Parmod chaudhary
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World News in Hindi: डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में दूसरी बार जीत हासिल की थी। उनकी ताजपोशी की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। ट्रंप 20 जनवरी को वाशिंगटन (DC) में आयोजित समारोह में शपथ ग्रहण करेंगे। इससे पहले ही यूएस में उनकी ‘डिनर पॉलिटिक्स’ की चर्चा शुरू हो गई है। उनके साथ प्राइवेट डिनर के लिए लोगों को बड़ी रकम अदा करनी पड़ रही है। इसे यूएस में ‘फंडरेजिंग डिनर’ का नाम दिया गया है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ भी अगर कोई डिनर करना चाहता है तो पहले उसे भारी भरकम रकम अदा करनी पड़ती है।
The Guardian की एक रिपोर्ट के मुताबिक डिनर के लिए 5 अलग-अलग पैकेज तय किए गए हैं। यानी डिनर के लिए 5 तरह के टिकट खरीदने पड़ते हैं। पहला टिकट एक मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 9 करोड़ रुपये) का है। वहीं, अन्य टिकटों की कीमत 5 लाख डॉलर (4.32 करोड़ रुपये), ढाई लाख डॉलर (2.17 करोड़ रुपये), एक लाख डॉलर (87 लाख रुपये) और 50 हजार डॉलर (44 लाख रुपये) रखी गई है।
अगर बड़े (नामी लोग) डोनर्स ट्रंप के साथ निजी कार्यक्रमों में मुलाकात करना चाहते हैं तो उनको इसके लिए दोगुनी राशि का भुगतान करना पड़ता है। अगर कोई शख्स नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति वेंस के साथ डिनर करना चाहता है तो इस टियर के पैकेज में 2 टिकट खरीदने अनिवार्य हैं। वहीं, ट्रंप के साथ ‘कैंडललाइट डिनर’ करने के लिए टियर पैकेज के 6 टिकट खरीदने जरूरी हैं। रिपोर्ट के अनुसार काफी लोगों ने एक मिलियन का टियर पैकेज खरीदा है।
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Inaugural कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार अब तक डिनर पॉलिटिक्स के जरिए करीब 1700 करोड़ रुपये का फंड जुटा लिया गया है, जबकि लक्ष्य 2 हजार करोड़ का रखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में ट्रंप के साथ डिनर कार्यक्रम के जरिए 106 मिलियन डॉलर (918 करोड़ रुपये) का फंड जुटाया गया था। वहीं, निवर्तमान राष्ट्रपति बाइडेन के शपथ ग्रहण से पहले करीब 135 मिलियन डॉलर (1168) करोड़ का फंड जुटाया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार ट्रंप से मिलने के लिए बड़े उद्योगपति और लोग खास उत्साह दिखा रहे हैं। कई अरबपतियों ने दिल खोलकर दान की राशि अदा की है, ताकि वे ट्रंप से अपने संपर्क मजबूत कर सकें।
अमेरिका में फंडरेजिंग नियमों की निगरानी के लिए फेडरल इलेक्शन कमीशन (FEC) का गठन किया गया है। इस समिति को 90 दिन में अपनी रिपोर्ट दाखिल करनी होती है, जिसमें 200 या इससे ज्यादा डॉलर दान करने वालों का ब्योरा शामिल होता है। दान करने वाले का पूरा पता, तारीख और राशि का विस्तृत ब्योरा देना होता है। यूएस में डोनेशन की राशि पर रोक नहीं है। ट्रंप की समिति ने अधिकतम एक मिलियन डॉलर की राशि उन लोगों के लिए तय की है, जो नए राष्ट्रपति तक पहुंच बनाना चाह रहे हैं।
सिर्फ अमेरिका के नागरिक ही दान कर सकते हैं, बाहरी लोग दान नहीं दे सकते। यह समिति दान राशि मिलने के बाद 90 दिन तक किसी रजिस्टर्ड चैरिटी को भुगतान कर सकती है। हालांकि इन पैसों को कैसे खर्च किया जाता है, यह स्पष्ट नहीं है? सूत्रों के मुताबिक दान राशि राष्ट्रपति अपनी लाइब्रेरी आदि के खर्चे के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। इन पैसों को लेकर कई बार विवाद भी हो चुका है।
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