World Largest Gas Plant: ईरान की 'कमजोर नस', दुनिया की रीढ़ की हड्डी… जानें क्यों खास है साउथ पार्स गैस फील्ड?

South Pars Gas Field: साउथ पार्स गैस फील्ड जहां ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है, वहीं दुनियाभर में LPG-LNG की सप्लाई के लिए रीढ़ की हड्डी है। अगर यह हड्डी टूट गई तो ईरान समेत दुनियाभर के कई देश ‘अपंग’ हो जाएंगे और इजरायल ऐसा करने पर तुला है।

South Pars Gas Field Iran

Credit- News 24 GFX

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World Largest Gas Plant: मिडिल ईस्ट में दुनिया का सबसे बड़े ऑयल प्लांट ईरान के खर्ग द्वीप पर है। वहीं ईरान में ही दुनिया का सबसे बड़ा गैस प्लांट साउथ पार्स है। इन दोनों प्लांट पर इजरायल ने बमबारी और मिसाइल अटैक किए, यानी अमेरिका-इजरायल ने ईरान की कमजोर नस दबाई, ईरान की गर्दन दबोची तो वह बौखला गया। जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने अरब देशों के गैस-तेल प्लांट पर हमला किया। इस एक घटनाक्रम ने अरब देशों के साथ-साथ अमेरिका तक को हिला दिया और ट्रंप ने प्लांट पर हमलों पर रोक लगा दी।

प्लांट कहां है और कितना नुकसान हुआ?

बता दें कि साउथ पार्स गैस फील्ड दुनिया का सबसे बड़ा गैस फील्ड है। यह प्लांट ईरान के साउथ स्टेट बुशेहर में फारस की खाड़ी के पास बना है। इस गैस फील्ड में कतर भी पार्टनर है। कतर इस प्लांट से ही दुनियाभर के देशों को LNG की सप्लाई करता है। इइसलिए गैस प्लांट पर इजरायल के हमले से कतर भी भड़का हुआ है। बीते दिन इजरायल ने इस गैस प्लांट पर मिसाइल दागी। गैस फील्ड के मेन प्रोसेसिंग यूनिट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट करके मिसाइल दागी गई। जिससे पाइपलाइन में आग लग गई, जो अगर पूरे प्लांट में फैली तो प्लांट तबाह हो जाएगा।

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धरती का ज्ञात गैस का सबसे बड़ा भंडार

साउथ पार्स गैस प्लांट नॉर्थ डोम–साउथ पार्स रिजर्वायर का एक हिस्सा है, जिसे धरती का सबसे बड़ा ज्ञात गैस का भंडार माना जाता है। इस प्लांट से कतर-ईरान दुनियाभर के कई देशों को LPG-LNG गैस की सप्लाई करते हैं, इसलिए इसे अंतर्राष्ट्रीय गैस सप्लाई के लिए रीढ़ की हड्डी तक माना जाता है। ऐसे में अगर इस गैस प्लांट से उत्पादन बंद हुआ तो सप्लाई भी बंद होगी, जिसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पड़ेगा। दुनियाभर के कई देशों में LPG-LNG गैस का संकट गहराएगा। इससे देशों का आर्थिक नुकसान होगा, वहीं घरों में कुकिंग गैस की किल्लत होगी।

1800 ट्रिलियन क्यूबिक फीट गैस का भंडार

साउथ पार्स गैस प्लांट हर साल अरबों क्यूबिक मीटर गैस का प्रोडक्शन करता है। इस प्लांट में 1800 ट्रिलियन क्यूबिक फीट से अधिक गैस का भंडार है। यहां साल 2025 से प्रतिदिन रिकॉर्ड 730 मिलियन क्यूबिक मीटर गैस का उत्पादन हो रहा है। यह प्लांट ईरान के लिए ऊर्जा की आपूर्ति का सबसे बड़ा सोर्स है, क्योंकि ईरान को पेट्रोकेमिकल और गैसोलीन के लिए कच्चा माल यहीं से मिलता है। ईरान की अपनी जरूरत के लिए 75% नेचुरल गैस का उत्पादन यहीं होता है। ईरान के बिजली ग्रिड को 80% गैस यहां से मिलती, इसलिए अगर यह बंद हुआ तो पूरा ईरान अंधेरे में डूब जाएगा।

कच्चे तेल से बनने वाली चीजें महंगी हो जाएंगी

ईरान (साउथ पार्स) और कतर (नार्थ डोम) के बीच फारस की खाड़ी में बने गैस प्लांट के तबाह होने से कच्चा तेल महंगा होगा। कच्चा तेल महंगा होने से दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग लगेगी। कच्चे तेल से जितनी भी चीजें बनती हैं, उनका संकट गहराएगा। इससे कई देशों को न केवल आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा, बल्कि इंडस्ट्री बंद हो सकती है। कहा जाए तो वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर खतरा मंडराएगा। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो मिडिल ईस्ट की जंग दुनियाभर के कई देशों को गरीबी की राह पर धकेल सकती है, जिनमें भारत भी शामिल है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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