हिजाब पर इस देश का बड़ा फैसला, परंपरा को हराम घोषित करके जारी किया फतवा, आजादी के जश्न से जुड़ा है मामला

महिलाओं के कपड़े पहनकर पुरुष फुटबॉल खेलते है और हजारों लोग मैच देखते आते हैं. हर साल आजादी के दिन यह परंपरा निभाई जाती है, लेकिन उलेमा काउंसिल ने फतवा जारी करके पुरुषों पर महिलाओं के कपड़े पहनने पर रोक लगा दी है.

indonesia ulema council fatwa

Credit- News 24 GFX

कैरेबियाई देश इंडोनेशिया में लड़कियों के कपड़े पहनकर फुटबॉल खेलने की परंपरा है, जिसे अब बैन कर दिया गया है. फतवा जारी करके हिजाब या बुर्का पहनकर फुटबॉल खेलने की परंपरा को शरिया और सामाजिक नियमों का उल्लंघन करा दिया गया. साथ ही पुरुषों को चेतावनी दी गई है कि वे बुर्का और हिजाब पहनकर फुटबॉल न खेलें. फतवा इंडोनेशिया की सबसे बड़ी इस्लामिक धार्मिक संस्था इंडोनेशियाई उलेमा काउंसिल (MUI) ने जारी किया है, जिसका पालन न करने पर कड़ी से कड़ी सजा देने का ऐलान किया गया है.

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स्वतंत्रता दिवस पर निभाई जाती सालों पुरानी परंपरा

दरअसल, इंडोनेशिया 17 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मानता है. सदियों की गुलामी के बाद इंडोनेशिया को 17 अगस्त 1945 को आजादी मिली थी. हर साल 17 अगस्त को देशभर में आजादी का जश्न मनाया जाता है. खेल, परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. रस्साकशी, बोरी-दौड़ और क्रैकर खाने की प्रतियोगिताएं होती हैं. रंग-बिरंगी झांकियों वाली परेड निकाली जाती है. जश्न के तहत कुछ समदायों में पुरुष महिलाओं के कपड़े, हिजाब और बुर्का आदि पहनकर फुटबॉल खेलते हैं, जिसे हजारों लोग देखने आते.

परंपरा सिर्फ मजाक, न कि जेंडर विशेष की पहचान

स्वतंत्रता दिवस समारोह में आयोजित परेड में भी पुरुष कभी-कभी ऐसे कपड़े या रंगबिरंगी पोशाक पहनकर आते हैं. सालों से यह परंपरा निभाई जा रही है और इस परंपरा को सिर्फ मजाक के तौर पर लिया जाता है, न कि जेंडर विशेष को नीचा दिखाने या किसी जेंडर विशेष की पहचान से जुड़ा मैसेज दिया जाता है. लेकिन उलेमा काउंसिल के फतवा आयोग ने पुरुषों के द्वारा महिलाओं के कपड़े पहनने और फुटबॉल खेलने की परंपरा को शरिया और सामाजिक नियमों का उल्लंघन माना है. LGBTQ विरोधी भावनाओं को भड़काने वाली परंपरा कहा.

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इंडोनेशिया में गे समुदाय के लोगों पर हो चुका हमला

इंडोनेशिया में पहली बार नहीं है, जब उलेमा काउंसिल ने किसी दूसरे जेंडर के कपड़े पहनने का विरोध किया है. ताजा फतवा तब जारी किया गया है, जब इंडोनेशिया में गे समुदाय के लोगों पर हमले हुए. राष्ट्रपति ने तो LGBTQ कल्चर को खतरा बताया है. वहीं फतवे में पुरुषों को चेतावनी दी गई है कि वे स्वतंत्रता दिवस के जश्न पर महिलाओं के कपड़े न पहनें. क्योंकि मुस्लिम-बहुल एशियाई देश में LGBTQ-विरोधी भावनाएं बढ़ रही हैं. काउंसिल ने लेस्बियन, गे, सोडोमी और अश्लीलता (LGSP) के खिलाफ चल रहे अभियान को रोकने की कोशिश की है.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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