सीरिया के पूर्व तानाशाह बशर अल-असद को मौत की सजा, कोर्ट ने मानवता के खिलाफ अपराधों का पाया दोषी

सीरिया के बेदखल तानाशाह बशर अल-असद को दमिश्क की आपराधिक अदालत ने मौत की सजा सुनाई है. अदालत ने असद को गृहयुद्ध के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों और युद्ध अपराधों का दोषी पाया. असद के साथ उनके रिश्तेदार आतिफ नजीब को भी मौत की सजा दी गई है.

bashar al assad

सीरिया की एक आपराधिक अदालत ने देश के पूर्व राष्ट्रपति और बेदखल तानाशाह बशर अल-असद को मौत की सजा सुनाई है. अदालत ने मंगलवार को असद को 24 साल के शासनकाल और सीरियाई गृहयुद्ध के दौरान किए गए युद्ध अपराधों तथा मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराया. दिसंबर 2024 में असद सरकार के गिरने और अहमद अल-शरा के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनने के बाद से यह पहला मौका है जब सीरिया की अदालत ने बशर अल-असद के खिलाफ यह बड़ा फैसला सुनाया है. असद पर यह मुकदमा उनकी अनुपस्थिति में चलाया गया, क्योंकि जब से दिसंबर 2024 में उनकी सरकार गिर गई और अहमद अल-शारा के नेतृत्व में एक नई सरकार सत्ता में आई. वह अपने परिवार के साथ मॉस्को भाग गए थे. जिससे उनके 24 साल के शासन का अंत हो गया.

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रिश्तेदार आतिफ नजीब को भी मौत की सजा

अदालत ने असद के चचेरे भाई और डेरा प्रांत के पूर्व राजनीतिक सुरक्षा प्रमुख आतिफ नजीब को भी मौत की सजा सुनाई है. आतिफ नजीब को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश किया गया था और उन्हें पहले से योजना बनाकर की गई हत्याओं व टॉर्चर का दोषी पाया गया. 2011 में सीरिया में शुरू हुए विद्रोह की सबसे पहली चिंगारी डेरा प्रांत से ही उठी थी, जहां सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई की थी.

24 साल का क्रूर शासन और रासायनिक हमले

बशर अल-असद ने साल 2000 में अपने पिता हाफिज अल-असद की मौत के बाद सत्ता संभाली थी. और दिसंबर 2024 में सत्ता से हटाए जाने तक सीरिया पर शासन किया. उनके पिता ने लगभग तीन दशकों तक देश पर शासन किया था. 2011 में शुरू हुए गृहयुद्ध के दौरान असद सरकार पर रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल, लोगों को गायब करने और जेलों में प्रताड़ित करने के संगीन आरोप लगे. 2013 में दमिश्क के पास पूर्वी गूटा में हुए सरीन गैस हमले में भी असद सरकार की संलिप्तता सामने आई थी. 2013 में रासायनिक हमलों से जुड़े मानवता के खिलाफ अपराधों में संलिप्तता के आरोप में असद के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे. पूर्व सरकार पर व्यापक हिरासत और यातना प्रणाली चलाने का भी आरोप लगाया गया था.

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अंतरिम सरकार का कानूनी शिकंजा

सीरिया में अंतरिम सरकार द्वारा पूर्व शासन के अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों पर लगातार कानूनी कार्यवाही की जा रही है. इसी प्रक्रिया के तहत असद और उनके करीबियों को सजा सुनाई गई है. कुछ आरोपी खुद अदालत में पेश हो रहे हैं, जबकि असद जैसे फरार नेताओं पर उनकी अनुपस्थिति में मुकदमा चलाया जा रहा है. इसके अलावा, यूरोप की अदालतों में भी असद सरकार के पूर्व सुरक्षा अधिकारियों पर दुर्व्यवहार और प्रताड़ना के मामलों में मुकदमे चल रहे हैं.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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