इस शहर में अगले 84 दिनों तक नहीं डूबेगा सूरज! जानिए आखिर क्यों होता है ऐसा अनोखा नजारा
Duniya ka wo shahar jahan raat nahi hoti: क्या आप जानते हैं दुनिया में एक शहर ऐसा है, जहां अब अगले 84 दिनों तक रात का नहीं होगी, यानी 24 घंटा आसमान में सूरज चमकता रहेगा. आइए जानते हैं इस स्टोरी में आखिर ऐसा होता क्या है?
Written By:
Azhar Naim
Updated: May 12, 2026 15:16
Edited By :
Azhar Naim
Updated: May 12, 2026 15:16
दुनिया का वो शहर जहां नहीं डूबता सूरज? (Image: AI)
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हाइलाइट्स
News24 AI द्वारा निर्मित • संपादकीय टीम द्वारा जांचा गया
उत्कियागविक में मध्यरात्रि सूर्य की घटना
उत्कियागविक में शनिवार को इस मौसम का आखिरी सूर्यास्त देखा गया, जिसके बाद अगले 84 दिनों तक सूरज नहीं डूबेगा.
स्थानीय समयानुसार सुबह 2:57 बजे सूरज फिर से निकला और अब 2 अगस्त तक लगातार आसमान में दिखाई देगा.
इस अनोखी घटना को 'मिडनाइट सन' कहा जाता है, जहाँ आधी रात में भी दिन जैसा उजाला बना रहता है.
वैज्ञानिक कारण और प्रभाव
पृथ्वी का लगभग 23.5 डिग्री का झुकाव इस घटना के लिए जिम्मेदार है, जिससे गर्मियों में उत्तरी ध्रुव सूरज की तरफ झुक जाता है.
अमेरिका के सबसे उत्तरी शहर Utqiagvik में एक बेहद अनोखी प्राकृतिक घटना शुरू हो चुकी है. यहां शनिवार को इस मौसम का आखिरी सूर्यास्त देखा गया, और अब अगले 84 दिनों तक यहां सूरज डूबेगा ही नहीं. स्थानीय समय के अनुसार सुबह 2:57 बजे सूरज फिर से निकला और अब 2 अगस्त तक लगातार आसमान में दिखाई देगा. इस अनोखी घटना को 'मिडनाइट' सन कहा जाता है, जहां आधी रात में भी दिन जैसा उजाला बना रहता है. सुनने में यह अजीब लग सकता है, लेकिन इसके पीछे क्या वजह है आइए जानते हैं इस स्टोरी में.
आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि आखिर ऐसा होता क्यों है? दरअसल, इस हैरान कर देने वाली घटना के पीछे पृथ्वी का झुकाव जिम्मेदार है. पृथ्वी लगभग 23.5 डिग्री के कोण पर झुकी हुई है और जब यह सूरज के चारों ओर घूमती है, तो अलग-अलग हिस्सों पर सूरज की रोशनी अलग तरीके से पड़ती है. गर्मियों में उत्तरी ध्रुव सूरज की तरफ झुक जाता है, जिसकी वजह से आर्कटिक सर्कल के ऊपर मौजूद क्षेत्रों में सूरज पूरी तरह डूब नहीं पाता और लगातार रोशनी बनी रहती है.
सर्दियों में होता है बिल्कुल उल्टा नजारा
एक तरफ जहां गर्मियों में यहां लगातार दिन रहता है, वहीं सर्दियों में स्थिति पूरी तरह बदल जाती है. उस समय Utqiagvik में सूरज कई हफ्तों तक दिखाई ही नहीं देता, जिसे 'पोलर नाइट' कहा जाता है. इस दौरान पूरा इलाका लंबे समय तक अंधेरे में डूबा रहता है. पृथ्वी के ध्रुवों के जितना करीब कोई स्थान होता है, वहां मौसम के साथ दिन और रात में बदलाव उतना ही ज्यादा देखने को मिलता है.
वैज्ञानिक नजरिये से खास है ये घटना
वैज्ञानिकों के लिए यह प्राकृतिक घटना काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इससे पृथ्वी की कक्षा, वातावरण और इंसानों के शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों को समझने में मदद मिलती है. वहीं स्थानीय लोगों के लिए यह उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. लगातार चमकते सूरज के बीच यहां की गर्मियों का अनुभव दुनिया के किसी भी दूसरे शहर से बिल्कुल अलग और बेहद खास माना जाता है.
अमेरिका के सबसे उत्तरी शहर Utqiagvik में एक बेहद अनोखी प्राकृतिक घटना शुरू हो चुकी है. यहां शनिवार को इस मौसम का आखिरी सूर्यास्त देखा गया, और अब अगले 84 दिनों तक यहां सूरज डूबेगा ही नहीं. स्थानीय समय के अनुसार सुबह 2:57 बजे सूरज फिर से निकला और अब 2 अगस्त तक लगातार आसमान में दिखाई देगा. इस अनोखी घटना को ‘मिडनाइट’ सन कहा जाता है, जहां आधी रात में भी दिन जैसा उजाला बना रहता है. सुनने में यह अजीब लग सकता है, लेकिन इसके पीछे क्या वजह है आइए जानते हैं इस स्टोरी में.
आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि आखिर ऐसा होता क्यों है? दरअसल, इस हैरान कर देने वाली घटना के पीछे पृथ्वी का झुकाव जिम्मेदार है. पृथ्वी लगभग 23.5 डिग्री के कोण पर झुकी हुई है और जब यह सूरज के चारों ओर घूमती है, तो अलग-अलग हिस्सों पर सूरज की रोशनी अलग तरीके से पड़ती है. गर्मियों में उत्तरी ध्रुव सूरज की तरफ झुक जाता है, जिसकी वजह से आर्कटिक सर्कल के ऊपर मौजूद क्षेत्रों में सूरज पूरी तरह डूब नहीं पाता और लगातार रोशनी बनी रहती है.
सर्दियों में होता है बिल्कुल उल्टा नजारा
एक तरफ जहां गर्मियों में यहां लगातार दिन रहता है, वहीं सर्दियों में स्थिति पूरी तरह बदल जाती है. उस समय Utqiagvik में सूरज कई हफ्तों तक दिखाई ही नहीं देता, जिसे ‘पोलर नाइट’ कहा जाता है. इस दौरान पूरा इलाका लंबे समय तक अंधेरे में डूबा रहता है. पृथ्वी के ध्रुवों के जितना करीब कोई स्थान होता है, वहां मौसम के साथ दिन और रात में बदलाव उतना ही ज्यादा देखने को मिलता है.
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वैज्ञानिक नजरिये से खास है ये घटना
वैज्ञानिकों के लिए यह प्राकृतिक घटना काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इससे पृथ्वी की कक्षा, वातावरण और इंसानों के शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों को समझने में मदद मिलती है. वहीं स्थानीय लोगों के लिए यह उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. लगातार चमकते सूरज के बीच यहां की गर्मियों का अनुभव दुनिया के किसी भी दूसरे शहर से बिल्कुल अलग और बेहद खास माना जाता है.