जापान में पिछले कई महीनों से जबरदस्त भूकंप के झटकों ने अफरा-तफरी मचाए रखी. समुद्र में उठी ऊंची-ऊंची लहरों और सुनामी आने के खतरे ने साल 2011 की त्रासदी के जख्म ताजा कर दिए हैं. वहीं अब एक और प्राकृतिक आपदा जापान में तबाही मचाने के लिए तैयार है. दरअसल, प्रशांत महासागर में बेहद शक्तिशाली और विनाशकारी चक्रवाती तूफान ने दस्तक दी है, जिसका नाम डॉल्फिन रखा गया है. यह चक्रवाती तूफान पहले जापान और फिर चीन में लैंडफॉल करेगा, जो इन दोनों देशों के समुद तटीय इलाकों में भयानक तबाही मचा सकता है.
जापान में 500 उड़ानें रद्द और शिफ्ट किए गए लोग
जापान के मौसम विभाग (JMA) ने चक्रवाती तूफान की स्पीड और साइज को देखते हुए हाई अलर्ट और इमरजेंसी की घोषणा कर दी है. ओकिनावा और कागोशिमा स्टेट के करीब 2.6 लाख लोगों को शिफ्ट कर दिया गया है. 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द करके उन्हें घरों के अंदर रहने को कहा गया है. क्योंकि चक्रवाती तूफान डॉल्फिन के लैंडफॉल से समुद्र तटीय इलाकों में 144 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं और 200 किलोमीट स्पीड वाली हवा के झोंके लग रहे हैं. टाइफून के असर से 14000 से ज्यादा घरों में बिजली ठप है और जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हुआ है.
जापान के ओकिनावा में 14000 घरों की बिजली ठप
जापान मौसम विभाग (JMA) के अनुसार, टाइफून डॉल्फिन जापान के ओकिनावा स्टेट में कुमे द्वीप के ऊपर है, जो राजधानी से 160 किलोमीटर दूर उत्तर-पश्चिम में है. इस द्वीप को पार करके टाइफून डॉल्फिन पूर्वी चीन सागर में पहुंचेगा और वहां से चीन के पूर्वी तट की ओर बढ़ेगा. चीन में टाइफून की हवाओं की स्पीड 50 से 162 किमी प्रति घंटा हो सकती है. वहीं 216 किमी प्रति घंटा स्पीड वाली हवा के झोंके लग सकते हैं. समुद्र में 12 से 16.5 मीटर तक ऊंची खतरनाक लहरें उठ सकती हैं. अगले कुछ घंटों में तूफान और मजबूत हो सकता है, जिसके चलते भारती से बहुत भारी बारिश हो सकती है.
टोयोटा ने सुरक्षा कारणों से 9 फैक्ट्रियों में काम बंद किया
जापान मौसम विभाग (JMA) के अनुसार, टाइफून डॉल्फिन के कारण आए तूफान और भयानक बारिश को देखते हुए मशहूर ऑटोमोबाइल कंपनी टोयोटा ने सुरक्षा कारणों से अपनी 9 फैक्ट्रियों को अस्थायी समय के लिए बंद कर दिया है. टाइफून चीन के पूर्वी तटीय इलाकों झेजियांग और उत्तरी फुजियान में केंद्रित हो सकता है, जिसे ट्रैक करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन की मदद ली जा रही है. टाइफून डॉल्फिन 9 अगस्त की दोपहर या शाम से लेकर सोमवार 10 अगस्त की सुबह तक लैंडफॉल करेगा. शंघाई, झेजियांग, फुज्यान, जियांग्सू, अनहुई और जियांग्शी तूफान के दायरे में आएंगे.
पूर्वी चीन में सभी बंदरगाह और फेरी रूट बंद किए गए
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, झेजियांग या फुज्यान के बीच टाइफून लैंडफॉल करेगा, जिसके चलते पूर्वी और मध्य चीन के कई बड़े शहरों में हाई अलर्ट लागू कर दिया गया है. वेनझोउ टाइफून का केंद्र होगा और जब वह इस शहर से गुजरेगा तो 140 से 170 किमी प्रति घंटा रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं और मूसलाधार बारिश हो सकती है. रविवार से बुधवार तक इस शहर के लिए बारिश और तूफान विनाशकारी साबित हो सकती है. चीन की जिनपिंग सरकार ने पूर्वी तटीय बंदरगाहें और फेरी रूट बंद कर दिए गए हैं. बुधवार के बाद तूफान कमजोर पड़ेगा और वह वापस प्रशांत महासागर में समा जाएगा.
टाइफून को चौथी बार डॉल्फिन नाम हांगकांग ने दिया
बता दें कि प्रशांत महासागर में उठे चक्रवाती तूफान को डॉल्फिन नाम हांगकांग ने दिया है. हांगकांग के मस्कट में ‘चाइनीज व्हाइट डॉल्फिन’ के रेफरेंस में यह नाम दिया गया. विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के नियमों के अनुसार, जापान में आए इस तरह के तूफान को चौथी बार डॉल्फिन नाम दिया गया है. अब से पहले साल 2008, 2015, 2020 में आए तूफान का नाम डॉल्फिन था.
टाइफून डॉल्फिन का भारतीय मानसून पर पड़ेगा असर
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के अनुसार, प्रशांत महासागर में उठे टाइफून डॉल्फिन बेहद स्पीड से जापान से टकराया और अब उससे ज्यादा स्पीड से चीन से टकराएगा. इस स्पीड के कारण बंगाल की खाड़ी में बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र कमजोर हो सकते हैं, जिसके चलते देश के कुछ राज्यों में कम बारिश हो सकती है. बारिश का दौर पूरी तरह खत्म होने की संभावना भी बनी हुई है.