Gaurav Pandey
लिखने-पढ़ने का शौक है। राजनीति में दूर-दूर से रुचि है। अखबार की दुनिया के बाद अब डिजिटल के मैदान में हूं। आठ साल से ज्यादा समय से देश-विदेश की खबरें लिख रहा हूं। दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे संस्थानों में सेवाएं दी हैं।
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What Is Word’s Toughest Job : अगर आप नौकरी करते हैं तो जानते होंगे कि इसमें कभी-कभी हालात कितने कठिन हो जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी कल्पना की है कि दुनिया की सबसे कठिन नौकरी कैसी होगी? दुनिया की सबसे कठिन जॉब में काम तो काम, काम करने की जगह भी किसी का हौसला तोड़ सकती है क्योंकि तापमान माइनस 50 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। इस जॉब का नाम है व्योमोरोज्का (Vyomorozka) और इसका मतलब है ‘जम जाना’।
यह जॉब रूस में मिलती है और इसमें काम भीषण साइबेरियाई सर्दियों में आर्कटिक शिपयार्ड का रखरखाव करने का होता है। इसे दुनिया की सबसे कठिन नौकरियों में से एक माना जाता है। इस दौरान काम करने वाले बड़े जहाजों पर जम गई बर्फ को हटाने का काम करते हैं। उन्हें जहाज की उन जगहों का पता लगाना होता है जिन्हें रिपेयर करने की जरूरत होती है। बता दें कि यह काम लेना नदी के किनारे पर स्थित याकुत्स्क हार्बर पर डॉक किए गए जहाजों पर किया जाता है।
याकुत्त्स्क शिपयार्ड गर्मियों के दौरान साइबेरिया के लिए एक आर्थिक केंद्र की तरह काम करता है। इसमें उन विशाल जहाजों को रखा जाता है जिनका रखरखाव सर्दियों में करना होता है। उल्लेखनीय है कि क्षेत्रफल के हिसाब से रूस का सबसे बड़े रिपब्लिक यकूतिया के कई लोग व्योमोरोज्का के तौर पर काम करते हैं और इसे दुनिया की सबसे कठिन नौकरियों में से एक मानते हैं। लेकिन, इसी प्रोफाइल में काम करने वाले कुछ लोगों का कहना है कि यह केवल नजरिये का मामला है।
इस नौकरी के लिए न केवल स्टेमिना और स्ट्रेंथ चाहिए होती है बल्कि अत्यधिक सटीकता का होना भी जरूरी है। बता दें कि इस जॉब में कर्मचारियों को चेनसॉ से बर्फ को काटना होता है। लेकिन उनके लिए यह देखना जरूरी होता है कि वह बर्फ को बहुत तेजी से न काटें और पानी में न जाएं। अगर वे ऐसा करते हैं तो काटा गया हिस्सा डूब सकता है और उनके पूरे काम पर पानी फिर सकता है। मौसम जितना ठंडा होता है बर्फ उतनी बेहतर जमती है और काम उतना ही आसान हो जाता है।
बेहद कम तापमान काम को भले ही आसान बना देता हो लेकिन काम करने वालों के लिए स्थिति और ज्यादा मुश्किल हो जाती है। एक रिपोर्ट के अनुसार इस शिपयार्ड पर व्योमोरोज्का के तौर पर काम करने वाले एक शख्स का कहना है कि कभी-कभी ठंड इतनी ज्यादा होती है कि आप जमने लगते हैं, ऐसी स्थिति में आपके अंदर नकारात्मक भावनाएं जन्म लेने लगती हैं। आप घर जाना चाहते हैं और कुछ खा कर आराम करना चाहते हैं लेकिन आपको खुद पर नियंत्रण करना होता है।
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