Explainer: अब बदले-बदले से क्यों हैं ट्रंप? युद्ध नीति में दुनिया बनी दुश्मन तो लिया ट्रेड डील का सहारा, अब चीन पर नजर

राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनिया में चल रहे तमाम युद्धों को रुकवाने के प्रयास का दावा करते हुए कई देशों से बैर लिया। टैरिफ की मार से कई देश खफा हो गए। अब ट्रंप ट्रेड डील के जरिए अपना व्यवहार बदलने की कोशिश करते हुए दिख रहे हैं, आइए विस्तार से जानते हैं…

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पिछले लंबे समय से अपने फैसलों को लेकर चर्चाओं में हैं। अपने आक्रामक और एक तरफा रवैया को लेकर वह अक्सर चर्चाओं में रहते हैं। इससे कई देश ट्रंप से दूरी बनाते भी दिखे। टैरिफ, युद्ध, परमाणु के कई फैसलों पर ट्रंप का कई देशों में खुलकर विरोध हुआ। अब कुछ समय से देखा जा रहा है कि ट्रंप अन्य देशों को साथ लेकर चलने की कोशिश में दिख रहे हैं। भारत, इजरायल, बांग्लादेश से ट्रेड डील के बाद अब अमेरिका ने चीन की तरफ रुख किया है। चीन को अपना दोस्त बताया है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति ने पिछले साल भारत, जापान, चीन समेत कई देशों पर भारी टैरिफ लगाया था। तब से कई देश ट्रंप से बैर रखने लगे थे। कई देशों ने खुलकर ट्रंप नीति का विरोध भी किया था। यहां तक कि ट्रंप ने भारत पर दोहरा टैरिफ यानी 50 प्रतिशत लगा दिया था। जापान से भी ट्रंप ने जबरन ज्यादा खरीद की बात कही थी। इसके बाद ट्रंप ने भारत-पाक संघर्ष, इजरायल और गाजा, रूस-यूक्रेन, ईरान-इजरायल समेत कई युद्धों में हस्तक्षेप का प्रयास किया था। ट्रंप ने युद्ध रोकने के लिए कई तरह की धमकी भी दी थी। ट्रंप के इस रवैया से कई देश खफा हो रहे थे।

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टैरिफ का घाटा

ट्रंप के इस एकतफा फैसला का असर हुआ कि भारत, रूस और चीन एक मंच पर आ गए। सालों बाद चीन और भारत के संबंध सुधरने लगा। चीन में एससीओ शिखर सम्मेलन हुआ। इसमें चीन की मेजबानी में रूसी राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी भी शामिल हुए थे। इसकी तस्वीरें इंटरनेट पर खूब वायरल हुईं। ट्रंप ने भी इस मीटिंग पर रूखी प्रतिक्रिया दी थी।

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पूरी दुनिया हुई विरोधी

इसी माहौल के बीच ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को गत 3 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया। ट्रंप की सेना ने राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को बेडरूम से गिरफ्तार किया था। ट्रंप ने वेनेजुएला पर ड्रग्स सप्लाई करने का आरोप लगाया था। जबकि ऐसा देश कर रहे हैं। लोगों में चर्चा थी कि ट्रंप की नजर वेनेजुएला के तेल पर है। हालांकि कुछ दिन बाद ट्रंप ने भी इस चर्चा पर मुहर लगा दी थी। ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल पर अपना अधिकार का ऐलान कर दिया। इस फैसले के बाद ट्रंप की पूरी दुनिया में किरकरी हुई थी। सभी देशों ने इसे ट्रंप की तानाशाही बताया था।

इसके बाद ट्रंप ने ईरान को युद्ध रोकने के लिए धमकी देनी शुरू कर दी। अमेरिका ने ईरान पर मिडनाइट हैमर ऑपरेशन कई हमले भी किए। ईरान के सुप्रीम लीडर खामनेई और ट्रंप तीखी जुबानी जंग भी हुई। भारत और यूरोपीय देशों पर ट्रंप ने रूस से तेल न खरीदने का दबाव डाला।

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बदलने लगे ट्रंप

पूरी दुनिया में ट्रंप की नकारात्मक छवि बनने लगी। इसके बाद से ट्रंप का रुख बदला हुआ दिखा। ट्रंप ने भारत से ट्रेड डील को मंजूरी दी। 50 प्रतिशत से घटाकर टैरिफ को महज 18 प्रतिशत कर दिया। वहीं कई चीजों पर भारत और अमेरिका में जीरो टैरिफ पर भी सहमति बनी। इसके बाद ट्रंप ने बांग्लादेश से ट्रेड डील पूरी की। अब ट्रंप की मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होने जा रही है। ट्रंप ने बताया कि अप्रैल में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। पत्रकारों को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि मैं अप्रैल में राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करूंगा। वे इस साल के अंत में यहां आ रहे हैं, और मैं इस मुलाकात के लिए उत्सुक हूं। चीन के साथ हमारे संबंध इस समय बहुत अच्छे हैं।

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अब चीन पर क्यों है नजर?

एनबीसी न्यूज के टॉम लामस के साथ हाल ही में एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि वह अप्रैल में चीन का दौरा करेंगे। ट्रंप ने कहा कि मैं अप्रैल में वहां जाऊंगा और फिर वह साल के अंत में यहां आएगा। ट्रंप और शी के बीच 4 फरवरी को 90 मिनट की टेलीफोन पर बातचीत हुई थी। ट्रंप ने कहा कि बातचीत लगभग पूरी तरह से व्यापार पर केंद्रित थी, जिसमें ईरान और यूक्रेन जैसे अन्य भू-राजनीतिक मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं हुई। ट्रंप ने लिखा कि इस बातचीत का दोनों देशों के लिए बहुत सकारात्मक परिणाम निकला।

ट्रंप की बातचीत से साफ है कि अब ट्रंप का रुख युद्ध मुद्दों से हटकर ट्रेड डील पर फोकस कर रहे हैं। चीन के सरकारी मीडिया शिन्हुआ ने बताया कि फोन पर बातचीत के दौरान शी जिनपिंग ने कहा कि वह चीन-अमेरिका संबंधों को बहुत महत्व देते हैं, और कहा कि पिछले एक साल में उनके और ट्रंप के बीच अच्छी बातचीत हुई है और बुसान में उनकी एक सफल बैठक हुई थी, जिसमें चीन-अमेरिका संबंधों की दिशा और मार्ग तय किया गया था ।

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लेखक के बारे में

Raghav Tiwari

Raghav Tiwari

राघव तिवारी न्यूज24 में शिफ्ट हेड की भूमिका निभा रहे हैं। यहां टीम प्रबंधन के साथ नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि की खबरें भी कवर करते हैं। इससे पहले ये अमर उजाला, नईदुनिया, नवभारत टाइम्स (NBT) और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में रिपोर्टिंग कर चुके हैं। देवभूमि उत्तराखंड, इंदौर, नोएडा, कानपुर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में काम करने की वजह से राघव भिन्न-भिन्न कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत की समझ रखते हैं। राघव तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता एवं जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की शिक्षा पूरी की है। शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Mail ID: raghav.tiwari@bagconvergence.in Contact No. 8840671098
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