ईरान और अमेरिका के बीच हालात सामान्य होते नहीं दिख रहे हैं। अफगानिस्तान में वार्ता फेल होने के बाद अमेरिका ने जल रूट हॉर्मुज में नाकेबंदी कर दी। नाकेबंदी ईरानी पोर्ट के लिए की गई ताकि कोई जहाज आ जा न सके। अमेरिका का कहना है कि इससे ईरान पर परमाणु कार्यक्रम रद्द करने और हॉर्मुज को खोलने का दबाव बनाया जा सकेगा। वहीं ट्रंप ने जंग को लेकर दावा किया है कि जंग खत्म होने के करीब है।
अमेरिका ने 10 हजार से ज्यादा अमेरिकी नौसैनिक जिसमें मरीन और वायुसैनिक शामिल हैं, नाकाबंदी में लगा दिए हैं। वहीं एक दर्जन से अधिक युद्धपोतों और दर्जनों विमानों के साथ मिलकर ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश करने और बाहर निकलने वाले जहाजों की नाकाबंदी करने के मिशन को अंजाम दे रहे हैं। अमेरिका का कहना है कि पहले 24 घंटों के दौरान, कोई भी जहाज अमेरिकी नाकाबंदी को पार नहीं कर सका और 6 व्यापारिक जहाजों ने अमेरिकी सेना के निर्देश का पालन करते हुए ओमान की खाड़ी में स्थित एक ईरानी बंदरगाह में फिर से प्रवेश किया।
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अमेरिका ने सख्त लहजे में कहा कि ईरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में प्रवेश करने या वहां से निकलने वाले सभी देशों के जहाजों पर, जिनमें अरब सागर और ओमान की खाड़ी पर स्थित सभी ईरानी बंदरगाह शामिल हैं, निष्पक्ष रूप से नाकाबंदी लागू की जा रही है। अमेरिकी सेनाएं गैर-ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए नौवहन की स्वतंत्रता का समर्थन कर रही हैं।
इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पश्चिम एशिया में शत्रुता का पूर्ण समाधान प्राप्त करने के लिए तेहरान के साथ बातचीत में रुकावट के बावजूद ईरान के साथ संघर्ष समाप्त होने के करीब है। फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने संकेत देते हुए कहा कि मुझे लगता है कि यह लगभग खत्म हो चुका है। मेरा मतलब है, मैं इसे लगभग खत्म होने के करीब मानता हूं।
ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका एक मजबूत रणनीतिक स्थिति रखता है। अगर मैं अभी अपना बोरिया-बिस्तर समेट लूं, तो उस देश के पुनर्निर्माण में उन्हें 20 साल लगेंगे। हमारा काम अभी खत्म नहीं हुआ है, लेकिन देखते हैं आगे क्या होता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि तेहरान समझौता करना बेहद उत्सुक है। मुझे लगता है कि वे समझौता करना बेहद उत्सुक हैं। ट्रंप की ये टिप्पणियां वाशिंगटन और तेहरान के बीच राजनयिक संबंधों को फिर से मजबूत करने की बढ़ती अटकलों के बीच आई हैं, जिसमें रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि वार्ता का दूसरा दौर जल्द ही शुरू हो सकता है।
यह भी पढ़ें: ‘ईरान से अगले राउंड की फिर होगी US से बातचीत…’, ट्रंप ने बताया – कहां और कब होगी
ईरान और अमेरिका के बीच हालात सामान्य होते नहीं दिख रहे हैं। अफगानिस्तान में वार्ता फेल होने के बाद अमेरिका ने जल रूट हॉर्मुज में नाकेबंदी कर दी। नाकेबंदी ईरानी पोर्ट के लिए की गई ताकि कोई जहाज आ जा न सके। अमेरिका का कहना है कि इससे ईरान पर परमाणु कार्यक्रम रद्द करने और हॉर्मुज को खोलने का दबाव बनाया जा सकेगा। वहीं ट्रंप ने जंग को लेकर दावा किया है कि जंग खत्म होने के करीब है।
अमेरिका ने 10 हजार से ज्यादा अमेरिकी नौसैनिक जिसमें मरीन और वायुसैनिक शामिल हैं, नाकाबंदी में लगा दिए हैं। वहीं एक दर्जन से अधिक युद्धपोतों और दर्जनों विमानों के साथ मिलकर ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश करने और बाहर निकलने वाले जहाजों की नाकाबंदी करने के मिशन को अंजाम दे रहे हैं। अमेरिका का कहना है कि पहले 24 घंटों के दौरान, कोई भी जहाज अमेरिकी नाकाबंदी को पार नहीं कर सका और 6 व्यापारिक जहाजों ने अमेरिकी सेना के निर्देश का पालन करते हुए ओमान की खाड़ी में स्थित एक ईरानी बंदरगाह में फिर से प्रवेश किया।
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अमेरिका ने सख्त लहजे में कहा कि ईरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में प्रवेश करने या वहां से निकलने वाले सभी देशों के जहाजों पर, जिनमें अरब सागर और ओमान की खाड़ी पर स्थित सभी ईरानी बंदरगाह शामिल हैं, निष्पक्ष रूप से नाकाबंदी लागू की जा रही है। अमेरिकी सेनाएं गैर-ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए नौवहन की स्वतंत्रता का समर्थन कर रही हैं।
इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पश्चिम एशिया में शत्रुता का पूर्ण समाधान प्राप्त करने के लिए तेहरान के साथ बातचीत में रुकावट के बावजूद ईरान के साथ संघर्ष समाप्त होने के करीब है। फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने संकेत देते हुए कहा कि मुझे लगता है कि यह लगभग खत्म हो चुका है। मेरा मतलब है, मैं इसे लगभग खत्म होने के करीब मानता हूं।
ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका एक मजबूत रणनीतिक स्थिति रखता है। अगर मैं अभी अपना बोरिया-बिस्तर समेट लूं, तो उस देश के पुनर्निर्माण में उन्हें 20 साल लगेंगे। हमारा काम अभी खत्म नहीं हुआ है, लेकिन देखते हैं आगे क्या होता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि तेहरान समझौता करना बेहद उत्सुक है। मुझे लगता है कि वे समझौता करना बेहद उत्सुक हैं। ट्रंप की ये टिप्पणियां वाशिंगटन और तेहरान के बीच राजनयिक संबंधों को फिर से मजबूत करने की बढ़ती अटकलों के बीच आई हैं, जिसमें रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि वार्ता का दूसरा दौर जल्द ही शुरू हो सकता है।
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