अमेरिका ने ईरान पर फिर एयर स्ट्राइक की है. अमेरिकी सेना ने कई इलाकों में बम बरसाए हैं. ईरान के बंदर अब्बास इलाके में धमाकों की आवाज सुनी गई है.
Middle East War Updates: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच महाजंग जारी है। 3 दिन से दोनों देश एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर और अंतरिम समझौता रद्द कर दिया है। क्योंकि ईरान होर्मुज स्ट्रेट में अवैध रास्ते से आवाजाही का आरोप लगाकर जहाजों पर हमले कर रहा है। ईरान को सबक सिखाने के लिए अमेरिकी सेना तबाही मचा रही है। वहीं पलटवार करते हुए ईरान अरब देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकाने उड़ा रहा है।
मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान के हमलों से जुड़े पल-पल के लाइव अपडेट्स के लिए बने रहें News 24 के साथ…
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगई ने बयान जारी किया है कि ईरान ने अमेरिका के साथ हुए अंतरिम समझौता ज्ञापन के तहत अपनी सभी प्रतिबद्धताओं का सम्मान किया है। कोई भी ईरान पर वादों का उल्लंघन करने का आरोप नहीं लगा सकता। अमेरिका ने बहाने बनाकर समझौते के प्रावधानों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
ईरान में अमेरिका के हमलों में कम से कम 2 लोगों के मारे जाने और 11 लोगों के घायल होने की खबर है। सैन्य अड्डे पर हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई और 7 लोग घायल हो गए। महशहर में कृषि जल पंपिंग स्टेशन पर हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 4 अन्य घायल हुए।
फ्रांस ने कहा है कि ईरान पर लगे प्रतिबंध तब तक नहीं हटाए जाएंगे, जब तक तेहरान अपना परमाणु कार्यक्रम बंद नहीं कर देता। फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने कहा कि पेरिस संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों में ढील देने का तब तक समर्थन नहीं करेगा, जब तक कि वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम और व्यापक अमेरिका-इजरायल संघर्ष पर अंतिम समझौते की शर्तों से संतुष्ट नहीं हो जाता।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बयान जारी किया है कि होर्मुज स्ट्रेट के लिए ओमान के साथ जॉइंट सिस्टम बनाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन मस्कट पर अमेरिकी दबाव के कारण योजना बाधित हुई है। यदि अमेरिका अपने दायित्वों को पूरा नहीं करता है तो वह भी वाशिंगटन के साथ हुए समझौता ज्ञापन के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करने के लिए बाध्य नहीं है।
अमेरिका के साथ जारी संघर्ष और घरेलू अशांति के बीच ईरान ने बहाई समुदाय पर कार्रवाई तेज कर दी है। जनवरी से जुलाई तक हजारों लोगों को जेल में डाला जा चुका है। गिरफ्तार लोगों ने यातना, जबरन कबूलनामे और धार्मिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है। अधिकारियों पर घरों पर छापे मारने, धार्मिक प्रतीकों का अपमान करने और केवल उनके धर्म के कारण बहाई समुदाय को निशाना बनाने का भी आरोप है।
अमेरिका के हमलों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई जारी है। ईरान अरब देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है। इसके मद्देनजर बहरीन ने अपने वार्निंग सिस्टम को एक्टिव कर दिया है। लोगों को भी सतर्क रहने को कहा गया है।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही 5 सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गई है। रॉयटर्स के अनुसार, होर्मुज, अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू हुए हमलों और मध्य पूर्व में जहाजों पर हुए हमलों ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं को बढ़ा दिया है। केप्लर के जहाज ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से केवल 6 जहाज ही गुजरे।
अल जजीरा ने क्विंसी इंस्टीट्यूट फॉर रिस्पॉन्सिबल स्टेटक्राफ्ट के ट्रिटा पारसी के हवाले से तेल की कमी होने की संभावना जताई है। क्योंकि मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान का युद्ध गहराता जा रहा है। ईरान और अमेरिका भी मान चुके हैं कि वे एक और लंबे युद्ध का जोखिम नहीं उठा सकते, इसलिए दोनों पर युद्ध को रोकने का दबाव है। ऐसे में एक बार फिर ऐसे हालात बन सकते हैं और ईरान-अमेरिका पर संघर्ष को खत्म करने दबाव देश बना सकते हैं।
जॉर्डन की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, जॉर्डन की सेना ने ईरान की 4 मिसाइलों को रोका है। जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली चार मिसाइलों को रोककर नष्ट कर दिया गया है।
ईरान ने अमेरिका पर होर्मुज स्ट्रेट में अवैध रास्ता बनाने का आरोप लगाया है। ओमान पर दबाव बनाकर उससे मदद ली जा रही है। मध्य पूर्व के कई देश अमेरिका की मदद कर रहे हैं। लेकिन ऐसा होने नहीं दिया जाएगा। होर्मुज पर ईरान का ही कंट्रोल रहेगा, जो सभी देशों को स्वीकार करना होगा।
ईरान ने अरब देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों को उड़ा दिया है। ईरान ने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस पर हमला किया, जिससे MQ-4C ट्राइटन ड्रोन हैंगर तबाह हो गया। कतर के अल-उदैद एयर बेस पर हमलाक करके एक हैंगर को नुकसान पहुंचाया। बहरीन में यूएस 5th फ्लीट हेडक्वार्टर के पास स्टोरेज फैसिलिटी पर मिसाइल दागी। कुवैत में एक पुरानी यूएन बेस पर हमला करके नुकसान पहुंचाया। ईरान ने इस बेस पर अमेरिका के द्वारा HIMARS मिसाइल से हमले करने के लिए इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया है।









