Mangal Ast 2025 Rashifal: वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जब कोई ग्रह सूर्य के अत्यधिक निकट चला जाता है और पृथ्वी से उसकी चमक दिखाई नहीं देती, तो वह ‘अस्त’ माना जाता है. नवंबर माह में मंगल ग्रह अस्त होने वाले हैं. द्रिक पंचांग के अनुसार, मंगल ग्रह 1 नवंबर 2025, शनिवार को शाम 6:36 बजे अस्त होंगे और 2 मई 2026, शनिवार को सुबह 4:30 बजे उदय होंगे.
यह कुल 182 दिनों की अवधि होगी जब मंगल अस्त अवस्था में रहेंगे. मंगल ऊर्जा, साहस, भूमि, क्रोध, और वैवाहिक जीवन का कारक ग्रह है. इसके अस्त होने पर इन सभी क्षेत्रों में असंतुलन, विलंब और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. यह समय धैर्य, संयम और सोच-समझकर निर्णय लेने का होता है.
मंगल अस्त का राशियों पर असर
ज्योतिषाचार्य हर्षवर्धन शांडिल्य बताते हैं कि मंगल अस्त की अवधि में भूमि और वाहन से जुड़े निर्णय को टालना उचित माना जाता है. यूं तो मंगल अस्त का असर सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन 3 राशियों के लिए यह बेहद प्रतिकूल सिद्ध हो सकता है? आइए जानते हैं, ये राशियां कौन-सी हैं?
मेष राशि
मेष राशि के स्वामी स्वयं मंगल हैं, इसलिए मंगल का अस्त होना इस राशि के जातकों के लिए विशेष रूप से प्रभावशाली रहेगा. इस दौरान आपके स्वभाव में चिड़चिड़ापन, अधैर्यता और ग़ुस्सा बढ़ सकता है. परिजनों या सहकर्मियों से वाद-विवाद की आशंका रहेगी. भूमि या प्रॉपर्टी से जुड़ा कोई फैसला फिलहाल टालना बेहतर होगा. वाहन संबंधित लेन-देन या यात्रा में भी सावधानी रखें. वैवाहिक जीवन में कुछ तनाव या मनमुटाव संभव है. हर मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें और मसूर दाल का दान करें.
कर्क राशि
मंगल कर्क राशि में नीच के होते हैं और जब यह अस्त होते हैं, तो स्थिति और भी जटिल हो जाती है. इस अवधि में आपको मानसिक तनाव, आत्मविश्वास की कमी और अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है. घरेलू वातावरण थोड़ा असहज रह सकता है, विशेषकर परिवार में किसी पुरुष सदस्य से मतभेद हो सकता है. नौकरी और करियर में भी बाधाएं या निर्णय में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. मंगलवार को लाल वस्त्र पहनें, और किसी मंदिर में लाल चंदन अर्पित करें.
वृश्चिक राशि
यह भी एक मंगल स्वामित्व वाली राशि है, इसलिए मंगल का अस्त होना वृश्चिक राशि के लिए भी चिंताजनक हो सकता है. इस दौरान आपका ऊर्जा स्तर नीचे जा सकता है और निर्णय लेने में संकोच बढ़ेगा. अचानक क्रोध या जल्दबाज़ी में किया गया कोई कार्य बाद में पछतावे का कारण बन सकता है. जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में विवाद हो सकते हैं, इसलिए हर दस्तावेज़ ध्यान से जांचें. प्रेम संबंधों में भी उलझाव की स्थिति बन सकती है. मंगलवार को हनुमान मंदिर में सिंदूर चढ़ाएं और ‘ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः’ मंत्र का जप करें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.