लगातार बढ़ते सूखे और पानी की अंधाधुंध बर्बादी के कारण अब दुनिया भर में खेती की जमीन धीरे-धीरे धंसने लगी है. कम बारिश की वजह से किसान सिंचाई के लिए जमीन के नीचे का पानी इतनी तेजी से खींच रहे हैं कि अंदर की परतें पूरी तरह खाली हो चुकी हैं.
अचानक बनते गहरे गड्ढे

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शुरुआत में यह समस्या बहुत मामूली लग रही थी, लेकिन अब खेतों के बीच अचानक डरावने और विशाल सिंकहोल (गड्ढे) बनने लगे हैं. जब सतह के नीचे पानी की जगह खाली स्पेस बन जाता है, तो ऊपर की भारी मिट्टी का वजन न झेल पाने के कारण जमीन भरभराकर बैठ जाती है.
मौसम की दोहरी मार

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ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज ने इस गंभीर संकट को कई गुना ज्यादा खतरनाक बना दिया है. दुनिया के कई हिस्सों में सूखे के दिन बढ़ने के कारण फसलों को बचाने के लिए भूजल (ग्राउंड वॉटर) पर निर्भरता रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है.
तुर्की में मचा हाहाकार

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तुर्की का सबसे बड़ा कृषि क्षेत्र 'कोन्या मैदान' इस समय सैकड़ों सिंकहोल की वजह से किसी भुतहा इलाके जैसा दिखने लगा है. यहाँ की जमीन चूना पत्थर वाली है, जो पानी खत्म होते ही इतनी कमजोर हो गई है कि 100-100 फीट चौड़े मौत के कुएं बन रहे हैं.
अमेरिका का पुराना दर्द

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जमीन धंसने की यह खौफनाक समस्या अमेरिका के कैलिफोर्निया और एरिजोना जैसे संपन्न राज्यों में दशकों से पैर पसार रही है. एरिजोना के फिनिक्स में तो अंधाधुंध पानी निकालने की वजह से जमीन करीब 18 फीट तक नीचे धंस चुकी है, जिसने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है.
दाने-दाने का संकट

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अगर ग्राउंड वॉटर के इस बेहिसाब इस्तेमाल पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में उपजाऊ जमीन पूरी तरह तबाह हो जाएगी. इसका सीधा असर फसलों के उत्पादन पर पड़ेगा, जिससे दुनिया भर में अनाज की भारी किल्लत और भुखमरी फैल सकती है.