कैरेबियाई देश इंडोनेशिया में लड़कियों के कपड़े पहनकर फुटबॉल खेलने की परंपरा है, जिसे अब बैन कर दिया गया है. फतवा जारी करके हिजाब या बुर्का पहनकर फुटबॉल खेलने की परंपरा को शरिया और सामाजिक नियमों का उल्लंघन करा दिया गया. साथ ही पुरुषों को चेतावनी दी गई है कि वे बुर्का और हिजाब पहनकर फुटबॉल न खेलें. फतवा इंडोनेशिया की सबसे बड़ी इस्लामिक धार्मिक संस्था इंडोनेशियाई उलेमा काउंसिल (MUI) ने जारी किया है, जिसका पालन न करने पर कड़ी से कड़ी सजा देने का ऐलान किया गया है.
कर्नाटक में अब छात्राएं पहन सकेंगी हिजाब, सरकार ने पलटा BJP का फैसला
स्वतंत्रता दिवस पर निभाई जाती सालों पुरानी परंपरा
दरअसल, इंडोनेशिया 17 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मानता है. सदियों की गुलामी के बाद इंडोनेशिया को 17 अगस्त 1945 को आजादी मिली थी. हर साल 17 अगस्त को देशभर में आजादी का जश्न मनाया जाता है. खेल, परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. रस्साकशी, बोरी-दौड़ और क्रैकर खाने की प्रतियोगिताएं होती हैं. रंग-बिरंगी झांकियों वाली परेड निकाली जाती है. जश्न के तहत कुछ समदायों में पुरुष महिलाओं के कपड़े, हिजाब और बुर्का आदि पहनकर फुटबॉल खेलते हैं, जिसे हजारों लोग देखने आते.
परंपरा सिर्फ मजाक, न कि जेंडर विशेष की पहचान
स्वतंत्रता दिवस समारोह में आयोजित परेड में भी पुरुष कभी-कभी ऐसे कपड़े या रंगबिरंगी पोशाक पहनकर आते हैं. सालों से यह परंपरा निभाई जा रही है और इस परंपरा को सिर्फ मजाक के तौर पर लिया जाता है, न कि जेंडर विशेष को नीचा दिखाने या किसी जेंडर विशेष की पहचान से जुड़ा मैसेज दिया जाता है. लेकिन उलेमा काउंसिल के फतवा आयोग ने पुरुषों के द्वारा महिलाओं के कपड़े पहनने और फुटबॉल खेलने की परंपरा को शरिया और सामाजिक नियमों का उल्लंघन माना है. LGBTQ विरोधी भावनाओं को भड़काने वाली परंपरा कहा.
महिला ने बीच सड़क क्यों उतारे कपड़े? जानें ईरान में किस बात का जता रही थी विरोध
इंडोनेशिया में गे समुदाय के लोगों पर हो चुका हमला
इंडोनेशिया में पहली बार नहीं है, जब उलेमा काउंसिल ने किसी दूसरे जेंडर के कपड़े पहनने का विरोध किया है. ताजा फतवा तब जारी किया गया है, जब इंडोनेशिया में गे समुदाय के लोगों पर हमले हुए. राष्ट्रपति ने तो LGBTQ कल्चर को खतरा बताया है. वहीं फतवे में पुरुषों को चेतावनी दी गई है कि वे स्वतंत्रता दिवस के जश्न पर महिलाओं के कपड़े न पहनें. क्योंकि मुस्लिम-बहुल एशियाई देश में LGBTQ-विरोधी भावनाएं बढ़ रही हैं. काउंसिल ने लेस्बियन, गे, सोडोमी और अश्लीलता (LGSP) के खिलाफ चल रहे अभियान को रोकने की कोशिश की है.