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राष्ट्रपति मादुरो के बॉडीगार्ड्स भी अमेरिका के लिए कर रहे थे काम, ट्रंप सरकार ने रिश्वत में दी इतनी मोटी रकम

अगस्त से ही CIA की एक छोटी टीम वेनेजुएला में डेरा डाले हुए थी, जो मादुरो के रोजमर्रा के रूटीन की बारीकियां ट्रैक कर रही थी. इसी खुफिया इनपुट ने ऑपरेशन को आसान बना दिया.

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निकोलस मादुरो को हिरासत में लेने वाले अभियान ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व की अंदरूनी कहानी सामने आ रही है, जिसमें उनका अपना सुरक्षा घेरा ही सबसे बड़ा धोखा साबित हुआ. ट्रंप प्रशासन ने बीते सोमवार ही इस बड़े प्लान को हरी झंडी दे दी, लेकिन मौसम साफ ना होने की वजह से यूएस आर्मी को 4 दिन का इंतजार करना पड़ा. आखिरकार शुक्रवार रात 10:49 बजे ऑपरेशन की आखिरी मंजूरी मिली. महीनों से चली इस साजिश में CIA के एक विश्वसनीय संपर्क ने मादुरो की हर हरकत पर नजर रखी और उनकी सटीक लोकेशन लीक की.

अमेरिका ने खरीद लिए मादुरो के बॉडीगार्ड्स


सबसे सनसनीखेज खुलासा ये सामने आया कि मादुरो के निजी बॉडीगार्ड्स भी अमेरिका के लिए काम कर रहे थे. अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियों ने मादुरो के प्राइवेट बॉडीगार्ड्स को भी खरीद दिया था. इसके लिए अमेरिकी सरकार ने 50 मिलियन डॉलर की मोटी रिश्वत दी थी, जिससे मादुरो को पकड़ना बच्चों का खेल हो गया.

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कैसे मिली ऑपरेशन को सफलता?


अगस्त से ही CIA की एक छोटी टीम वेनेजुएला में डेरा डाले हुए थी, जो मादुरो के रोजमर्रा के रूटीन की बारीकियां ट्रैक कर रही थी. इसी खुफिया इनपुट ने ऑपरेशन को आसान बना दिया. अमेरिकी आर्मी की एलीट डेल्टा फोर्स ने मादुरो के सुरक्षित ठिकाने की बिल्कुल सटीक नकल बनाकर हमले का रिहर्सल किया, ताकि कोई चूक न हो. बैकअप के लिए कारिबियन सागर में दुनिया के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर USS जेराल्ड आर फोर्ड समेत 11 युद्धपोत तैनात थे.

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डोनाल्ड ट्रंप देख रहे थे लाइव मॉनिटरिंग


इसके अलावा करीब 4000 यूएस मरीन सैनिक हाई-अलर्ट पर मुस्तैद थे, अगर चीजें हाथ से निकल जातीं तो ये तुरंत एक्शन में आ जाते. ऑपरेशन का कंट्रोल रूम सा माहौल फ्लोरिडा के मार-ए-लागो क्लब में था, जहां राष्ट्रपति ट्रंप अपने टॉप सलाहकारों संग पूरे 7 घंटे लाइव स्ट्रीमिंग देखते रहे. हर मूव, हर चरण पर उनकी पैनी नजर थी.

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First published on: Jan 04, 2026 04:35 PM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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