ट्रंप की 6 शर्तों से भड़का ईरान, कहा- नहीं करेंगे अमेरिका से कोई समझौता, सुरक्षा की गारंटी पर भरोसा नहीं

Middle East War: युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका ने शर्तें रखीं तो ईरान भड़क गया। तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका के साथ कोई समझौता करने से इनकार कर दिया। ईरान ने साफ-साफ कहा है कि अमेरिका जिस तरह का रवैया अपना रहा है, उसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Donald Trump, Mojtaba Khamenei
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ईरान ने युद्ध समाप्त करने और समझौता करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की 6 शर्तों पर नाराजगी जताई है। ईरान के लिए ट्रंप के रवैये से नारजागी जताई है। हालांकि ट्रंप की शर्तें जानने के बाद ईरान की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन ईरान ने अपनी तरफ से ढील न देने के संकेत दिए हैं। साथ ही परमाणु मुद्दे पर किसी तरह का समझौते करने से इनकार किया है।

ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद गलिबाफ ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि ईरान को अमेरिका की सुरक्षा की गारंटी पर भरोसा नहीं है। ईरान अपनी मिसाइल ताकत के कारण दबाव झेलने में सक्षम रहा है और उसे अमेरिका की गारंटी पर भरोसा नहीं है। तेहरान केवल कार्रवाई के आधार पर फैसले करेगा। जब तक अमेरिका कोई ठोस कदम नहीं उठाएगा, तब तक हम भी कोई कदम नहीं उठाएंगे।

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ईरान ने अपनी शर्तें फिर से दोहराईं

ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को टोल फ्री करने और अपने परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करने के लिए हामी भरी है, लेकिन यह दोनों बातें असल समझौते में नहीं हैं। बातचीत आगे बढ़ाने से पहले अमेरिका को तुरंत 12 अरब डॉलर की ईरानी संपत्तियों को डिफ्रीज करना होगा। लेबनान में पूरी तरह से युद्धविराम और हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायली एक्शन पर रोक लगानी होगी।

ईरान के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों में आधी सच्चाई और आधा झूठ है। यह जल्दबाजी में किए गए जीत के दावे की तरह है। अमेरिका को ईरान के लिए ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ईरान अपने सभी फैसले केवल ईरान की जनता के हितों और अधिकारों के आधार पर लेता है। ईरान किसी बाहरी दबाव में नहीं आएगा और न ही झुकेगा।

ईरान के लिए अमेरिका की 6 शर्तें

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वे ईरान पर अंतिम फैसला लेने के लिए सिचुएशन रूम में जा रहे हैं।सिचुएशन रूम व्हाइट हाउस में बना वह कमरा है, जहां से वे वैश्विक संकटों पर नजर रखते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी तरफ से एकतरफा युद्ध समाप्ति की शर्तों की घोषणा भी की है, जो इस प्रकार हैं…

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1. ईरान को स्वीकार करना होगा कि उसके पास कभी भी परमाणु हथियार या बम नहीं होगा।

2. होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत खोलना होगा, किसी भी प्रकार का टोल नहीं होगा और दोनों दिशाओं में मालवाहक और सैन्य जहाजों के लिए शिपिंग की अनुमति रहेगी।

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3. अगर होर्मुज स्ट्रेट में वाटर माइंस (बम) मौजूद हैं तो उन्हें अमेरिका के द्वारा समाप्त किया जाएगा।

4. जो जहाज नाकेबंदी के कारण होर्मुज स्ट्रेट में फंसे थे, वह अब खुलने के बाद वापसी की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं, यानी नाकेबंदी को अब हटा लिया गया है।

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5. संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका, ईरान और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के सहयोग से खोदकर निकाला जाएगा और नष्ट कर दिया जाएगा।

6. किसी प्रकार के आर्थिक लेन-देन पर फिलहाल रोक रहेगी, ईरान की संपत्तियां तब तक डिफ्रीज नहीं होंगी, जब तक आगे की सूचना न दी जाए।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

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खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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