जंग के बीच इजरायल को बड़ा झटका, अरब के मुस्लिम देशों ने जताई नाराजगी, अल-अक्सा मस्जिद से विवाद का कनेक्शन

Middle East War: ईरान युद्ध के बीच बेंजामिन नेतन्याहू से अरब के मुस्लिम देश नाराज हो गए हैं, क्योंकि उन्होंने 16 दिन से दुनिया की सबसे पवित्र मस्जिदों में एक अल अक्सा मस्जिद को बंद रखा हुआ है। अरब लीग ने इजरायल की निंदा करते हुए मामले को अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।

Benjamin Netanyahu

Israel Al Aqsa Mosque: मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग और बेंजामिन नेतन्याहू की मौत की अफवाहों के बीच इजरायल को बड़ा झटका लगा है। रमजान का महीना चल रहा है और ईद का चांद दिखने वाला है, लेकिन इजरायल की अल अक्सा मस्जिद पिछले 16 दिन से बंद है। इस वजह से अरब के मुस्लिम देश भड़के हुए हैं। इन देशों के समूह अरब लीग ने मस्जिद बंद रखने के फैसले पर आपत्ति जताते हुए इजरायल की निंदा की।

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दुनिया की सबसे पवित्र मस्जिदों में से एक

अरब लीग का कहना है कि रोजे चल रहे हैं, ईद आने वाली है। अल अक्सा मस्जिद मुसलमानों के लिए दुनिया की सबसे पवित्र मस्जिदों में से एक है और मुस्लिमों को वहां इबादत करने से रोकने का अधिकारी इजरायल को नहीं है। इजरायल ने मस्जिद को बंद रखने के इजरायल सरकार के फैसले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और दुनियाभर के मुस्लिम देशों से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है।

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फैसले का असर शांति-सुरक्षा पर पड़ेगा

अरब लीग ने कहा कि इजरायल का मस्जिद बंद रखने का फैसला क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के साथ-साथ सुरक्षा पर भी गंभीर असर डाल सकती है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील है कि दुनियाभर के मुस्लिम देश येरुशलम के पवित्र स्थलों पर इजरायल की कथित अवैध कार्रवाइयों को रोकने के लिए उस पर दबाव डालें। मुस्लिम समुदाय की इबादत की आजादी के सम्मान को सुनिश्चित करने में सहयोग करें।

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28 फरवर 2026 को बंद की गई मस्जिद

बता दें कि 28 फरवरी से ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद से इजरायल ने अपने कब्जे वाले पूर्वी येरुशलम में बनी अल-अक्सा मस्जिद को बंद रखा हुआ है। वेस्ट बैंक की इब्राहिमी मस्जिद में सिर्फ 50 नमाजियों को इबादत करने की अनुमति है। 1967 में पूर्वी येरुशलम पर इजरायल के कब्जे के बाद पहली बार रमजान के महीने में मस्जिद को आज सबसे ज्यादा समय तक बंद रखा गया है।

मस्जिद बंदी के पीछे इजरायल का तर्क

इजरायल का तर्क है कि ईरान के हमले के कारण लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर मस्जिद को बंद किया है। ईरान मिसाइलें दागकर नुकसान पहुंचा रहा है। इसलिए अल अक्सा मस्जिद को बंद किया है। इसलिए हजारों फिलिस्तीनी मुसलमानों को पुराने शहर की सड़कों और दीवारों के आस-पास ही नमाज अदा करने को कहा गया है। इससे रमजान के आखिरी 10 दिन में नमाज और इतिकाफ जैसी इबादतें प्रभावित हुई हैं।

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8 इस्लामी देशों ने फैसले को गलत कहा

बता दें कि अरब लीग के अलावा कतर, जॉर्डन, इंडोनेशिया, तुर्की, पाकिस्तान, सऊदी अरब, मिस्र और संयुक्त अरब अमीरात जैसे 8 इस्लामी देशों ने भी मस्जिद को बंद रखने के फैसले को गलत बताया। ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक को-ऑपरेशन (OIC), मुस्लिम वर्ल्ड लीग (MWL), अल-अजहर, अफ्रीकन यूनियन और अरब पार्लियामेंट ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और इबादत की आजादी पर हमला बताया।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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