ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत और भीषण युद्ध के बीच अहमद वाहिदी को नया कमांडर इन चीफ नियुक्त किया गया है. इजरायल और अमेरिका के हमलों में आईआरजीसी प्रमुख मेजर जनरल पाकपूर के मारे जाने के बाद वाहिदी को यह बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. 27 जून 1958 को शिराज में जन्मे वाहिदी का असली नाम अहमद शाहचेरागी है. वे इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में स्नातक और रणनीतिक अध्ययन में पीएचडी धारक हैं. उन्हें ईरान की सैन्य रणनीति का सबसे बड़ा दिमाग माना जाता है. इससे पहले वे कुद्स फोर्स के पहले कमांडर और देश के रक्षा व गृह मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं.
विवादों और प्रतिबंधों से पुराना नाता
अहमद वाहिदी का इतिहास काफी विवादित रहा है और वे इंटरपोल की 'रेड नोटिस' सूची में शामिल हैं. उन पर 1994 में अर्जेंटीना के एक यहूदी केंद्र पर हुए बम विस्फोट में शामिल होने का आरोप है, जिसमें 85 लोगों की जान गई थी. इसके अलावा 2022 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान मानवाधिकारों के उल्लंघन और ईरान के परमाणु कार्यक्रम में भूमिका के कारण उन पर अमेरिका और यूरोपीय संघ ने कई कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं. वाहिदी को ईरान के बाहर सैन्य और खुफिया ऑपरेशनों को अंजाम देने वाली शाखा का विशेषज्ञ माना जाता है, इसलिए उनकी नियुक्ति को इजरायल के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है.
यह भी पढ़ें: सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की कैसे हुई मौत? जानें हमले की इनसाइड स्टोरी
हमले में खामेनेई के परिवार का हुआ अंत
इजरायल और अमेरिका के इन हवाई हमलों में केवल सैन्य ठिकाने ही नहीं, बल्कि खामेनेई का परिवार भी निशाने पर रहा. सोशल मीडिया और टेलीग्राम चैनलों पर चल रही रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में खामेनेई के दामाद और बेटी की भी मौत हो गई है. तेहरान सिटी काउंसिल के सदस्य मीसम मुजफ्फर ने भी इस दावे का समर्थन किया है. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उनके किस दामाद और बहू की जान गई है, लेकिन खामेनेई के सभी बच्चे बड़े राजनीतिक और धार्मिक घरानों से जुड़े थे. खामेनेई के तीन बेटे और दो बेटियां हैं, जिनके वैवाहिक संबंध ईरान की सत्ता संरचना में बहुत गहरी पैठ रखते हैं.
तेहरान में जश्न और बदले की चेतावनी
एक तरफ जहां सरकार में मातम है, वहीं तेहरान के कुछ हिस्सों से चौंकाने वाली खबरें आ रही हैं. चश्मदीदों के मुताबिक, खामेनेई की मौत की खबर सुनकर कुछ लोगों ने खिड़कियों पर आकर तालियां बजाईं और जश्न का संगीत बजाया. यह ईरान के भीतर दबे हुए जन आक्रोश की ओर इशारा करता है. दूसरी तरफ, अहमद वाहिदी के नेतृत्व में नई सैन्य लीडरशिप ने कसम खाई है कि वे इस हमले का बहुत भयानक बदला लेंगे. वाहिदी की देखरेख में अब ईरान अपनी रक्षा प्रणालियों और विदेशी ऑपरेशनों को और तेज कर सकता है. पूरी दुनिया अब इस नए कमांडर की अगली चाल का इंतजार कर रही है क्योंकि इससे मध्य पूर्व का भविष्य तय होगा.
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत और भीषण युद्ध के बीच अहमद वाहिदी को नया कमांडर इन चीफ नियुक्त किया गया है. इजरायल और अमेरिका के हमलों में आईआरजीसी प्रमुख मेजर जनरल पाकपूर के मारे जाने के बाद वाहिदी को यह बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. 27 जून 1958 को शिराज में जन्मे वाहिदी का असली नाम अहमद शाहचेरागी है. वे इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में स्नातक और रणनीतिक अध्ययन में पीएचडी धारक हैं. उन्हें ईरान की सैन्य रणनीति का सबसे बड़ा दिमाग माना जाता है. इससे पहले वे कुद्स फोर्स के पहले कमांडर और देश के रक्षा व गृह मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं.
विवादों और प्रतिबंधों से पुराना नाता
अहमद वाहिदी का इतिहास काफी विवादित रहा है और वे इंटरपोल की ‘रेड नोटिस’ सूची में शामिल हैं. उन पर 1994 में अर्जेंटीना के एक यहूदी केंद्र पर हुए बम विस्फोट में शामिल होने का आरोप है, जिसमें 85 लोगों की जान गई थी. इसके अलावा 2022 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान मानवाधिकारों के उल्लंघन और ईरान के परमाणु कार्यक्रम में भूमिका के कारण उन पर अमेरिका और यूरोपीय संघ ने कई कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं. वाहिदी को ईरान के बाहर सैन्य और खुफिया ऑपरेशनों को अंजाम देने वाली शाखा का विशेषज्ञ माना जाता है, इसलिए उनकी नियुक्ति को इजरायल के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है.
यह भी पढ़ें: सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की कैसे हुई मौत? जानें हमले की इनसाइड स्टोरी
हमले में खामेनेई के परिवार का हुआ अंत
इजरायल और अमेरिका के इन हवाई हमलों में केवल सैन्य ठिकाने ही नहीं, बल्कि खामेनेई का परिवार भी निशाने पर रहा. सोशल मीडिया और टेलीग्राम चैनलों पर चल रही रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में खामेनेई के दामाद और बेटी की भी मौत हो गई है. तेहरान सिटी काउंसिल के सदस्य मीसम मुजफ्फर ने भी इस दावे का समर्थन किया है. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उनके किस दामाद और बहू की जान गई है, लेकिन खामेनेई के सभी बच्चे बड़े राजनीतिक और धार्मिक घरानों से जुड़े थे. खामेनेई के तीन बेटे और दो बेटियां हैं, जिनके वैवाहिक संबंध ईरान की सत्ता संरचना में बहुत गहरी पैठ रखते हैं.
तेहरान में जश्न और बदले की चेतावनी
एक तरफ जहां सरकार में मातम है, वहीं तेहरान के कुछ हिस्सों से चौंकाने वाली खबरें आ रही हैं. चश्मदीदों के मुताबिक, खामेनेई की मौत की खबर सुनकर कुछ लोगों ने खिड़कियों पर आकर तालियां बजाईं और जश्न का संगीत बजाया. यह ईरान के भीतर दबे हुए जन आक्रोश की ओर इशारा करता है. दूसरी तरफ, अहमद वाहिदी के नेतृत्व में नई सैन्य लीडरशिप ने कसम खाई है कि वे इस हमले का बहुत भयानक बदला लेंगे. वाहिदी की देखरेख में अब ईरान अपनी रक्षा प्रणालियों और विदेशी ऑपरेशनों को और तेज कर सकता है. पूरी दुनिया अब इस नए कमांडर की अगली चाल का इंतजार कर रही है क्योंकि इससे मध्य पूर्व का भविष्य तय होगा.