ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका के उन दावों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि ईरान और ओमान के बीच चल रही बातचीत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को फिर से खोलने के समझौते से जुड़ी है. IRGC का कहना है कि इस अहम जलमार्ग को फिर से खोलना इस बात पर निर्भर करता है कि वाशिंगटन तेहरान की शर्तें माने. IRGC के प्रवक्ता सरदार हुसैन मोहेब्बी ने एक बयान में कहा कि होर्मुज़ को फिर से खोलना इस बात पर डिपेंड करता है कि अमेरिका ईरान की शर्तें मानता है या नहीं, और इसका ईरान-ओमान बातचीत से कोई लेना-देना नहीं है.
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ईरान ने क्या कहा?
ईरानी मीडिया के मुताबिक, मोहेब्बी ने कहा, "ईरान के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक व्यापारिक मार्ग नहीं है, बल्कि भौगोलिक और रणनीतिक ताकत का एक अहम हिस्सा है." IRGC का ये बयान तब आया जब शुक्रवार को एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ईरान और ओमान के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है और इससे होर्मुज को फिर से खोलने का रास्ता बन सकता है. एक अमेरिकी अधिकारी ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि ट्रम्प प्रशासन को उम्मीद है कि ईरान और ओमान के बीच होर्मुज़ को लेकर समझौता हो जाएगा और इस रणनीतिक जलमार्ग पर जल्द ही कमर्शियल शिपिंग फिर से शुरू हो जाएगी. अधिकारी ने कहा, ''इस स्ट्रेट को लेकर ओमान और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है और हमें जल्द ही समझौते की उम्मीद है. एक बार बिना किसी रुकावट के कमर्शियल शिपिंग बहाल करने के समझौते की घोषणा हो जाने के बाद, अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी हटा लेगा.''
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ट्रंप ने क्या कहा?
इस बीच, गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान अब ज़्यादा समय तक नहीं टिक पाएगा और ये टकराव बहुत जल्द खत्म हो जाएगा. पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत में अमेरिका अच्छी स्थिति में है और दावा किया कि होर्मुज काफी हद तक खुला है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना की अगुवाई में एक नाकेबंदी चल रही है और हमारा उस पर नियंत्रण है. लेकिन वे कभी भी कुछ भी शूट कर सकते हैं या कोई माइन गिरा सकते हैं. अगर वहां एक भी माइन मौजूद हो, तो चीजें बिगड़ सकती हैं क्योंकि लोग अपनी अरबों डॉलर की नौकाओं को जोखिम में नहीं डालना चाहेंगे कि कहीं वे गलती से किसी माइन की चपेट में न आ जाएं.''
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