Arif Khan
आरिफ खान मंसूरी को डिजिटल मीडिया में करीब 15 वर्षों का अनुभव है . वर्तमान में न्यूज24 की डिजिटल विंग में कार्यरत हैं. इससे पहले देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं.
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भारतीय वायुसेना की पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान की तलाश के बीच रूस की तरफ से बड़ा ऑफर आया है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को अपने सबसे अत्याधुनिक और घातक स्टील्थ फाइटर जेट – सुखोई Su-57 को लेकर एक बहुत बड़ा और खुला ऑफर दिया है. पुतिन ने साफ किया है कि रूस न केवल भारत को इस विमान की सप्लाई करने के लिए तैयार है, बल्कि वह इसके ज्वाइंट डेवलपमेंट, भारत में प्रोडेक्शन और सबसे अहम- इसकी क्रिटिकल टेक्नोलॉजी शेयर करने के लिए भी पूरी तरह राजी है.
रूसी राष्ट्रपति का यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब भारतीय उपमहाद्वीप में रणनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं. पड़ोसी देश पाकिस्तान द्वारा जल्द ही चीन के शेनयांग J-35AE स्टील्थ फाइटर जेट हासिल करने की अटकलें तेज हैं, जिसने रक्षा गलियारों में चिंताएं बढ़ा दी हैं. वर्तमान में भारतीय वायुसेना के बेड़े में एक भी 5वीं पीढ़ी का स्टील्थ विमान शामिल नहीं है.
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भारत का अपना स्वदेशी 5th-Gen विमान प्रोजेक्ट अभी डवलपमेंट के दौर में है और इसके 2030 के दशक के मध्य से पहले वायुसेना का हिस्सा बनने की उम्मीद नहीं है. ऐसे में वायुसेना को इस तकनीकी अंतर को पाटने के लिए तुरंत एक बाहरी विकल्प की तलाश है.
ग्लोबल न्यूज एजेंसियों से बात करते हुए व्लादिमीर पुतिन ने कहा, ‘हम भारत को इस विमान की आपूर्ति करने और साथ में बनाने के लिए तैयार हैं. हमें इसमें कोई समस्या नहीं है और ना ही हमारी कोई सीमा है.’
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पुतिन का यह बयान सीधे तौर पर पश्चिमी देशों पर एक बड़ा तंज माना जा रहा है, जो अक्सर भारत को हथियारों की बिक्री करते समय टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और सेंसिटिव सॉफ्टवेयर के यूज पर कई तरह की पाबंदियां लगा देते हैं.
पुतिन ने याद दिलाया कि साल 2018 में भी रूस ने भारत को FGFA प्रोजेक्ट के तहत यह साथ मिलकर बनाने का ऑफर दिया था, लेकिन तब भारतीय वायुसेना इसकी स्टील्थ फीचर्स और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के मुद्दों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थी और भारत इस प्रोजेक्ट से पीछे हट गया था. लेकिन अब, पुतिन इन सभी मुद्दों को सुलझाने का भरोसा दे रहे हैं.
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डिफेंस सेक्टर में इस बात की भी तेज अटकलें हैं कि भारत अमेरिकी लड़ाकू विमान F-35 के बजाय रूस के Su-57 पर दोबारा विचार कर सकता है. गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्हाइट हाउस यात्रा के दौरान भारत को F-35 देने का ऑफर दिया था. ईरान हुई जंग ने यह साफ कर दिया है कि आधुनिक हवाई युद्ध के युग में रडार की पकड़ में न आना ही सबसे बड़ा निर्णायक कारक होगा.
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