Donald Trump Save America Act: अमेरिका की ट्रंप सरकार घुसपैठियों यानी अवैध प्रवासियों के खिलाफ एक अभियान शरू करने जा रही है। राष्ट्रपति ट्रंप ‘सेव अमेरिका एक्ट’ लेकर आए हैं, जिसके तहत अमेरिका में वोटर कार्ड अनिवार्य होगा। ऐसे में अब तक ड्राइविंग लाइसेंस या क्रेडिट कार्ड दिखाकर वोट करने वाले एक्ट लागू होने के बाद वोटर कार्ड के नियमों में बंध जाएंगे और एक्ट लागू होने के बाद जो भी चुनाव होगा, उसमें वोटर कार्ड दिखाकर की मतदान करने दिया जाएगा।
JUST IN – Trump is asking all Republicans to fight for the following:
— Insider Paper (@TheInsiderPaper) February 5, 2026
SAVE AMERICA ACT!
1. ALL VOTERS MUST SHOW VOTER ID (IDENTIFICATION!).
2. ALL VOTERS MUST SHOW PROOF OF UNITED STATES CITIZENSHIP TO REGISTER FOR VOTING.
3. NO MAIL-IN BALLOTS (EXCEPT FOR ILLNESS, DISABILITY,… pic.twitter.com/08lp9krq6z
नागरिकता का प्रमाण माने जाएंगे वोटर कार्ड
बता दें कि सेव अमेरिका एक्ट लागू होने के बाद वोटर कार्ड अनिवार्य होगा, जो भारत की तरह अमेरिका की नागरिकता का प्रमाण होगा. इसके अलावा वोट डालते समय अब अमेरिकी नागरिकता का पुख्ता सबूत देना होगा, जैसे पासपोर्ट, बर्थ सर्टिफिकेट या नेशनल सिक्योरिटी नंबर दिखाना होगा। अभी तक ड्राइविंग लाइसेंस, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, यूटिलिटी बिल दिखाकर वोट डालने जा रहे थे, जिसकी आड़ में अवैध अप्रवासी भी वोट कर देते थे, लेकिन एक्ट लागू होने के बाद ऐसा नहीं होगा।
ट्रंप जल्द लागू कर देंगे एग्जीक्यूटिव ऑर्डर
बता दें कि सेव अमेरिका एक्ट लागू होने के बाद मेल-इन बैलट पर पाबंदी लग जाएगी और पोस्टल बैलेट केवल बीमार होने, विकलांगता, सैन्यकर्मी या यात्रा के विशेष मामलों में ही मान्य होंगे। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर पोस्ट लिखकर बताया कि जल्दी ही वोटर कार्ड अनिवार्य का नियम लागू किया जाएगा और इसके लिए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी किया जाएगा। एक कार्यक्रम के दौरान मिडटर्म इलेक्शन को लेकर हुई चर्चा के दौरान भी उन्होंने वोटर कार्ड को लेकर अपना प्लान बताया।
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देश का चुनाव आयोग नहीं है अमेरिका में
बता दें कि अब तक अमेरिका में मतदान को लेकर कोई नियम नहीं है। अमेरिका में स्टेट एजेंसी अपने हिसाब से वोटिंग करा लेती हैं, क्योंकि देश में कोई एक सेंट्रल इलेक्शन कमीशन नहीं है, जैसे भारत में है, वहीं हर राज्य ने मतदान के लिए अलग-अलग कानून बनाए गए हैं। कई राज्यों में साइन करके वोट डाले जाते हैं। 15 राज्यों में बिना फोटो ID के वोटिंग का नियम है। कुछ राज्यों में नाम और पते की पुष्टि करके मतदान कर दिया जाता है।










