मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान को बड़ा झटका दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने तेहरान में मौजूद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक अंडरग्राउंड मुख्यालय पर जबरदस्त हवाई अटैक किया. इस हमले में एड्वांस्ड बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया, जो जमीन के अंदर बने मजबूत ठिकानों को भी पूरी तरह तबाह करने में सक्षम होते हैं. जानकारी के मुताबिक,ये हमला अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के चीफ एडमिरल ब्रैड कूपर के ऑर्डर पर किया गया. इस ऑपरेशन के लिए B-2 स्टेल्थ बॉम्बर्स का इस्तेमाल किया गया, जिन्होंने लंबी दूरी की उड़ान भरकर ईरान के इस सीक्रेट ठिकाने को निशाना बनाया. बताया जा रहा है कि ये ठिकाना IRGC के सीनियर कमांडरों की बैठक का सेंटर था.
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अमेरिका ने की डबल स्ट्राइक
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ये 'डबल स्ट्राइक' थी. पहले हमले के बाद जब रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची, तभी दूसरा हमला किया गया. इस वजह से IRGC के कई कमांडरों के साथ-साथ बचावकर्मियों के भी मारे जाने की आशंका जताई जा रही है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में इस्तेमाल किए गए बंकर-बस्टर बम इतने शक्तिशाली होते हैं कि वो गहराई में बने सैन्य ठिकानों को भी पूरी तरह तबाह कर सकते हैं. पिछले कुछ सालों में ईरान ने अपने कई सैन्य और परमाणु ठिकानों को अंडरग्राउंड सुरंगों और बंकरों में विकसित किया है, ताकि उन्हें हवाई हमलों से बचाया जा सके. ऐसे में इन खास बमों का इस्तेमाल रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है.
ट्रंप ने दी थी धमकी
इस हमले से पहले अमेरिकी नेतृत्व की ओर से कड़ी चेतावनी भी दी गई थी. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा था कि अगर उसने अपनी गतिविधियां नहीं रोकीं, तो उसे एक रात में खत्म किया जा सकता है. ट्रंप ने ये भी कहा था कि वो ईरान की एनर्जी, गैस, पानी समेत सभी ठिकानों को तबाह कर देगा. उन्होंने अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि अगर बुधवार तक होर्मुज स्ट्रेट को नहीं खोला गया तो इसका अंजाम ईरान को भुगतना पड़ेगा. लेकिन ट्रंप ने डेडलाइन खत्म होने से पहले ही ईरान पर इतना बड़ा हमला कर दिया. अमेरिका के युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने मंगलवार को ये भी कहा कि ईरान पर अमेरिका के हमले जारी हैं और आने वाले कुछ दिनों में ये और भी ज्यादा डरावने हो सकते हैं.
ये भी पढ़ें: रेस्क्यू के लिए कोई रनवे नहीं, दलदली खेत को बनाया बेस… ट्रंप ने खुद बताया- कैसे बचाया अपना पायलट
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान को बड़ा झटका दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने तेहरान में मौजूद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक अंडरग्राउंड मुख्यालय पर जबरदस्त हवाई अटैक किया. इस हमले में एड्वांस्ड बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया, जो जमीन के अंदर बने मजबूत ठिकानों को भी पूरी तरह तबाह करने में सक्षम होते हैं. जानकारी के मुताबिक,ये हमला अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के चीफ एडमिरल ब्रैड कूपर के ऑर्डर पर किया गया. इस ऑपरेशन के लिए B-2 स्टेल्थ बॉम्बर्स का इस्तेमाल किया गया, जिन्होंने लंबी दूरी की उड़ान भरकर ईरान के इस सीक्रेट ठिकाने को निशाना बनाया. बताया जा रहा है कि ये ठिकाना IRGC के सीनियर कमांडरों की बैठक का सेंटर था.
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अमेरिका ने की डबल स्ट्राइक
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ये ‘डबल स्ट्राइक’ थी. पहले हमले के बाद जब रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची, तभी दूसरा हमला किया गया. इस वजह से IRGC के कई कमांडरों के साथ-साथ बचावकर्मियों के भी मारे जाने की आशंका जताई जा रही है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में इस्तेमाल किए गए बंकर-बस्टर बम इतने शक्तिशाली होते हैं कि वो गहराई में बने सैन्य ठिकानों को भी पूरी तरह तबाह कर सकते हैं. पिछले कुछ सालों में ईरान ने अपने कई सैन्य और परमाणु ठिकानों को अंडरग्राउंड सुरंगों और बंकरों में विकसित किया है, ताकि उन्हें हवाई हमलों से बचाया जा सके. ऐसे में इन खास बमों का इस्तेमाल रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है.
ट्रंप ने दी थी धमकी
इस हमले से पहले अमेरिकी नेतृत्व की ओर से कड़ी चेतावनी भी दी गई थी. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा था कि अगर उसने अपनी गतिविधियां नहीं रोकीं, तो उसे एक रात में खत्म किया जा सकता है. ट्रंप ने ये भी कहा था कि वो ईरान की एनर्जी, गैस, पानी समेत सभी ठिकानों को तबाह कर देगा. उन्होंने अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि अगर बुधवार तक होर्मुज स्ट्रेट को नहीं खोला गया तो इसका अंजाम ईरान को भुगतना पड़ेगा. लेकिन ट्रंप ने डेडलाइन खत्म होने से पहले ही ईरान पर इतना बड़ा हमला कर दिया. अमेरिका के युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने मंगलवार को ये भी कहा कि ईरान पर अमेरिका के हमले जारी हैं और आने वाले कुछ दिनों में ये और भी ज्यादा डरावने हो सकते हैं.
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