ईरान पर अंतिम 'प्रहार' की तैयारी, 'ऑपरेशन स्लेजहैमर' पर मंथन कर रहा अमेरिका, जानें क्या है US आर्मी का प्लान?

Middle East War: अमेरिका पर ईरान युद्ध को खत्म करके होर्मुज स्ट्रेट को खोलने का दबाव है। उधर अमेरिका क्यूबा और ताइवान को लेकर भी कोई फैसला लेना चाहता है। यूक्रेन युद्ध खत्म कराने की प्लानिंग भी है। लेकिन यह तभी संभव हो पाएगा, जब राष्ट्रपति ट्रंप एक तरफ से निपट जाएं। इसके लिए अमेरिकी रक्षा विभाग ने एक प्लान बनाया है।

Middle East War

अमेरिका पर ईरान युद्ध खत्म करके होर्मुज स्ट्रेट खोलने का दबाव है।

चीन से लौटने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप दबाव में नजर आ रहे हैं। एक ओर चीन के साथ ताइवान को लेकर तनातनी है तो दूसरी ओर क्यूबा को लेकर भी उन्हें कोई फैसला लेना है। इधर ईरान के साथ परमाणु समझौता करने के कूटनीतिक प्रयास भी सफल नहीं हो रहे हैं। ऐसे में ईरान के साथ युद्धविराम टूटने की आशंका पैदा हो गई है। अमेरिका के रक्षा विभाग ने ईरान पर अंतिम प्रहार की तैयारी शुरू कर दी है। चर्चा है कि ईरान के खिलाफ नए नाम के साथ सैन्य अभियान चलाया जा सकता है।

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युद्ध खत्म कर होर्मुज खोलने का दबाव बढ़ा

NBC की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस के अधिकारियों से इनपुट मिला है कि ट्रंप पर ईरान युद्ध को खत्म करके होर्मुज को खोलने का दबाव है। इसके लिए ईरान पर फाइनल अटैक करके युद्ध करने की योजना है। अगर राष्ट्रपति ट्रंप परमिशन दें तो ईरान पर आखिरी हमला करने के लिए टारगेट लिस्ट तैयार है। इस बार अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर युद्ध अभियान चलाएगी और युद्ध का नाम आधिकारिक रूप से बदलकर ऑपरेशन स्लेजहैमर रखने पर विचार जारी है।

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी ऑफिशियली खत्म

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के साथ 28 फरवरी से युद्ध जारी है। हालांक ऑपरेशन एपिक फ्यूरी चलाकर अमेरिकी सेना अपने प्राइमरी टारगेट पूरे कर चुके हैं, इसलिए वह ऑपरेशन पूरा हो गया है। खुद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस बारे में अपडेट दिया। वहीं 8 अप्रैल से सीजफायर जारी है, लेकिन इस बीच ईरान से परमाणु समझौते के लिए शांति वार्ता फेल हो गई। न ईरान शर्तें मानने को तैयार है और न ही ट्रंप को शर्तें स्वीकार हैं। ऐसे में सीजफायर भी अब टूटने की कगार पर पहुंच गया है।

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ईरान के यूरेनियम की जब्ती का प्लान बना

विदेश मंत्री मार्को रुबियो का कहना है कि अमेरिकी संविधान के अनुसार 60 दिन से ज्यादा समय तक युद्ध को जारी नहीं रखा जा सकता है। इसलिए कांग्रेस को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को ऑफिशियली खत्म करने का संदेश भिजवा दिया गया है। ऐसे में अब ईरान के खिलाफ दूसरा और नया ऑपरेशन स्लेहजहैमर चलाकर उसके यूरेनियम को जब्त किया जा सकता है। परमाणु ठिकानों और मिसाइल फैक्ट्रियों को तबाह किया जा सकता है। उसके ऑयल और गैस प्लांट पर कब्जा किया जा सकता है।

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ईरानी संसद के स्पीकर गालिबाफ की धमकी

ईरान भी संभावित हमलों का मुंहतोड़ जवाब देने की घोषणा कर चुका है। ईरान ने भी सैन्य संघर्ष को लेकर सतर्कता बरतते हुए सैन्य तैयारी शुरू कर दी है। अपने एयर डिफेंस सिस्टम को फिर से एक्टिव कर लिया है। ईरान की संसद के स्पीकर गालिबाफ अपने X हैंडल पर पोस्ट लिखते हैं कि ईरान किसी भी तरह की आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है। होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल और टोल टैक्स वसूलने की पॉलिसी भी तैयार है, लेकिन अमेरिका का शुरू किया युद्ध खत्म ईरान ही करेगा।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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