जिम्बाब्वे में बेहद दर्दनाक हादसा हुआ है. करिबा झील में एक नाव पलट गई है, जिसमें 95 यात्री सवार थे. इस हादसे में महिलाओं और बच्चों समेत 15 लोगों की मौत होने की आशंका है और 20 से ज्यादा लोग लापता हैं. शव बरामद कर लिए गए हैं और लापता लोगों की तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी है. वहीं हादसे में फंसे अन्य लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है. हादसे के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें देख सकते हैं कि झील में नाव पूरी तरह पलटी हुई है. पानी में लोगों का सामान और महिलाओं-बच्चों के शव तैर रहे हैं.
तेज लहरों से टकराकर झील में पलटी नाव
पुलिस के अनुसार, जिम्बाब्वे के उत्तरी शहर करिबा से द्वीपों तक लोग नाव के जरिए ही आना-जाना करते हैं. विशेषकर मछली पकड़ने के लिए लोगों की आवाजाही होती है. ऐसे ही लोगों से भरी नाव तेज लहरों से टकराने के बाद पलट गई. नाव में 90 यात्री और 5 क्रू मेंबर्स थे. खराब मौसम में नाव यात्रियों को लेकर रवाना हुई थी. जब नाव झील के बीचों-बीच पहुंची और लहरों से टकराई तो इंजन बंद होने के कारण वह पानी में पलट गई. आस-पास से गुजर रही बोट के लोगों ने कुछ लोगों को बचा लिया और उन्होंने ही हादसे की खबर पुलिस तक पहुंचाई.
सेना और गोताखोरों ने मिलकर बचाए लोग
हादसाग्रस्त नाव में सवार मैक्सटन कान्हेमा ने बताया कि हादसा होते ही आस-पास की नावें मदद करने आईं. मतुसाडो नेशनल पार्क ने रेस्क्यू के लिए हेलीकॉप्टर भेजा. करिबा शहर से गोताखोर और सेना की बड़ी-बड़ी नावें भी मदद के लिए पहुंचीं. 60 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया, लेकिन 15 लोगों की पानी में डूबने से मौत हो गई. मृतकों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. क्योंकि मदद करने वालों लोगों और नावों को तेज लहरों के कारण नाव तक पहुंचने में समय लगा. शवों को शिनाख्त के लिए करिबा शहर की मोर्चरी में रखा गया है.
बता दें कि करिबा झील जिम्बाब्वे और जाम्बिया की सीमा पर बनी है, जो राजधानी हरारे से 300 किलोमीटर (185 मील) दूर उत्तर-पूर्व में है. आयतन के हिसाब से यह दुनिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील है.