'आपने कहा, चलो करते हैं…' ट्रंप ने ईरान पर हमले के लिए रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को ठहराया जिम्मेदार

Iran Israel War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि इस युद्ध की शुरुआत का सुझाव उनके रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दिया था. इस बयान से युद्ध की असली कहानी को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं.

Trump on Iran Israel War

Credit: Social Media

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अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध को लेकर अब नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक बयान देकर इस पूरे संघर्ष की जिम्मेदारी अपने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पर डाल दी है. उनके इस बयान के बाद युद्ध की शुरुआत को लेकर नई चर्चा छिड़ गई है. ट्रंप ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का सुझाव सबसे पहले पीट हेगसेथ ने दिया था. उन्होंने कहा कि पीट हेगसेथ ही थे जिन्होंने सबसे पहले कहा था कि हमें कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना पाए. ट्रंप जब ये बयान दे रहे थे तो हेगसेथ उनके साथ ही खड़े थे.

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क्या बोले ट्रंप?

ट्रम्प ने उस फैसले के घटित होने के पल को बड़े ही नाटकीय अंदाज में पेश किया. उन्होंने कहा, ”मैंने पीट को फोन किया. मैंने जनरल केन को फोन किया. मैंने अपने कई महान लोगों को फोन किया. हमारे सामने मध्य पूर्व में एक दिक्कत है या फिर हम रुककर मध्य पूर्व की एक छोटी यात्रा कर सकते हैं और एक बड़ी समस्या का समाधान कर सकते हैं.” शब्दों का इस्तेमाल भले ही अनौपचारिक रहा हो, लेकिन इसके परिणाम अनौपचारिक नहीं रहे हैं. हेगसेथ को निशाना बनाने से कुछ ही घंटे पहले, ट्रंप ने दावा किया कि खाड़ी देशों में ईरान के जवाबी हमले हैरान करने वाले थे. ये बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान युद्ध को लगभग चार हफ्ते हो चुके हैं और अमेरिका के अंदर ही इस युद्ध को लेकर सवाल उठने लगे हैं. कई लोग जानना चाहते हैं कि आखिर अमेरिका ने इस सैन्य कार्रवाई का फैसला क्यों और कैसे लिया.

ट्रंप सरकार में है मतभेद?

अब तक ट्रंप प्रशासन इस युद्ध को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी बता रहा था, लेकिन अब बयान बदलते नजर आ रहे हैं. अमेरिका और इजरायल ने फरवरी के आखिर में ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया था. इस अभियान का मकसद ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना और उसके परमाणु कार्यक्रम को रोकना बताया गया था. ट्रंप सरकार के कुछ लोगों का दावा है कि इजरायल वैसे भी हमला करने वाला था, जिससे अमेरिका का हस्तक्षेप जरूरी हो गया। वहीं, बाकी लोगों का कहना है कि ईरान परमाणु हथियार तैनात करने की कगार पर था, इसलिए युद्ध शुरू हुआ. हालांकि, इस युद्ध के चलते वैश्विक स्तर पर भी असर पड़ा है. तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, मिडिल ईस्ट में तनाव और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अस्थिरता देखी जा रही है. वहीं, अमेरिका के अंदर भी इस फैसले को लेकर राजनीतिक दबाव बढ़ता जा रहा है. रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पहले कई बार कहा है कि अमेरिका के लक्ष्य साफ हैं और ये युद्ध ईरान की सैन्य ताकत को खत्म करने के लिए है. लेकिन ट्रंप के हालिया बयान ने ये संकेत दिया है कि सरकार के भीतर भी इस मुद्दे पर मतभेद हो सकते हैं.

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Varsha Sikri

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वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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