त्योहार, पूजा-पद्धति और आध्यात्मिक विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पहचान है। डिजिटल मीडिया, SEO और कंटेंट रणनीति की उन्हें गहरी और अच्छी समझ है।

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