यमन के बाब अल-मंदेब में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने मिस्र के कार्गो जहाज ‘तिहामा’ को निशाना बनाया. हमले में जहाज के चालक दल के चार सदस्यों की मौत हो गई. मृतकों में तीन पाकिस्तानी और एक इंडोनेशियाई नागरिक शामिल हैं. वहीं, इस हमले में 10 लोग घायल हुए हैं. इस घटना की पुष्टि यमन के परिवहन मंत्रालय ने मंगलवार को की. मंत्रालय के मुताबिक, बाब अल-मंदेब के पास हूती लड़ाकों ने कार्गो जहाज पर हमला किया, जिसके बाद चालक दल ने जहाज पर अपना नियंत्रण खो दिया. हमले में चार क्रू सदस्यों की जान चली गई.
मिली जानकारी के अनुसार, घटना के बाद जहाज की मदद के लिए एक बचाव दल मौके पर पहुंचा था. इसी दौरान हूती लड़ाकों की ओर से कथित तौर पर एक और हमला किया गया. इसमें हूती विरोधी संगठन ‘नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज’ के दो बचावकर्मियों की भी मौत हो गई. घटना में घायल हुए 10 लोगों में जहाज के चालक दल के सात सदस्य, यमन के तटरक्षक बल के दो कर्मी और नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज का एक सदस्य शामिल है.
पेरिम द्वीप के करीब जहाज पर हमला
ब्रिटिश नौसेना से जुड़े यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के मुताबिक, बाब अल-मंदेब में एक जहाज पर हमला किया गया. समुद्री सुरक्षा कंपनी एंब्रे ने बताया कि घटना पेरिम द्वीप के उत्तर-पूर्वी हिस्से के पास हुई, जहां जहाज लंगर डाले हुए था. वहीं, समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने जहाज के डेक की तस्वीरों की जांच के बाद इसकी पहचान ‘तिहामा’ के तौर पर की है. एंब्रे के अनुसार, यह जहाज सऊदी अरब की कंपनी का नहीं था, बल्कि मिस्र की कंपनियां इसका संचालन कर रही थीं.
लाल सागर में बढ़ा तनाव
इस बीच हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंदेब में सऊदी सैन्य सामान ले जा रहे एक जहाज को निशाना बनाने का दावा किया है. हालांकि, हूतियों ने अपने बयान में यह साफ नहीं किया कि उन्होंने किस जहाज पर हमला किया. बता दें कि हूतियों ने 20 जुलाई को लाल सागर में सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी शुरू करने की घोषणा की थी. इसके बाद से इस समुद्री मार्ग पर तनाव बढ़ गया है. लगातार हमलों और सुरक्षा चिंताओं के चलते बाब अल-मंदेब और लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भी बड़ी गिरावट आई है.
शिपिंग से जुड़े आंकड़े उपलब्ध कराने वाली कंपनी Kpler के मुताबिक, इस रूट पर रोजाना गुजरने वाले जहाजों की संख्या 50 फीसदी से ज्यादा घट गई है. अब यहां प्रतिदिन औसतन करीब 32 जहाज ही आवाजाही कर रहे हैं.
होर्मुज में भी घटी जहाजों की आवाजाही
इस बीच समुद्री क्षेत्र में तनाव का असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी साफ दिखाई दे रहा है. यहां जहाजों की आवाजाही में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. सोमवार को इस रास्ते से सिर्फ 6 जहाज ही गुजर पाए, जबकि पिछले 10 दिनों में रोजाना औसतन करीब 11 जहाजों की आवाजाही हुई है. युद्ध शुरू होने से पहले इस समुद्री मार्ग से हर दिन करीब 130 से 140 जहाज गुजरते थे.
इसी बीच एक अन्य घटना में पनामा के झंडे वाला कंटेनर जहाज ‘वेला नोवा’ भी हमले की चपेट में आया. यह पोत पाकिस्तान के तट के पास ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ रहा था. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान से जुड़े जहाजों की कथित नाकेबंदी से बचने की कोशिश के दौरान एक अमेरिकी हेलीकॉप्टर ने पोत पर हेलफायर मिसाइल दागी.