अंतरिक्ष की दुनिया में हड़कंप और खलबली मचाने की तैयारी धरती पर बैठे अंतरिक्ष वैज्ञानिक कर रहे हैं. चीन के वैज्ञानिक एक अंतरिक्ष मिशन ‘प्लेनेटरी डिफेंस टेस्ट’ पर काम कर रहे हैं, जिससे अंतरिक्ष में भयानक विस्फोट होगा, जिसकी गूंज धरती तक सुनाई देगी, लेकिन अगर मिशन कामयाब हुआ तो धरती एक बहुत बड़े विनाशकारी खतरे से बच जाएगी. ऐसा ही एक मिशन DART अमेरिका की स्पेस एजेंसी NASA ने साल 2022 में लॉन्च किया था, जो सफल भी हुआ था.
एस्टेरॉयड की दिशा बदलना या तोड़ना टेस्ट का मकसद
चीन ‘प्लेनेटरी डिफेंस टेस्ट’ करेगा, जिसका मकसद धरती से एस्टेरॉयड की टक्कर होने से रोकना है. चीन के वैज्ञानिक टेस्ट करके एस्टेरॉयड की दिशा को बदलना चाहते हैं और संभव हुआ तो उसके टुकड़े-टुकड़े कर उसे नष्ट कर देंगे. टेस्ट के तहत अंतरिक्ष में मंडरा रहे एस्टेरॉयड से मैक 26 यानी ध्वनि की गति से 26 गुना ज्यादा तेज रफ्तार वाले स्पेस्क्राफ्ट की टक्कर कराई जाएगी. यह मिशन नासा के डबल एस्टेरॉयड री-डायरेक्शन टेस्ट (DART) से ज्यादा एडवांस, मजबूत और कारगर होगा.
9 किलोमीटर प्रति सेकंड से की रफ्तार से होगी टक्कर
एक रिसर्च पेपर में साल 2030 में होने वाले टेस्ट का जिक्र चीन के वैज्ञानिकों ने किया. रिसर्च पेपर के अनुसार, चीन साल 2029 या 2030 में पृथ्वी से 70 लाख किलोमीटर दूर एक मंडरा रहे एस्टेरॉयड से 9 किलोमीटर प्रति सेकंड से ज्यादा की रफ्तार वाले स्पेस्क्राफ्ट की टक्कर कराएगा, जबकि नासा के DART मिशन में स्पेसक्राफ्ट की रफ्तार 6.1 किलोमीटर प्रति सेकंड थी. चीन नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (CNSA) के प्लैनेटरी डिफेंस के चीफ साइंटिस्ट ली मिंगताओ मिशन को लीड कर रहे हैं.
किस एस्टेरॉयड से और कब होगी स्पेस्क्राफ्ट की टक्कर?
रिसर्च पेपर के अनुसार, चीन के मिशन का टारगेट ‘2015 XF261’ नामक ‘नियर-अर्थ एस्टेरॉयड’ है, जिसके बारे में साल 2015 में पता चला था. इसका साइज करीब 30 मीटर है. साल 2029 या 2030 में यह एस्टेरॉयड पृथ्वी से करीब 70 लाख किलोमीटर की दूरी पर होगा. हालांकि वैज्ञानिकों को इस एस्टेरॉयड की बनावट के बारे में जानकारी नहीं है, लेकिन संभावना है कि यह एक ठोस चट्टान हो. चीन की योजना एक 2 स्पेसक्राफ्ट एक साथ लॉन्च करने की है, जो धरती से निकलते ही अलग हो जाएंगे.
एक स्पेस्क्राफ्ट टकराएगा, दूसरा बदलावों को रिपोर्ट करेगा
एक स्पेसक्राफ्ट ‘इम्पैक्टर’ सीधे एस्टेरॉयड से टकराएगा. दूसरा स्पेसक्राफ्ट ऑब्जर्वर होगा, जो पहले स्पेसक्राफ्ट की एस्टेरॉयड से टक्कर से पहले, टक्कर के दौरान और उसके बाद एस्टेरॉयड की कक्षा, सतह, मलबे और अंदरूनी बनावट पर नजर रखेगा और डेटा कलेक्ट करके धरती पर बैठे वैज्ञानिकों को भेजेगा. अगर मिशन कामयाब रहा तो यह चीन का पहला ‘एंड-टू-एंड’ प्लैनेटरी डिफेंस टेस्ट होगा. भविष्य में धरती पर मंडरान वाले एस्टेराॅयड के खतरे को खत्म करने में कारगर साबित होगा.
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